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नखलऊ ख़ास

महिला दिवस पर जानिये किस हद तक है, नवाबी लखनऊ महिलाओं के साथ

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आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के ख़ास मौके पर सर्वप्रथम सभी देश की सभी महिलाओं और लडकियों को ढ़ेरों बधाईयाँ । 8 मार्च को यह विशेष दिन अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं का सम्मान करने और उनकी प्राप्त उपलब्धियों का उत्सव मनाने का दिन है। महिला दिवस के ख़ास मौके पर हम बात करेंगे नवाबों के शहर लखनऊ कि जो अपनी तहजीब के लिए मशहूर है यहाँ की महिलाएं और लडकियाँ अपने साहस और बेबाक़ अंदाज़ के लिए जानी जाती है । लखनऊ की महिलाओं में एक विशेष तरह की आत्मनिर्भरता है । जिससे की महिलाओं को समाज में अपनी जगह बनाने का अवसर प्राप्त हुआ है और इसी आत्मनिर्भरता को कायम रखने के लिए सरकार ने भी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के कई तरह की सुविधाओं को लागू किया है । ताकि महिलाओं को समाज में उनकी सही जगह मिल सकें और अपने काम को पूरी निष्ठा के साथ पूरा कर सकें ।

आइये जानते है लखनऊ में महिलाओं को प्रदान की सुविधाओ के बारे में और उनकी आत्मनिर्भरता के साथ काम करने की कला को :

1090 वूमेन पॉवर लाइन सेवा :

राजधानी लखनऊ में उत्पीड़न की घटनाओं को सख्ती से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वूमेन पॉवर लाइन 1090 की स्थापना की गयी है । 8 सालो से यह सेवा निरन्तर कार्य कर रही है। महिला सशक्तीकरण की दिशा में वूमेन पॉवर लाइन ने अपनी एक अलग पहचान बनायी है। वूमेन पावर लाइन 1090 सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए वर्ष 2014 में “Women Security App 1090” सेवा भी शुरू की गयी है । जिससे महिलाओं को मदद मिलने में आसानी हो सके । ये सेवा महिलाओं के लिए काफी लाभप्रद है ।

पिंक बस सेवा :

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार महिलाओं को एक खास तोहफा भी दिया है । परिवहन निगम ने लखनऊ के अवध डिपो से 17 एसी महिला स्पेशल पिंक एक्सप्रेस बसे चलाने का निर्णय लिया है इन बसों में सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे. सुरक्षा के लिहाज से हर सीट पर खास पैनिक बटन लगा होगा जो डायल 100 से कनेक्ट होगा । असुरक्षा महसूस होने पर जब कोई महिला इस पैनिक बटन को दबाएगी तो सीधे पुलिस कंट्रोल रूम में इसकी जानकारी हो जाएगी और वहां से नजदीकी पुलिस बेहद कम समय में आपकी सुरक्षा के लिए पहुंच जाएगी । ये सेवा महिलाओं के लिए सुच में एक बहुत बड़ा तोहफ़ा है ।

महिला बस ड्राइवर और कंडक्टर की सेवा :

योगी सरकार ने पिंक बस सेवा की शुरुवात की है इन बसों की खासियत ये होगी कि इनमें ड्राइवर और कंडक्टर महिला ही होगी । ये सुविधा देने का एक फ़ायदा ये भी है,की महिलाओं को एक ओर रोजगार की भी प्राप्ति होगी और वे आत्मनिर्भर बन कर किसी भी काम को कर सकती है । इसी के साथ साथ लखनऊ में बहुत सी ऐसी महिलाएं भी है जो ई -रिक्शा चला कर भी अपने परिवार का भरण पोषण करती हैं ।

पेट्रोल पंप पर काम करने की सुविधा :

लखनऊ में अब तो पुरुषो के साथ महिलाएं भी पेट्रोल पंप पर काम करती हुई नज़र आती है ।पहले ऐसी कोई वयवस्था नहीं थी पर अब महिलाओं को भी पेट्रोल पंप पर काम करने की छूट है । इससे भी महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले है जिससे उनके अन्दर आत्मविश्वास जागृत हुआ है ।

परीक्षा के क्षेत्र में भी लड़कियां आगे :

अगर आजकल की लड़कियों पर नजर डालें तो हम पाते हैं कि ये लड़कियां आजकल पढाई के मामले में बहुत बाज़ी मार रही हैं । लडकियों ने पढाई में लड़को को अच्छी खासी मात दी है ।किसी समय में लडकियों को कमजोर समझा जाता था, किंतु इन्होंने अपनी मेहनत और मेधा शक्ति के बल पर हर क्षेत्र में प्रवीणता अर्जित कर ली है।

