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लखनऊ बाज़ार

इस बार होली को खास बनाने के लिए बाज़ार में अलग तरह कि मिठाईयों कि धूम

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नए- नए आइटम्स से सजी दुकानें

किसी भी त्योहार को खास बनाते है,तरह -तरह के पकवान और मिठाईयां जिसकी तैयारी  पहले से ही शुरू हो जाती है।अभी की बात करे तो होली आने वाली है। इसके मद्देनजर बाज़ारों में अभी से हलचल दिखने लगी है। हर साल होली में गुझिया की डिमांड सबसे ज्यादा होती है। पर इस बार होली पे कुछ खास तरह की नयी मिठाईयां और नमकीन भी बाज़ार में उपलब्ध है।

अमीनाबाद की बात करे तो पिछले साल वही पारंपरिक मिठाईयां बाज़ार कि रौनक थी। उस से अलग इस बार होली को और भी खास बनाने के लिए दुकानदारों ने  नए- नए आइटम्स लगा कर अपनी दुकानें सजा ली है। ऐसे ही 55 नंबर दुकान के श्याम प्रकाश पांडेय ने बताया की इस बार हमने चस्का दालमोट और हरे मखाने की नमकीन लगाई है। जो अभी तक इस मार्केट में नहीं आई थी। जिसकी कीमत मात्र 160 रुपए किलो है। नमकीन थोड़ी तीखी व मीठी है जो हमारे ग्राहकों को भी बहुत पसंद आ रही है। वे बार बार इस नमकीन को खरीद रहे हैं।

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जबकि प्रेम नारायण सोनकर नमकीन भंडार की ज्योति सोनकर ने बताया कि इस बार हमने नए आइटम्स में केसरिया पेठा और बाकरबाड़ी घर में बनाया है। जिससे ग्राहकों को बाजार में भी घर वाला स्वाद मिल रहा है। इसकी कीमत बस 120 रुपए पैकेट है। इसके अलावा हमारे पास 28 प्रकार के नमकीन व 13 मैदा के आइटम है।http://www .satyodaya .com

 

 

सर्राफ़ा

सोना और चांदी ने लगाई और ऊंची छलांग, गोल्ड 38,000 हजार के पार

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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मजबूती के समाचार, डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट और कच्चे तेल की कीमत में बढ़ोतरी से दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को दोनों कीमती धातुओं ने लंबी छलांग लगाई। सोना 475 रुपए की तेजी के साथ एक बार फिर 38,000 रुपए प्रति दस ग्राम से ऊपर निकल गया। चांदी हाजिर 370 रुपए की छलांग के साथ 44,680 रुपए प्रति किलोग्राम रही।
कारोबारियों के अनुसार विदेशी बाजारों में सोने की कीमतों में तेजी से घटबढ़ बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक बार फिर 1524.90 डॉलर प्रति ट्राय औंस को छूने के बाद नरम हैं। चांदी भी 17 डालर प्रति ट्राय औंस के आसपास बनी हुई है। स्थानीय स्तर पर भाव ऊंचे होने से हालांकि मांग कमजोर है। कारोबारियों का कहना है कि खरीदार पुराने सोने की अदला-बदली पर अधिक जोर दे रहे हैं। भाव ऊंचा होने की वजह से जुलाई में सोने का आयात 42 प्रतिशत गिरकर 1.71 अरब डॉलर का रह गया। डॉलर के मुकाबले रुपए के कमजोर पड़ने और कच्चा तेल मजबूत होने का भी स्थानीय बाजार में कीमती धातुओं पर असर पड़ा है।

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स्थानीय सर्राफा बाजार में हालांकि पीली धातु में मांग कम थी, लेकिन विदेशी भावों और रुपए की कमजोरी का देखते हुए सोना स्टैंडर्ड 475 रुपए की छलांग लगाकर 38420 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। बारह अगस्त के कारोबार में सोना 38,470 रुपए बिका था। सोना बिटुर भी 475 की छलांग से 38250 रुपए प्रति दस ग्राम बोला गया। चांदी हाजिर में औद्योगिक मांग जारी रहने से 44680 रुपए पर 370 रुपए प्रति किलो का उछाल आया। चांदी वायदा 43824 रुपए पर 594 रुपए प्रति किलो ऊपर बोला गया। चांदी सिक्का लिवाली, बिकवाली 200-200 रुपए प्रति सैंकड़ा की छलांग लगाकर 90 हजार और 91 हजार रुपए प्रति सैंकड़ा हो गया। गिन्नी 28700 रुपए प्रति आठ ग्राम पर टिकी रही।

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मार्केट

भारत में डिजीटल बदलाव के लिए जियो और माइक्रोसॉफ्ट ने मिलाया हाथ

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मुंबई। रिलायंस जियो इंफोकॉम लिमिटेड (जियो), रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की सहायक कंपनी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन, ने भारतीय अर्थव्यवस्था और समाज को डिजीटल आधार पर तेजी से बदलने के लिए एक नया करार किया है। यह नया सहभागिता करार एक अनूठे, व्यापक, दीर्घकालिक रणनीतिक संबंध पर आधारित है।

