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नखलऊ ख़ास

भारत माँ को डायन… से लेकर जयाप्रदा की अंडरवेयर तक…जानें कब-कब आजम के बिगड़े बोल

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अपने बयानों से ठण्डी राख में भी शोले भड़का देते हैं आजम, भारत मां को बता चुके हैं डायन

लखनऊ। आजम खां…नाम सुनते ही एक ऐसा चेहरा आंखों के सामने तैर जाता है जो अपने बयानों से ठण्डी राख में भी शोले भड़का सकता है। जिसकी जुबान जब भी खुलती है तो चर्चाएं शुरू हो जाती हैं…बयान इतने कटु कि बगैरत इंसान को भी शर्म आ जाए। ऐसे ही हैं समाजवादी पुरोधा मुलायम सिंह यादव के खास-म-खास आजम खां। कहने को आजम समाजवादी हैं लेकिन उनके बयान सभ्य समाज को शर्मिंदा करने वाले होते हैं।
एक बार फिर से वह अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। एक चुनावी भीड़ को संबोधित करते उन्होंने रामपुर लोकसभा सीट से अपनी प्रतिद्वंदी और भाजपा प्रत्याशी जयाप्रदा पर जो बयान दिया है उसके चलते वह चैतरफा घिर गए हैं। देश की सबसे बड़ी पंचायत तक पहुंचने की जद्दोजहद में जुटे आजम सभी मर्यादाओं को लांघते हुए अपनी प्रतिद्वंदी के अंडरवेयर तक पहुंच गए।

लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लग गए…मैंने 17 दिन में ही पहचान लिया कि उनकी अंडरवियर का रंग खाकी (भाजपा) है। इस बयान के बाद महिला आयोग उन्हें नोटिस भेज चुका है और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।

लेकिन आजम इससे पहले भी कई बार घोर आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं।

जून, 2017 में आजम खान ने सेना को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि कश्मीर, झारखंड और असम में महिलाओं ने सैनिकों को पीटा और उनके निजी अंगों को काट दिया। सच्चाई यह है कि महिलाओं को सेना के बलात्कारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए मजबूर किया जाता है। यह संदेश है कि हिंदुस्तान को शर्म आनी चाहिए।

मई 2017 को आजम खान ने कहा था कि लड़कियों को उन जगहों से दूर रहना चाहिए, जहां पर उनके साथ छेड़छाड़ हो सकती है। उत्तर प्रदेश के रामपुर गांव के एक कॉलेज में ईव-टीजिंग की खबरों के बाद उन्होंने ये बयान दिया।

अगस्त 2016 में बुलंदशहर के पास एक व्यस्त राजमार्ग पर नोएडा की रहने वाली मां और बेटी के साथ गैंगरेप जैसी संवेदनशील और घिनौनी हरकत पर आजम ने कहा कि इसमें राजनीतिक साजिश शामिल हो सकती है।

दिसंबर 2015 में आजम ने कहा, कई आरएसएस नेता अविवाहित हैं क्योंकि वे समलैंगिक हैं।

अक्टूबर 2015 में आजम खां ने नाबालिगों के साथ बलात्कार के लिए मोबाइल फोन को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। सपा नेता ने तब कहा था कि युवा पीढ़ी द्वारा इन गैजेट्स का दुरुपयोग नाबालिगों के बलात्कार में खतरनाक वृद्धि का कारण बना है।

दिसंबर 2015 में ही आजम ने भारत मां को डायन करार दिया था। उन्होंने कहा कि जो मां अपने बेटों के खून की प्यासी हो, वह मां नहीं डायन है।

2014 लोकसभा चुनाव के दौरान आजम ने कहा था, कारगिल की पहाड़ियों को फतह करने वाला कोई हिंदू नहीं थी, बल्कि करगिल की पहाड़ियों को नारा-ए-तकबीर अल्लाह-हू-अकबर कहकर फतह करने वाला मुसलमान फौजी था।