NGO की भी सुविधा :

लखनऊ में महिलाओं के लिए NGO सुविधा भी है । यहाँ पर कई तरह के NGO है जैसे : आली , एडवा आदि । ये सब NGO महिलाओं की हित की सुरक्षा के लिए बनाये गए हैं । ये संस्थाए ऐसी महिलाओं को सहायता प्रदान करती है,जो की लाचार है या जिनको घर वालों के द्वारा सहायता नही मिलती है । ऐसी संस्थाए महिलाओं को कार्य भी प्रदान करती हैं ।

अंत में बस ये कहना चाहती हूँ कि महिला एक ऐसी शक्ति होती है जो किसी भीं काम को निडरता के साथ पूरा करने का हुनर रखती है इसलिए महिलाओं को समझने का प्रयास करना चाहिए और उनको किसी से भी कम नहीं समझना चाहिए । http://WWW.SATYODAYA.COM

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लखनऊ लाइव

त्योहारों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लखनऊ के सभी थानों में पीस कमेटी की हुई बैठक

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लखनऊ। त्योहारों का सीजन आ गया है। एक के बाद एक त्योहार लोगों की जिंदगी में ढेर सारी खुशियां लेकर दरवाजे पर खड़े हैं। ऐसे में पुलिस के लिए भी काम बढ़ गया है। नवरात्रि, दशहरा व दुर्गा पूजा को राजधानी के लोग शांति और सुरक्षा के साथ मना सके इसलिए एसएसपी कलानिधि नैथानी के निर्देश पर जनपद लखनऊ के विभिन्न थानों में पीस कमेटी की मीटिंग की गई है। जिससे इन त्योहारों को सकुशल संपन्न कराया जा सके।

दरअसल, एसएसपी लखनऊ कलानिधि नैथानी ने आगामी त्योहारों नवरात्रि, दशहरा व दुर्गा पूजा को ध्यान रखते हुए निर्देश दिये थे। उनके आदेश के अनुपालन में रविवार को जनपद लखनऊ के विभिन्न थानों पर पुलिस अधिकारीगणों ने थाना क्षेत्र के सम्मानित व सभ्रांत व्यक्तियों के साथ पीस कमेटी की मीटिंग की है।

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इस मीटिंग में त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने व सदभावपूर्वक मनाने के लिए लोगों से अपील की गई। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान यातायात और सुरक्षा-व्यवस्था आदि के सम्बंध में होने वाली समस्याओं के समाधान से सम्बंधित चर्चा भी की गई।http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

दबंग पड़ोसी ने भाई-बहन पर किया चाकू से हमला, जांच में जुटी पुलिस

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लखनऊ। राजधानी में लगातार बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र स्थित बैरीशालपुर गांव में रविवार को बेखौफ बदमाश ने एक भाई-बहन पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाश ने दोनों पर चाकू से कई वार किये जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बदमाश के चंगुल से छूटने के बाद भाई-बहन ने थाने पहुंचकर पुलिस को आप बीती सुनाई और पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले पर कार्रवाई करने की बात कही है।

बताया जा रहा है कि विपक्षी ने एक युवक के ऊपर चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसको बचाने के लिए जब बहन बीच में आई तो उसने बहन पर भी चाकू से वार कर दिया और मौके से भाग निकला।

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पुलिस से मिल रही जानकारी के मुताबिक, राजेश बैरीशालपुर थाना मोहनलालगंज ने लिखित तहरीर दी है कि उसे उपरोक्त गांव निवासी विपक्षी रमेश ने चाकू से हमला कर चेहरे पर कई वार किए और गंभीर रूप से घायल कर मौके से भाग निकला। पड़ोसी द्वारा किए गए इस हमले के दौरान उसकी बहन सुमित्रा उसे बचाने आई तो बेखौफ होकर राजेश ने उसे भी चाकू के हमले से घायल कर दिया। दोनों भाई-बहन का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले की जांच कर रही है।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ लाइव

चकबंदी विभाग के विलय का विरोध, उत्तर प्रदेश राजस्व महासंघ ने आंदोलन की दी चेतावनी