यह 10 साल की प्रतिबद्धता दोनों कंपनियों की विश्वस्तरीय क्षमताओं को जोड़ती है। जिसमें कनेक्टिविटी, कंप्यूटिंग, स्टोरेज समाधान और अन्य प्रौद्योगिकी सेवाओं और भारतीय व्यवसायों के लिए आवश्यक उपयोगों के विस्तृत सेट की पेशकश करती है। इसके मौजूदा और नए व्यवसाय सहित व्यापक रिलायंस इंडस्ट्रीज ईकोसिस्टम का विस्तार करेगी।

अपने प्रयासों को संयुक्त करते हुए, जियो और माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य डेटा एनालिटिक्स, एआई, कॉगनिटिव सर्विसेज, ब्लॉकचेन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसी अग्रणी तकनीकों को अपनाना और छोटे और मध्यम उद्यमों के बीच एज कंप्यूटिंग को गति देने और विकसित करने के लिए उन्हें तैयार करना है। इसके साथ ही इस प्रयास का उद्देश्य भारत में प्रौद्योगिकी के नेतृत्व वाली जीडीपी वृद्धि और बड़े पैमाने पर अगली पीढ़ी की तकनीकि के समाधान को अपनाना की प्रक्रिया को तेज करना है।

इस नए समझौते के हिस्से के रूप में

– जियो अपने आंतरिक कार्यबल को क्लाउड आधारित उत्पादकता और सहभागिता टूल्स माइक्रोसॉफ्ट 365 के साथ उपलब्ध कराएगा और अपने नॉन-नेटवर्क एप्लीकेशंस को माइक्रोसॉफ्ट एज्यूर क्लाउड प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करेगा।

– जियो की कनेक्टिविटी बुनियादी ढांचा, जो हर किसी को, हर जगह, हर जगह से जोड़ने का लक्ष्य है, जियो क्लाउड फर्स्ट रणनीति के एक हिस्से के तौर पर स्टार्टअप्स के बढ़ते ईकोसिस्टम के भीतर माइक्रोसॉफ्ट एज्यूमर क्लाउड- प्लेटफॉर्म को अपनाने को बढ़ावा देगा।

– जियो अगली पीढ़ी की गणना, स्टोरेज और नेटवर्किंग क्षमताओं से युक्त भारत भर के स्थानों में डेटा सेंटर  स्थापित करेगा, और जियो की ऑफरिंग का समर्थन करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट जियो ऑफरिंग्स का समर्थन करने के लिए अपने एज्यूर प्लेटफॉर्म को लागू करेगा। शुरुआत में दो डेटासेंटर स्थापित किए जाएंगे जिनमें 7.5 मेगावाट बिजली की खपत करने वाले आईटी उपकरणों को स्थापित किया जाएगा। इन पहले दो डेटा सेंटर्स को गुजरात और महाराष्ट्र राज्यों में स्थापित किए जा रहा है। इन्हें कैलेंडर वर्ष 2020में पूरी तरह से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।

– जियो माइक्रोसॉफ्ट एज्यूर क्लाउड प्लेटफॉर्म का लाभ उठाएगा ताकि भारतीय व्यवसायों की आवश्यकताओं पर केंद्रित अभिनव क्लाउड समाधान विकसित किया जा सके।

इन जियो द्वारा विकसित समाधानों के माध्यम से

ए. भारतीय स्टार्टअप के पास कुशल और किफायती क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और प्लेटफॉर्म सेवाओं तक पहुंच होगी, जिससे वे इनोवेटिव उत्पादों और सेवाओं को तेजी से और अधिक लागत प्रभावी ढंग से विकसित कर सकेंगे।

बी. भारत में छोटे और मझोले व्यवसायों में माइक्रोसॉफ्ट 365 सहित क्लाउड-आधारित उत्पादकता, सहयोग और व्यावसायिक अनुप्रयोगों की पहुंच होगी, जिससे वे भारतीय बाजार में अधिक प्रभावी रूप से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

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सी. बड़ी कंपनियाँ नए जियो समाधानों का लाभ उठाकर अपने स्वयं के डिजिटल परिवर्तनों में तेजी लाने में सक्षम होंगी जो कई बड़े उद्यमों के भीतर आज पहले से ही उपयोग किए जा रहे माइक्रोसॉफ्ट ऑफरिंग्स के साथ काम कर सकते हैं।

डी. भारत में साझीदार ईकोसिस्टम के पास अपने ग्राहकों की अनूठी जरूरतों को पूरा करने के लिए जियो के नए ऑफर्स का लाभ उठाने और अपने व्यवसायों को तेजी से विकसित करने का अवसर होगा।