ऐसे ही न जाने कितने और कितनी बार आजम अपने बयानों से साबित करते रहे हैं कि वह मानसिक दिवालियापन शिकार हैं और उनकी राजनीति कितने निम्न स्तर की है। लेकिन इसके बावजूद वह राजनीति में एक के बाद एक सीढि.यां चढ.ते गए। इसके पीछे पहली वजह तो मुलायम सिंह यादव का वरदहस्त है तो वहीं दूसरा पहलू भारतीय राजनीति का जातिवादी पहलू भी जिम्मेदार है। क्योंकि भारतीय मतदाता उम्मीदवार के गुण-अवगुण न देखकर उसकी जाति के आधार पर वोट देता है फिर चाहे वह आजम खां जैसे बयानवीर ही क्यों न हों।
फिलहाल आजम खां के बयान के बाद चुनाव आयोग ने उन्हें नोटिस भेजा है, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सपा नेता के बयान की आलोचना करते हुए मुलायम सिंह यादव को भीष्म पितामह न बनने की नसीहत दी है तां वहीं केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने भी आजम की खिंचाई की है। कभी आजम को भाई मानने वाली जयाप्रदा ने उन्हें करारा जवाब दिया है। अब इस मामले में चुनाव आयोग का क्या रुख होता है यह अभी शेष है।

विवादों के बादशाह का राजनीतिक सफर

14 अगस्त 1948 को रामपुर के मोहल्ला घायर मीर बाज खान में जन्मे आजम खान ने छात्र जीवन में ही राजनीति में कदम रख दिया था। रामपुर के डिग्री कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी चले गए। यहां वकालत की पढ़ाई के दौरान उन्हें सियासत का चस्का लग गया और छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए। 1976 में उन्होंने जनता पार्टी का दामन थाम लिया और प्रदेश की सियासत की सीढ़ियां चढ़ने लगे।
सक्रिय राजनीति में उतरने के 5 सालों के अंदर ही आजम खान विधानसभा में पहुंच गए। 1980 में उन्होंने जनता पार्टी (सेकुलर) के टिकट पर रामपुर सीट से विधानसभा तक पहुंच गए। इस बीच जनता पार्टी में बिखराव का सिलसिला जारी रहा, लेकिन आजम खान की जीत का सिलसिला नहीं रुका। 1985 में वह लोकदल के टिकट पर, 1989 में जनता दल के टिकट पर और 1991 में जनता पार्टी के टिकटपर चुनाव जीतते रहे।

1992 में थामा समाजवादी पार्टी का दामन

1992 में जब मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी बनाई तो आजम खान भी साथ आ गए। 1993 में यूपी विधानसभा चुनाव में आजम सपा के टिकट से चुनाव मैदान में उतर जीत दर्ज करने में सफल रहे। हालांकि 1996 में कांग्रेस के अफरोज अली खान ने आजम को उन्हीं के गृह जनपद रामपुर में पटकनी दे दी। लेकिन सपा ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया। अब आजम खां सपा में प्रमुख मुस्लिम चेहरा बन चुके थे। आजम खान की शख्सियत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह अबतक कुल 9 बार विधायक और 5 बार यूपी सरकार में मंत्री रह चुके हैं।

भगवा लहर में भी अपना गढ़ बचाने में रहे सफल

आजम खान की पत्नी का नाम ताजीन फातिमा है और उनके दो बेटे हैं. साल 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी की लहर चल रही थी, तब भी आजम खान अपना गढ़ बचाने में कामयाब रहे थे। उन्होंने खुद जीत तो हासिल की ही थी, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम भी स्वार विधानसभा सीट से जीत दर्ज करने में कामयाब रहे थे। इस बार आजम खान लोकसभा चुनाव के रण में हैं और एक बार फिर चर्चा में हैं।http://www.satyodaya.com

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VIRAL VIDEO: मामूली कहासुनी में पड़ोसियों ने बहन-भाई पिटाई की…

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लखनऊ। शहर में आए-दिन मारपीट और कहासुनी से सम्बंधित मामलों की खबरें देखने को मिलती ही रहती है। ऐसे में एक ताजा मामला थाना निगोहा क्षेत्र का सामने आया है, जिसमें मामूली विवाद में कहासुनी को लेकर पड़ोसियों ने बहन-भाई की पिटाई कर दी।

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इस पिटाई में भाई बहन को काफी गंभीर चोट आई, जिससे दोनों बुरी तरह से घायल हो गए । इस पूरी घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने पुलिस को पहुंचाई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों भाई बहनों को अस्पताल में भर्ती करवाया। पुलिस के मुताबिक पीड़ितों की तहरीर पर पड़ोसियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

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पक कर तैयार गेंहू की फसल में लगी आग, किसानों का है रो-रो कर बुरा हाल

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आग बुझाने पहुंची दो दमकल गाड़ियां