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लखनऊ। चकबंदी विभाग का राजस्व विभाग में विलय को लेकर राजस्व विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों में घमासान मचा गया है। इस विलय के खिलाफ राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों ने रविवार को एक महासंघ का गठन कर विलय की सम्भावना के मद्देनजर आरपार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ लोक निर्माण विभाग के प्रेक्षागृह में एक पत्रकार वार्ता आयोजित हुई। इसमें तहसील/नायब तहसीलदार संघ के प्रदेश अध्यक्ष निखिल शुक्ला, महामंत्री अनुराग सिंह, लेखपाल संघ के प्रदेश महामंत्री ब्रजेश श्रीवास्तव, राजस्व निरीक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द शर्मा, महामंत्री जितेन्द्र सिंह, अमीन संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष समर बहादुर सिंह ने कहा कि अपर मुख्य सचिव राजस्व विभाग द्वारा अध्यक्ष राजस्व परिषद को प्रेषित एक पत्र में चकबंदी विभाग के राजस्व विभाग में विलय/प्रतिनियुक्ति सम्बंधी मागें गए प्रस्ताव का जोरदार विरोध प्रदेश के लगभग 40 हजार अधिकारी कर्मचारी कर रहे है। उन्होंने कहा कि अगर यह विलय किया गया तो राजस्व विभाग का उक्त समूह अक्टूबर माह में सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होगा।

उन्होंने बताया कि पूर्व में तत्कालीन राजस्व मंत्री अम्बिका चौधरी के कार्यकाल में चकबंदी विभाग का विलय राजस्व विभाग में कराने का काफी प्रयास किया जा चुका है। लेकिन कर्मचारी संगठनों के विरोध तथा राजस्व अधिकारियों की पदोन्नति एवं जेष्ठता सम्बंधी खतरे के चलते उक्त प्रयास असफल रहे। कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि दोनों विभागों का अपना अपना महत्व है। निस्तारण में और भी जटिलताएं उत्पन्न होंगी। वहीं कर्मचारियों की जेष्ठता एवं पदोन्नति के मार्ग अवरूद्ध होगें। उन्होंने यह भी बताया कि शासन स्वंय मान रहा है कि चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है, इसे दूर किये जाने की आवश्यकता है लेकिन इसका हल किसी विभाग का विलय या समायोजन, आमेलन या प्रतिनियुक्ति से नही हो सकता। वैसे भी उत्तर प्रदेश में बहुत बड़ा कृषि क्षेत्र है। जहां छोटी छोटी जोते, मिनजुमला जोतें विद्यमान हैं जिन्हें चकबंदी के माध्यम से ठीक किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक 20 वर्षों में चकबंदी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। लेकिन वास्तविकता यह है कि प्रदेश में 1100 ग्रामों में अभी भी प्रथम चक्र की चकबंदी प्रक्रिया प्रारम्भ नही हो सकी है। इन ग्रामों में लगभग 100 वर्ष (1925) का बन्दोबस्त (अभिलेख) मौजूद है। इन अभिलेखों के नवीनीकरण न होने से भूमि विवाद होते रहते है।

उन्होंने कहा कि चकबंदी प्रक्रिया से निवासियों को, विद्यालय, चकमार्ग,बंजर नाली, ऊसर, चरागाह,खलिहान, खेल मैदान आदि सार्वजनिक उपयोग की भूमियां उपलब्ध कराई जाती है। चकबंदी प्रक्रिया एक तकनीकी/विशेषीकृत प्रक्रिया है, जिस की प्रदेश में बहुत आवश्यकता है। राजस्व विभाग में पहले ही नायब तहसीलदारों के 1234 पदों के सापेक्ष 1000 पद, राजस्व निरीक्षकों के 4281 पदों के सापेक्ष 1000 पद रिक्त है।

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चकबंदी विभाग के विलय के बाद राजस्व विभाग के कामकाज में गैर अनुभवी कर्मचारी अधिकारियों का विलय हो जाएगा। जिसकी वजह से प्रदेश में चकबंदी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ऐसे में भूमि विवाद कम से कम दो गुना बढ़ जाएगे। उन्होंने बताया कि राजस्व विभाग के विशिष्ठ दायित्वों/महत्व के दृष्टिगत लेखपाल, संग्रह अमीन का प्रारम्भिक ग्रेड 2800 रूपये (लेविल-5), राजस्व निरीक्षक ग्रेड पे 4200 ( लेविल-6) व नायब तहसील ग्रेड पे 4800 (लेविल-8) किया जाए। इसके अलावा महासंघ के पदाधिकारियों ने यह भी मांग रखी है कि राजस्व निरीक्षक, नायब तहसीलदार, तहसीलदार व डिप्टी कलेक्टर के पदों पर तत्काल डीपीसी कराई जाई। http://www.satyodaya.com

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