– जियो प्रमुख भारतीय भाषाओं और बोलियों का समर्थन करने वाले समाधानों को विकसित करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर काम करके भारतीय ग्राहकों के लिए एकीकृत भाषण और कंप्यूटर विजन समाधानों के अपने दृष्टिकोण पर अमल करेगा, जो भारतीय समाज के सभी क्रॉस-सेक्शन में टेक्नोलॉजी को अपनाने को बढ़ावा देगा।

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो, माइक्रोसॉफ्ट के साथ ये सहभागिता करते हुए बेहद खुश है।  ये हमारे उन प्रयासों को और गंभीरता प्रदान करते हैं, जो कि सभी भारतीयों को तकनीक का उपयोग करने का बेहतर अवसर प्रदान करता है। यह एक अनोखी और पहली तरह की साझेदारी है जो छोटे-बड़े भारतीय उद्यमों के लिए महत्वपूर्ण मूल्य बनाने पर केन्द्रित दो बड़ी कंपनियों की क्षमताओं को सामने लाती है। जियो के विश्वस्तरीय डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और माइक्रोसॉफ्ट एज्यूर क्लाउड प्लेटफॉर्म पर केन्द्रित इनोवेटिव और किफायती क्लाउड-सक्षम डिजिटल समाधान विकसित करने के लिए एक साथ काम करके, हम भारतीय अर्थव्यवस्था के डिजिटलीकरण में तेजी लाएंगे और विश्व स्तर पर भारतीय व्यवसायों को प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। यह तकनीक-सक्षम मूल्य निर्माण का प्रदर्शन करने के लिए दुनिया के लिए एक बेहतर प्रदर्शन होगा जो विस्तार की क्षमता प्रदान करने के साथ ही संपूर्ण भी है।

वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला ने कहा कि हमारे पास भारत भर के संगठनों को नया और विकसित करने में मदद करने के लिए टेक्नोलॉजी में प्रगति को लागू करने का एक अविश्वसनीय अवसर है। जियो की अग्रणी कनेक्टिविटी और एज्यूर, एज्यूर एआई और ऑफिस 365 के साथ डिजिटल समाधानों के संयोजन से देश में लाखों व्यवसायों के लिए कम्प्यूटरीकृत, स्टोरेज, उत्पादकता और अधिक के लिए शक्तिशाली उपकरण और प्लेटफॉर्म आएंगे।http://www.satyodaya.com

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मार्केट

विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल सेवा कंपनी, Jio ने भारत को डेटा शाइनिंग बनाया

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मुंबई। जियो 340 मिलियन से अधिक ग्राहकों के साथ दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती डिजिटल सेवा कंपनी बनी हुई है। जियो ग्राहकों, राजस्व और मुनाफे के मामले में भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम इंटरप्राइज है। हर महीने जियो के साथ 10 मिलियन नए ग्राहक डिजिटल हो रहे हैं। जियो न केवल भारत में सबसे बड़ा ऑपरेटर बन गया है बल्कि दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा कंट्री ऑपरेटर भी है।

रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो अब नई सेवाओं की पेशकश करने के लिए तैयार है।  जिनमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स, होम ब्रॉडबैंड, एंटरप्राइज ब्रॉडबैंड के साथ ही छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए ब्रॉडबैंड शामिल है। इनमें से प्रत्येक सर्विस से राजस्व इस वित्तीय वर्ष के भीतर ही शुरू हो जाएगा।

जियो ने अपने पैन-इंडिया 4जी नेटवर्क पर एक इनोवेटिव सर्विस विकसित की है। जिसे नैरोबैंड इंटरनेट-ऑफ-थिंग्स कहा जाता है। कई बिलियन स्मार्ट सेंसर से एनबीआईओटी डेटा का उपयोग करते हुए क्या भारत में आवासीय, औद्योगिक या सार्वजनिक उच्चतम विश्वसनीयता और न्यूनतम लागत के साथ एकत्र किया जा सकता है। जियो का लक्ष्य जियो के आईओटी प्लेटफॉर्म पर इनमें से कम से कम एक बिलियन को जोड़ना है। यह जियो के लिए प्रति वर्ष 20,000 करोड़ रुपए के राजस्व अवसर को पैदा करता है। जियो का आईओटी प्लेटफॉर्म 1 जनवरी, 2020 से व्यावसायिक रूप से उपलब्ध होगा।

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जियोफाइबर, पिछले साल के 15 अगस्त से शुरू होकर लगभग 1,600 शहरों से 15 मिलियन से अधिक रजिस्ट्रेशन प्राप्त करने में सफल रहा है। इन रजिस्ट्रेशन के आधार पर  जियो की योजना इन 1,600 शहरों में 20 मिलियन निवास और 15मिलियन व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंचने की है।http://www.satyodaya.com

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