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कोरोना का कहर: 6 दिन में निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपए डूबे

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खतरनाक वायरस के भय से सहमा वैश्विक शेयर बाजार

लखनऊ। मौत का दूसरा नाम बन चुका कोराना वायरस अब वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी अपनी चपेट में ले रहा है। चीन के वुहान से शुरू होकर यह महामारी दुनिया के करीब दो दर्जन देशों में फैल चुकी है। कोरोना की तबाही देखकर दुनिया भर के निवेषक आशंकित हैं। उद्योग धंधे सहम गए हैं। जिसका असर शेयर बाजार सहित दुनिया भर के बाजार पर दिख रहा है। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भी रिकार्ड गिरावट दर्ज की गयी। हालांकि बाजार में गिरावट का दौर पिछले एक सप्ताह से जारी है।

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लेकिन शुक्रवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गयी। जिसके चलते निवेशकों के 6 लाख करोड़ रुपए से अधिक की रकम डूब गयी। शुक्रवार को सेंसेक्स में करीब 1448 अंकों की गिरावट आई। कारोबार के आखिर में यह 38,297 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 432 अंक टूटकर 11,201 के स्तर पर बंद हुआ।

6 दिन में निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपए स्वाहा

शेयर बाजार में शुक्रवार को 11 साल की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी। वहीं सेंसेक्स में नवंबर 2016 के बाद सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गयी है। पिछले 6 कारोबारी दिनों में निवेशकों के 11 लाख करोड़ से अधिक डूब चुके हैं।

मुकेश अंबानी को भी लगी भारी चपत

शेयर बाजार में आई इस गिरावट से भारत के सबसे अमीर उद्योगपति रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी भी अछूते नहीं हैं। इस सप्ताह अंबानी को 5 अरब डॉलर की चपत लग चुकी है। 11 दिनों के अंदर रिलायंस इंडस्ट्रीज को करीब 54 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। अंबानी सहित अन्य भारतीय दिग्गज उद्योगपतियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

अमेरिकी शेयर बाजारों में भी हाहाकार

कोरोना से संक्रमित बाजारों में अमेरिकी शेयर बाजार भी शामिल है। अमेरिका के शेयर सूचकांक एसएंडपी 500 में गुरुवार को 4.4 फीसदी की गिरावट रही। अमेरिकी शेयर बाजार में गुरुवार को 2011 के बाद सबसे बड़ी एक दिवसीय गिरावट दर्ज की गयी। एक अन्य सूचकांक डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज भी करीब 1200 अंक नीचे आकर थमा। इन दोनों सूचकांकों में इतनी भारी गिरावट 2008 के आर्थिक संकट के दौरान अक्टूबर के बाद पहली बार दर्ज की गयी है।http://www.satyodaya.com

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कोरोना संकट: ओला उबर ने शेयरिंग राइड पर लगाया ‘ब्रेक’

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लखनऊ । मौत और खौफ का पर्याय बन चुके कोराना वायरस के चलते भारत में भी सब कुछ थम सा गया है। देश में अब तक करीब आधा दर्जन लोगों की इससे मौत हो चुकी है, जबकि 200 से अधिक लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। वायरस का प्रभाव कम करने के लिए देश में हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है। यातायात के सभी माध्यमों पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है।
इसी क्रम में ओला उबर ने भी शनिवार को बड़ा ऐलान किया है। दोनों कंपनियों ने शेयरिंग राइड पर रोक लगा दी है। जिसका मतलब है कि जो लोग ओला की शेयर और उबर की पूल सेवा का लाभ ले रहे थे, वह अब ऐसा नहीं कर पाएंगे। फिलहाल यह रोक अस्थाई है। बता दें कि ऐप आधारित इन सेवाओं में भी पिछले कुछ दिनों के अंदर भारी गिरावट आई है। कोरोना की बढ.ती दहशत अभी और ज्यादा इन सेवाओं को प्रभावित कर सकती है।

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ओला ने अपने एक बयान में कहा कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए ओला शेयर सुविधा को अगले आदेश तक अस्थाई तौर पर बंद किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि उसकी माइक्रो, मिनी, प्राइम, रेंटल और आउटस्टेशन सेवाएं जारी रहेंगी । इसी तरह, उबर की ओर से जारी बयान में कहा, कोरोना वायरस के फैलाव को कम करने में मदद के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। इसलिए जिन शहरों में हम सेवाएं देते हैं, उन शहरों में उबर पूल की सेवाएं निलंबित रहेंगी।http://www.satyodaya.com

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कोरोना का कहर: शेयर बाजार में हाहाकार, निवेशकों के 11 लाख करोड़ रुपए स्वाहा

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लखनऊ। वैश्विक महामारी घोषित हो चुका कोरोना वायरस मानव जीवन और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए मुसीबत बन चुका है। यह खतरनाक वायरस एक तरफ जहां पूरी दुनिया में अब तक हजारों लोगों की जिंदगी छीन चुका है, वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर के बाजार भी तबाह होने लगे हैं। गुरुवार को कोरोना की दहशत में शेयर बाजार में ऐसा हड़कंप मचा कि बर्बादी का नया रिकार्ड बन गया। सुरक्षित निवेश की ओर निवेशकों की भागा दौड़ी में सेंसेक्स और निफ्टी औंधे मुंह गिरे।

