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आली फाउंडेशन ने उपेक्षित समाज को न्याय दिलाने के लिए बनाया ‘सजग’ नेटवर्क

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लखनऊ। आली फाउंडेशन की ओर से तीन दिवसीय नेटवर्क मीटिंग का आयोजन 8 अगस्त से 10 अगस्त के बीच होटल गोल्डेन ट्यूलिप, हुसैनगंज में किया गया। इस मीटिंग में उत्तर प्रदेश के 15, उत्तराखंड के 3 और झारखंड के 15 जिले के 27 संस्थाओं के सदस्य, 24 वकील और आली से जुड़े 46 केसवर्कर समेत लगभग 98 प्रतिभागी शामिल हुए।

कार्यक्रम में शनिवार को महिला और हाशिए पर स्थित समुदायों के मानवाधिकारों पर काम करने वाले साथियों ने अपने अनुभव साझा किए। इन सभी सदस्यों ने मिलकर इस नेटवर्क का नाम ‘सजग’ नेटवर्क रखा है। इसमें आली की कार्यकारी निदेशक रेनू मिश्रा ने कहा कि हमारे मुद्दे एक हैं इसलिए बिना संस्था के बैनर और प्रमोशन की परवाह किए हमें साथ मिलकर काम करना होगा। आली कभी किसी नेतृत्व की चाहत नहीं रखती वह सिर्फ मिलकर एक साथ काम करती है, जिससे न्याय तक महिलाओं व हाशिए के समुदाय की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

यहां मानवाधिकार पर काम करने वाले दरवेश ने बताया कि किस तरह ट्रांसजेंडर, लेस्बियन और गे समुदाय के लोगों की बात सामने लाई गई। वहीं मुजफ्फरपुर से आईं रेहाना ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अल्पसंख्यकों को किस तरह समाज में अपनी पहचान को साबित करना पड़ता है। उन्हें समाज के एक अलग हिस्से की तरह देखा जाता है, वो कभी समाज का हिस्सा नहीं बन पाता। उन्होंने कहा कि हम अलग नहीं है और हम चाहते हैं कि हम मुस्लिम औरतें भी मानवाधिकार मुद्दे पर काम करें। उन्होंने कहा कि मुस्लिम हमें इसलिए अलग कर देते हैं क्योंकि हम उनके नियम नहीं मानते और हिन्दू इसलिए नहीं जुड़ना चाहते क्योंकि हम उनके घर में नहीं जन्में। इसलिए हमारे लिए बस यही एक जगह है जहां हम मिलकर काम कर सकते हैं।

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इसके साथ ही यहां केसवर्करों और वकीलों ने सभी को बताया कि कैसे एक नेटवर्क की तरह काम करके वे एक साथ मामलों को सुलझा रहे हैं। व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए जो नफरत के संदेश हमारे आसपास फैल रहे हैं, उनसे बचने के उपायों पर भी चर्चा हुई। एक मुसलमान को यह न कहना पड़े कि वो कई पीढ़ियों से इस देश में रह रहे हैं या उन्हें अपनी देशभक्ति साबित करनी पड़ी। सामाजिक कार्यकर्ता मनीष ने कहा कि हमें सफदर हाशमी की बात याद रखनी होगी कि, ‘चुप रहना हिंसा की शुरुआत है। कातिलों में गिने जाने की बात है।’

इस कार्यक्रम के तहत 8 अगस्त को केसवर्करों के साथ रिफ्रेशर ट्रेनिंग की गई। इसमें अलग-अलग केस स्टडी में अभिनय करते हुए प्रतिभागियों ने हिंसा के खिलाफ संघर्षशील महिला की बात सुनने और उन्हें कानूनी सलाह देने की रणनीति पर चर्चा की।  http://www.satyodaya.com

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घण्टाघर प्रदर्शनः सीएम योगी की बेरुखी से भड़का महिलाओं का गुस्सा

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कोनेश्वर मंदिर जाते समय घण्टाघर के सामने से गुजरे सीएम योगी

लखनऊ। पिछले 43 दिन से चौक स्थित घण्टाघर पर सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं में गुरुवार शाम को काफी आक्रोश दिखा। वजह थी, उनके करीब तक पहुँच कर भी सीएम योगी का उनसे दूरी बनाए रखना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शाम करीब 4 बजे चौक स्थित कोनेश्वर मंदिर पहुंचे। जहां उन्होंने मंदिर के जीर्णोद्धार व नए निर्माण का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री का काफिला घण्टाघर के सामने से ही गुजरा।

महिलाओं का कहना था कि मुख्यमंत्री को आकर हम लोगों की बात सुननी चाहिए थी। हमसे बात करनी चाहिए थी। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिसके बाद हम लोगों ने मुख्यमंत्री गो बैक और आजादी के नारे लगाए। महिलाएं ऐसा लतातार तब तक करती रहीं, जब तक सीएम योगी कोनेश्वर मंदिर से वापस नहीं चले गए। सीएम योगी के गुजरते काफिले को महिलाओं ने काले झण्डे भी दिखाए।

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प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री को यहां आना चाहिए था। लेकिन वह केवल हिन्दू-मुसलमान करने में व्यस्त हैं। उनके पास कोई और काम नहीं है। लेकिन कोई कितनी भी कोशिश कर ले, हम हिन्दू-मुस्लिम एकता को खत्म नहीं होने देंगे। सीएम योगी की धु्रवीकरण और सांप्रदायिक राजनीति कामयाब नहीं होगी। कहा कि हम लोग सीएए, एनआरसी और एनपीआर का विरोध करते रहेंगे।