लखनऊ। राजधानी में आग लगने से होने वाला नुकसान दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।अभी कुछ दिनों पहले ही हाई वोल्टेज तार के कारण गेहूं की कई बीघा फसल जल कर राख हो गयी थी।वहीं ताजा घटना सरोजनीनगर थाना क्षेत्र की है।जहां गेंहू की फसल में आग लगने से किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है।

जानकारी के अनुसार किसानों की पक कर तैयार हुई गेंहू की फसल में आग लग जाने से पुरे क्षेत्र में हंगामा मच गया।सुचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची दमकल गाड़ियां गेंहू के खेत में लगी आग को बुझाने का प्रयास कर रही हैं।अनुमान लगाया जा रहा है कि करीबन 200 से 250 बीघा फसल जलकर राख हो गयी है। जहां एकतरफ आग लगने के कारणों का अब तक पता नही चल पाया है।वहीं पक कर तैयार हुई फसलों के जल कर राख होने से किसानों का बुरा हाल है।http://www.satyodaya.com

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दरोगा के बेटे की छेड़छाड़ से तंग आकर छात्रा ने किया सुसाइड का प्रयास

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लखनऊ। राजधानी में जहां एक तरफ महिला सुरक्षा को लेकर दावे किए जाते है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर किए गए दावे फेल होते हुए नजर आ रहे है। ऐसे में शहर में ऐसी ही एक घटना में इंद्रानगर थाना क्षेत्र के राजीव नगर इलाके में रहने वाली एक छात्रा ने आत्महत्या का प्रयास किया। इस पूरे मामले में दरोगा के बेटे राज कुमार यादव 23 वर्षीय छात्रा को काफी दिनों से तंग कर रहा था, जिससे आहत होकर छात्रा ने सुसाइड का प्रयास किया ।

राजीव नगर इलाके में रहने वाला एक युवक राज कुमार यादव जो एक दरोगा का बेटा है, वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा को बीते कुछ दिनों से तंग किए जा रहा था, इस बात से छात्रा काफी ज्यादा परेशान हो गई और अपने घर की तीसरी मंजिल से कूद कर सुसाइड का प्रयास किया । तीसरी मंजिल से कूदने पर छात्रा की दोनों पैर व कमर टूटने के साथ चेहरे पर गंभीर चोटें आई है। इस पूरी घटना के बाद पीड़ित छात्रा के परिजनों ने तुरंत उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां डॉक्टर्स ने उसका इलाज किया। पीड़ित छात्रा के पिता का आरोप है कि बीते कुछ दिनों पहले राजकुमार यादव ने मेरी बेटी के किडनैप में असफल रहा, जिसके बाद राजकुमार ने मेरी बेटी को घर से 500 मीटर की दूरी पर ले जाकर पिटाई करने की कोशिश की इतने में छात्रा के मामा के लड़के ने मौके पर पहुंच कर उसकी जान बचाई तभी बौखलाए हुए राजकुमार ने छात्रा को यह धमकी दी कि मैं तुम्हारे परिवार वालों को जान से मार दूंगा और तुम्हारे ऊपर तेजाब भी फेक दूंगा।

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पीड़ित छात्रा के पिता का यह भी कहना है कि इस पूरे मामले की सूचना जब मैं पुलिस के पास लेकर गया, तब इंदिरानगर थाने में कार्यरत चौकी इंचार्ज राजिव सिंह चौहान ने मुझ पर दबाव डाला कि समझौते के साथ मामले को रफा-दफा कर लो । जिसके बाद इस पूरे मामले की सूचना में सीओ के पास भी लेकर गया पर उनसे मुलाकात ना होने पर मामला दर्ज न हो सका।

पीड़िता का कहना है कि इलाके के दबंग राजकुमार यादव की प्रताड़ना से परेशान होकर मैंने  सुसाइड का प्रयास किया और बताया कि आरोपी राजकुमार यादव एक दिन में 300 कॉल करके मुझे परेशान करता था। मैंने राजकुमार की हरकत से परेशान होकर अपना नंबर बदला लेकिन राजकुमार फिर भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और मुझे तंग करने का सिलसिला जारी रखा, जिसके कारण मुझे सुसाइड करने पर मजबूर होना पड़ा।छात्रा ने सुसाइड करने से पहले सुसाइड नोट भी लिखा था। कल देर शाम की इस घटी घटना में पीड़िता के परिजनों की तहरीर पर आईपीसी की धारा 354 और 109 के तहत राजकुमार यादव पर मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर मामले की पूछताछ में लगी है।

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