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अमेरिका-चीन के Trade War ने लगायी सोने के भाव में आग, दर्ज की ऐतिहासिक वृद्धि

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लखनऊ। सोना (गोल्ड) भारतीयों का पारंपरिक गहना रहा है। पीले रंग की इस चमचमाती कीमती धातु का इस्तेमाल शरीर की शोभा बढ़ाने के लिए होता है। शादी-ब्याह सहित तमाम उत्सव के अवसर पर इस आकर्षक धातु का महत्व और भी बढ़ जाता है। आज से नहीं बल्कि प्राचीन काल से ही सोना आभूषणों के लिए इस्तेमाल होता आ रहा है और समृद्धि का प्रतीक भी बना हुआ है। सोने के भाव में वैसे तो हर रोज कुछ न कुछ उतार-चढ़ाव होता रहा है। लेकिन पिछले एक माह के भीतर सोने के भाव में जो निखार आया है वैसा कभी नहीं रहा। भारतीय इतिहास में पहली बार सोना 37,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंचा है। भाव की इस तेजी में चांदी भी पीछे नहीं है, सोना के साथ चांदी के भाव में भी तेजी आई है। सोने और चांदी के भाव में यह तेजी सबसे ज्यादा उन परिवारों पर भारी पड़ रही है जिनके घर में बेटी या बेटे की शादी तय है। सोने और चांदी के यह भारी भाव उनकी जेब और ज्यादा हल्का कर देगा।
जानकारों का कहना है कि सोने के भाव में आई इस ऐतिहासिक वृद्धि का अंतरराष्टीय कनेक्शन है। दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन के बीच छिड़े व्यापार युद्ध (trade war), डाॅलर की तुलना में रुपए का कमजोर होना, ईरान व उत्तर कोरिया पर अमेरिकी प्रतिबंध और वैश्विक मंदी समेत कई अंतरराष्टीय कारण हैं जिनके चलते सोने के भाव में ऐतिहासिक वृद्धि है।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था इस समय वैश्विक मंदी से आशंकित है। इसी का नतीजा है कि अमेरिका के केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने वर्ष 2008 की मंदी के बाद गुरुवार को पहली बार ब्याज दरों में कटौती कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 2 से 2.25 के बीच रखना तय किया है, जिसका असर क्रेडिट कार्ड और कई तरह के लोन पर होगा। अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती किए जाने के बाद भारत सहित सभी उभरते बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
फेडरल रिजर्व के इस कदम से दुनिया भर के बाजारों में मंदी देखी गयी। जबकि बाॅन्ड और प्रतिफल में मजबूती आई है। इसका असर भारतीय बाजार और रुपये पर भी देखा गया। कारोबार के दौरान बेंचमार्क सेंसेक्स 787 अंक तक लुढ़क गया था। हालांकि बाद में शॉर्ट कवरिंग और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर की अच्छी वापसी से गिरावट पर थोड़ी लगाम लगी और सेंसेक्स 463 अंक गिरकर 37,018 पर बंद हुआ। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 138 अंक गिरकर 10,980 पर बंद हुआ।#Gold
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती के ऐलान के साथ ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापार युद्ध और गहराने की आशंका बढ़ गयी है। अमेरिकी राष्टपति डोनाल्ड टंप ने धमकी दी है कि सितंबर से चीन से आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ और बढ़ा देंगे। अमेरिका ने चीन की 300 अरब डाॅलर मूल्य की वस्तुओं पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है। इसके चलते दुनिया भर की बाजारों में सोने की सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है जिसके चलते सोने का भाव बढ़ा है। वहीं दूसरी ओर डाॅलर के मुकाबले रुपया पांच महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया है जिसके चलते सोना महंगा हुआ है। वायदा बाजार में जनवरी 2019 से लेकर अब तक सोने के भाव में 14 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है।
वैश्विक बाजार में सोने की कीमत अब 1440 डाॅलर पर पहुंच गयी है। जिसकी वजह से घरेलू बाजारों में सोने का भाव बढ़ा है। व्यापार युद्ध की आशंका के चलते सोना 1400 के स्तर पर बना हुआ है। अमेरिका-चीन के बीच मार्च 2018 से ट्रेड वॉर शुरू हुआ था। तब से लेकर अब तक दोनों देश एक-दूसरे के अरबों डॉलर के आयात पर शुल्क लगा चुके हैं। पिछले साल नवंबर में वार्ता शुरू हुई लेकिन अप्रैल 2019 में टूट गई।
गुरुवार को ट्रम्प ने ऐलान किया कि 1 सितंबर से चीन के 300 अरब डाॅलर (21 लाख करोड. रुपए) के अतिरिक्त उत्पादों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। जबकि बुधवार को ही अमेरिकी प्रतिनिधि बीजिंग से वापस लौटे हैं और सितंबर में दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बैठक होने वाली है। टंप ने दावा किया है इससे अमेरिका में महंगाई नहीं बढ़ेगी जबकि चीन को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। इससे पहले मई में अमेरिका ने चीन की 250 अरब डाॅलर के आयात पर टैरिफ 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया था। जिसके जवाब में चीन ने भी अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया था।