चन्द्र शेखर आजाद को दी श्रद्धांजलि

वहीं शाम को घण्टाघर पर शहीद चन्द्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि भी मनाई गयी। प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं ने आरआईपी लिखकर उसे मोमबत्तियों से रौशन किया। और हांथों में तख्तियां लेकर भारत मां के वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी। बता दें कि आज चन्द्रशेखर आजाद का शहीद दिवस है। 27 फरवरी 1931 को आजाद ने कानपुर के अल्फ्रेड पार्क में अंग्रेजों का सामना करते हुए बलिदान दिया था।http://www.satyodaya.com

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दिल्ली हिंसा की हो न्यायिक जांच, दोषियों के खिलाफ हो सख्त कार्रवाई

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मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने दिल्ली के हालात पर जताई चिंता

लखनऊ। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई हिंसा ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। तीन दिन तक लगातार दिल्ली में दंगाइयों ने जमकर तांडव मचाया है। इस हिंसा की त्रासदी सालो-साल तक पीडि.तों को सालती रहेगी। अब तक 34 लोगों की मौत हो चुकी है। सीएए के विरोध प्रदर्शनों में हुए इस तांडव से राजधानी लखनऊ के धर्म गुरू भी चिंतित और परेशान हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य और मुस्लिम धर्म गुरू मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने दिल्ली के हालातों पर चिंता जाहिर की है। खालिद रशीद ने गुरुवार को कहा, हम लोग दिल्ली के हालातों से परेशान हैं। वहां जल्द से जल्द अमन बहाल हो। सरकार से मांग है कि इस पूरे मामले की न्यायिक जांच हो। जो भी कसूरवार हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिये।

लोगों से भी इस बात की अपील है कि किसी के बहकावे में न आएं। अपने पड़ोसियों पर भरोसा रखें। लोग एक-दूसरे के साथ मिल-जुल रहें। जिनके घरों में नुकसान हुआ है, उनकी मदद की जाए। खालिद रशीद ने कहा कि राजनेताओं के जहरीले बयानों पर कतई ध्यान न दें। सरकार ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई करे। सरकार माहौल को खुशगवार बनाने में सहयोग करे। खालिद रशीद ने कहा ऐसे हालातों में हम सब को एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए। ये देश गंगा-जमुनी तहजीब के केंद्र रहा है। इसको हमेशा बनाए रखिये। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे।

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बता दें दिल्ली में जिस तरह से सीएए के खिलाफ और समर्थन कर रहे लोगों के एक दूसरे के सामने आ जाने के बाद से वहां हालात तनाव पूर्ण हो गए थे। दंगे में अब तक 34 लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली के कई इलाकों में तनाव अभी भी कायम है। कई इलाकों में कर्फ्यू जैसे हालात है गृहमंत्री खुद मामले में नजर बनाए हुए है।http://www.satyodaya.com

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सीखना एक सतत प्रक्रिया है, इंसान जीवन भर सीखता रहता है: डॉ एसपी सिंह

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लखनऊ। शिक्षा का उद्देश्य मात्र जानकारी बढ़ाना नहीं जीवन को संस्कारशाली बनाना होता है। ये विचार आज पूर्व विधान परिषद सदस्य व लखनऊ पब्लिक स्कूल्स के संस्थापक डॉ एस पी सिंह नें व्यक्त किया। वो आज नेताजी सुभाषचंद्र बोस राजकीय महिला महाविद्यालय अलीगंज में प्लेसमेंट सेल व इंदिरागांधी मुक्त विवि के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय संगोष्टी को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर पर इग्नू की क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मनोरमा सिंह नें छात्राओं का आह्वान किया कि वे जीवन में अपनी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप लक्ष्य का निर्धारण करें। नियमित शिक्षा के साथ इग्नू का कोई रोजगार-परक कोर्स भी पूरा करें। इससे उनके रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

वहीं जिला सेवा योजन अधिकारी व कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मिथिलेश कुमार ने कहा कि छात्राएं सेवा योजन कार्यालय व अनेक सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न रोजगारों के बारे में पता कर सकती हैं। खादी और ग्रामीण उद्योग के वरिष्ठ प्रबंधक महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनुराधा तिवारी ने कहा कि महाविद्यालय में समय समय पर रोजगार से संबंधित इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होते हैं। जिससे छात्राएं आत्मनिर्भर बन सकें।

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कार्यक्रम का संचालन इग्नू के सहायक निदेशक डॉ कीर्ति विक्रम सिंह नें किया व धन्यवाद ज्ञापन इग्नू समंवयक डॉ. जय प्रकाश वर्मा नें किया। जवाहर लाल नेहरू पी जी कालेज के इग्नू समंवयक डॉ. मानव कुमार सिंह नें भी छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम में सहायक समंवयक डॉ. क्रांति सिंह, काउंसेलर डॉ. भास्कर शर्मा डॉ. रश्मि बिश्नोई, डॉ. पूनम वर्मा, डॉ. सपना जायसवाल, डॉ. श्वेता भारद्वाज, डॉ. शरद वैश्य, डॉ. राघवेंद्र प्रताप, डॉ. विशाखा कमल, डॉ. पुष्पा यादव, डॉ. अरविंद, डॉ. मीनाक्षी शुक्ल, डॉ. सविता सिंह, डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, डॉ. सारिका सरकार, डॉ. विनीता लाल, डॉ. रश्मि अग्रवाल, डॉ. उषा मिश्र सहित बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।http://www.satyodaya.com

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