कारोबार के दौरान आज सेंसेक्स में 3200 अंकों की रिकार्ड गिरावट दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी में 1000 अंकों की गिरावट आई। कारोबार के अंत में शेयर बाजार ने खुद को संभाला। कारोबार बंद होने के समय सेंसेक्स 32,778.14 के अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 9,590.15 के अंक पर बंद हुआ। जानकारों के मुताबिक शेयर बाजार के इतिहास में एक दिन में इतनी बड़ी गिरावट इससे पहले कभी नहीं देखी गयी।

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निवेशकों को 11 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान

शेयर बाजार में मचे इस हाहाकार में निवेशकों के 11.42 लाख करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। गुरुवार को कारोबार में चौतरफा बिकवाली देखी गयी। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण बुधवार को कारोबार खत्म होने पर 137 लाख करोड़ रुपये था, जो गुरुवार को घटकर 126 लाख करोड़ रुपये रह गया। शेयर बाजार में यह ऐतिहासिक गिरावट विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा कोरोना को वैश्विक महामारी घोषित किए जाने के बाद आई। इसके साथ कच्चा तेल बाजार भी उथल-पुथल मची हुई है।

सात में दिनों में शेयर बाजार में 15 फीसदी की गिरावट

2008 की महामंदी के बाद पहली बार सेंसेक्स में इतनी बड़ी गिरावट देखी गयी है। पिछले 7 दिनों के अंदर शेयर बाजार में 15 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं दूसरी तरफ निफ्टी भी वर्ष 2017 के बाद पहली बार इतने निचले स्तर पर आया है। गुरुवार को निफ्टी 9,600 के अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में अब तक की टॉप 10 गिरावट

12 मार्च 2020: सेंसेक्स 2919.26 अंक गिरकर बंद हुआ।
9 मार्च 2020: सेंसेक्स 1941.67 अंक गिरकर बंद हुआ।
24 अगस्त 2015: सेंसेक्स 1624.51 अंक गिरकर बंद हुआ।
28 फरवरी 2020: सेंसेक्स 1448.37 अंक गिरकर बंद हुआ।
21 जनवरी 2008: सेंसेक्स 1408.35 अंक गिरकर बंद हुआ।
24 अक्टूबर 2008: सेंसेक्स 1070.63 अंक गिरकर बंद हुआ।
1 फरवरी 2020: सेंसेक्स 987.96 अंक गिरकर बंद हुआ।
17 मार्च 2008: सेंसेक्स 951.03 अंक गिरकर बंद हुआ।
3 मार्च 2008: सेंसेक्स 900.84 अंक गिरकर बंद हुआ।
6 मार्च 2020: सेंसेक्स 893.99 अंक गिरकर बंद हुआ।

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शेयर बाजार को पसंद नहीं आया बजट, सेंसेक्स-निफ्टी में रिकार्ड गिरावट

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लखनऊ। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट शेयर बाजार को जरा सा भी पसंद नहीं आया है। वित्त मंत्री ने टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव करने के अलावां डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स (डीडीटी) को भी खत्म करने का ऐलान किया है। इसके बावजूद बजट ने शेयर बाजार का मूड ऑफ कर दिया। कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शनिवार को वित्त मंत्री के बजट पेश करने के बाद बाजार में बिकवाली बढ़ गयी और सेंसेक्स 900 अंकों से ज्यादा नीचे लुढ़क कर 40 हजार अंक के नीचे आ गया। वहीं निफ्टी भी 350 अंक नीचे आ गया और 11 हजार 650 अंक के स्तर पर आ गया। पिछले 10 वर्षों में यह पहली बार है कि बजट होने के तुरंत बाद शेयर बाजार में इतनी गिरावट दर्ज की गयी। #Budget2020 #JanJanKaBudget

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जानकारों के अनुसार निवेशकों को वित्त मंत्री से कुछ ज्यादा की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने जैसे-जैसे बजट पेश किया, वैसे-वैसे शेयर बाजार की उम्मीदें भी धड़ाम होती गईं। सेंसेक्स जहां तीन महीने के सबसे निचले स्तर पर बंद हुआ वहीं निफ्टी में अक्टूबर 2018 के बाद आज पहली बार इतनी बड़ी गिरावट दर्ज की गयी।

जानिए क्या है डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स!

डिविडेंड का अर्थ है लाभांश। जब कंपनियां अपने शेयरहोल्डर को कुल कमाई में से रकम बांटती हैं तो उसे डिविडेंड ( लाभांश) कहते हैं। सरकार कंपनियों से इस पर टैक्स वसूलती है। शनिवार को वित्त मंत्री ने इस टैक्स को खत्म करने का ऐलान किया है। इसका अर्थ है कि अब कंपनियां निवेशकों को ज्यादा रकम दे सकेंगी।http://www.satyodaya.com

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March 22, 2020, 11:26 pm
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