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अमेरिका का यह टेड वार भारत के साथ भी पिछले एक साल से जारी है। जिसके तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा दिया, साथ ही टंप ने भारत को व्यापार सुगमता सूची से भी बाहर कर दिया। जिसके जवाब में भारत ने भी अमेरिका से आयात होने वाले उत्पादों पर शुल्क बढ़ा दिया है।
बता दें कि वर्ष 1985 से 2019 तक पहुंचते- पहुंचते चीन और अमेरिका के बीच व्यापार घाटा 419 अरब डाॅलर पर पहंुच चुका है। अमेरिका चाहता है कि चीन इस विशाल व्यापार घाटे को पाटे। अमेरिका का आरोप है कि चीन व्यापार में गलत हथकंडे अपनाता है। टंप चाहते हैं कि बीजिंग अपनी आर्थिक नीतियों में बदलाव करे क्योंकि वो घरेलू सब्सिडी देकर अपनी कंपनियों की मदद करता है। वर्ष 2018 के ऑकड़ों के हिसाब से अमेरिका 519 अरब डाॅलर के चीनी सामान का आयात कर रहा है। जबकि चीन मात्र 120 अरब डाॅलर के उत्पादों का आयात कर रहा था। अमेरिका और चीन के बीच छिड़े इस ट्रेड वार से दुनिया भर की बाजारों में अनिश्चितता और उथल-पुथल मची हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी गोता खा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि पिछले साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में आई गिरावट के पीछे अमरीका और चीन में तनाव बढ़ना एक प्रमुख कारण था, जिसकी वजह से साल 2019 का आर्थिक अनुमान घटाना पड़ा। लेकिन अमरीका का व्यापारिक विवाद केवल चीन के साथ ही नहीं है। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीय संघ पर शुल्क बढ़ाए हैं।

रिपोर्ट-राजीव शुक्ला

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अमेरिका ने तोड़ दिये सारे रिकार्ड, 24 घंटे में मिले 70,000 कोरोना केस

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दुनिया में कोरोना का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक इस वायरस से सबसे ज्यादा पीड़ित अमेरिका में हैं।  बताया जा रहा है कि पिछले 24 घंटे में 70,000 से ज्यादा कोरोना के मामले सामने आए हैं। जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में अब तक 3,183,856 लोग कोरोना से पीड़ित हैं

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जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में अब तक जानलेवा कोरोना वायरस से 12,461,962 लोग संक्रमित हुए हैं. इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से पूरी दुनिया में 559,481 लोग अब तक जान गंवा चुके हैं. हालांकि अच्छी बात ये है कि इस बीमारी से इलाज के बाद 6,835,987 मरीज ठीक हुए हैं.


ब्रिटेन में दर्जनों देशों से आने वाले यात्रियों को अब दो सप्ताह तक सेल्फ आइसोलेट की प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा. यात्रियों को यह राहत शुक्रवार से ही दे दी गई है. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार 75 देशों और ब्रिटिश विदेशी क्षेत्रों से आने वाले लोगों के लिए नियमों में ढील दी जा रही है. शुक्रवार सुबह से फ्रांस, इटली, बेल्जियम, जर्मनी और अन्य दर्जनों देशों से ब्रिटेन पहुंचने वाले लोगों को अब 14 दिन तक आइसोलेशन में नहीं रहना पड़ेगा.http://www.satyodaya.com

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Covid-19 ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो में कोरोना के लक्षण, सभी बैठकें रद्द

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पूरा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से जूझ रहा है और लगातार विश्व में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा भी हो रहा है। अब ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो में कोरोना वायरस के लक्षण मिले हैं। राष्ट्रपति ने एक टेलीविजन साक्षात्कार में कहा है कि उनमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं।

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टेलीविजन चैनल ‘सीएनएन ब्राजील’ ने श्री बोल्सोनारो के हवाले से बताया कि 65 वर्षीय राष्ट्रपति के शरीर का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और खून में आक्सीजन का स्तर 96 प्रतिशत है। कोरोना वायरस के लक्षण मिलने के बाद राष्ट्रपति ने बैठकें रद्द कर दी है और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन ले रहे है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने 11 मार्च को कोरोना संक्रमण को महामारी घोषित कर दिया था। ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (कोविड-19) महामारी से 620 लोगों की मौत होने के साथ मृतकों की संख्या बढ़कर 65,487 हो गई है। मंत्रालय के अनुसार 20,229 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1623284 हो गई है। देश में अब तक 927292 लोग संक्रमणमुक्त हो चुके हैं।http://www.satyodaya.com

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भारत के बाद अमेरिका में भी TikTok समेत कई चीनी ऐप्स होंगे बैन

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वाशिंगटन:  भारत के बाद अब अमेरिका भी TikTok समेत चीनी ऐप्स पर बैन लगा सकता है। ऐप बैन कर चीन को भारत का दिया झटका अब उसे और तेज लगने जा रहा है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा है। कि अमेरिका निश्चित तौर पर tiktok  सहित चीनी सोशल मीडिया ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने के लिए गंभीरतापूर्वक विचार कर रहे है। श्री पोम्पियो ने सोमवार को फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में कहा,”हम इस दिशा में निश्चित तौर पर विचार कर रहे हैं।” उधर, ऑस्‍ट्रेलिया में भी चीनी ऐप पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज होती जा रही है। भारत में टिक टॉक बैन होने से चीनी कंपनी को करीब 6 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।

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गौरतलब है। कि गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिक के बीच संघर्ष के बाद भारत ने टिकटॉक समेत 59 ऐप्स पर रोक लगा दी है। उधर मीडिया में ऐसी भी रिपोर्ट हैं कि टिकटॉक हांगकांग से भी अपना कारोबार समेटेगा।http://satyodaya.com

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