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दरिया वाली मस्जिद मामले में बैकफुट पर प्रशासन, ध्वस्त गेट की दोबारा होगी तामीर

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लखनऊ। दारिया वाली मस्जिद प्रकरण में प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। नगर निगम ने तोड़े गए मस्जिद के गेट की तामीर कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मंगलवार देर रात नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर मजिस्द के गेट का फिर से निर्माण कराने का आश्वासन दिया है। साथ मामले की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम गठित किए जाने की जानकारी दी। जिसके बाद मुस्लिम समाज व धर्मगुरुओं ने धरना प्रदर्शन भी समाप्त कर दिया है। सोमवार को दरिया वाली मस्जिद के पास तिकुनिया पार्क में गिराए गए निर्माण के बाद से ही लोगों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को पूरा दिन हंगामा चला। मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना सैब अब्बास, मौलाना कल्बे जवाद के बेटे सय्यद कल्बे सिबतैन नूरी सहित तमाम लोगों ने मौके पर पहुंच कर धरना प्रदर्शन किया। सभी ने एक स्वर में नगर निगम की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए गिराए गए निर्माण का दोबारा तामीर कराने की मांग रखी। जिसके बाद देर रात अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर गलती सुधारने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।

बता दें कि सोमवार को दोपहर लगभग दो बजे नगर निगम जोन 2 के अंतर्गत आने वाली ऐतिहासिक दरिया वाली मस्जिद के साथ लगी तिकुनिया पार्क में हुए अतिक्रमण को नगर निगम के दस्ते ने ध्वस्त कर दिया था। दरिया वाली के मस्जिद के मुतवल्ली मंसूर आलम ने कार्रवाई का विरोध करते हुए उक्त जमीन मस्जिद की होने की बात कही थी। लेकिन अधिकारियों का दावा था कि यह जमीन नगर निगम की है। मस्जिद के मुतवल्ली का कहना था कि दफा 37 के अनुसार यह जमीन मस्जिद की है। 1983 में जब एलडीए ने यहाँ यह बाउंड्री बनवाई थी तब उस समय के मौजूदा मुतावल्ली अदालत गए थे और अदालत में एलडीए हाजिर नहीं हुआ था। जिसके बाद कोर्ट ने 1984 में दरिया वाली मस्जिद के हक में एक तरफा फैसला सुना दिया था।

उन्होंने आगे बताया कि नगर निगम द्वारा हमको व यहाँ के दुकानदारों को 2 तारीख को नोटिस दिया गया था। उन्होंने ने कहा कि नोटिस मिलने के बाद हम लोगों ने कार्रवाई शुरू की, हम लोग नगर आयुक्त के पास गए, लेकिन उन्होंने कहा कि आप लोग डीएम साहब से बात कीजिये। इसी बीच यहां नगर निगम की टीम ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।

नगर अभियंता जोन 2 डी.डी गुप्ता का कहना था कि नगर आयुक्त के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। नगर निगम द्वारा कई बार नोटिस भी दिया जा चुका था। यह जमीन नगर निगम के पार्क की थी, मस्जिद का हिस्सा अलग है। मामले को लेकर दूसरे दिन दरिया वाली मस्जिद पर सुबह से ही शिया व सुन्नी समुदाय के कई मौलाना पहुँचना शुरू हो गए थे। जिसमें मौलाना सय्यद कल्बे सिबतैन नूरी जो कि मौलाना सैयद कल्बे सादिक के पुत्र हैं।

मौलाना यासुफ अब्बास, मौलाना सैफ अब्बास, सुन्नी मौलाना मो. अकरम नदवी जो कि ओल्ड बवाज एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं व मो. जावेद अध्यक्ष इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग, टीले वाली मस्जिद के इमाम मौलाना शाह अब्दुल फजले मन्नान वाईजी शामिल थे। वहीं कल रात से ही अपनी महिला साथियों के साथ शबी फात्मा रिजवी जो कि मुस्लिम महिला जागरूक मंच की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं वह धरने पर बैठ गयी थीं। जिनके साथ वली मो. बहुजन मुस्लिम महा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी मौजूद थे। सभी ने नगर निगम की कारवाई की कड़े शब्दों में निंदा की और टूटे हुए गेट को पुनः बनाए जाने की माँग की।

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सुबह से ही लोगों का हुजूम दरिया वाली मस्जिद पहुँच गया था और लोग सरकार व नगर निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जिसके बाद मौके पर एसीएम 2 अजय राय पहुंचे और मौलाना सैफ अब्बास से बातचीत की। उन्होंने बताया कि टूटे हुए गेट को पुनः उसी समय बनवाने के आदेश दे दिए गए हैं। डीएम ने एक टीम भी गठित कर दी है जिसमें जमीन से संबंधित मामले देखने के लिए संबंधित अधिकारियों को शामिल किया गया है। टीम के सामने मस्जिद पक्ष के लोग अपने पेपर प्रस्तुत करेंगे और नगर निगम भी अपने पेपर प्रस्तुत करेगा। उसके बाद वह टीम 15 दिन में यह फैसला करेगी कि यह जमीन किसकी है। इस 15 दिन तक न तो नगर निगम और न ही मस्जिद कमेटी किसी भी प्रकार का निर्माण करेगा।http://www.satyodaya.com

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मां काली सेवा समिति अलीगंज ने गरीबों व जरूरतमंदों को बांटे लंच पैकेट

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लखनऊ। कोरोना महामारी को फैलने से रोकने के लिए पूरा देश लाॅकडाउन है। रोजगार, काम-धंधा सब ठप है। लोग अपने घरों में कैद हैं। लेकिन कुछ लोग सड़कों पर हैं, कि लाॅकडाउन से प्रभावित गरीबों, मजदूरों और निर्धनों को दो वक्त की रोटी नसीब हो सके। सरकार के साथ तमाम गैरसरकारी संगठन, एनजीओ और समाजसेवी लगातार लोगों को भोजन और राशन उपलब्ध करा रहे हैं। मानव सेवा के इस कार्य में मां काली जी सेवा समिति अलीगंज, लखनऊ भी लगी हुई है। बुधवार को समिति के सदस्य चक्रधर तिवारी, पद्मधर तिवारी और अज्जू पांडे (दादा) ने अपने साथियों के साथ लोहिया हाँस्पिटल व पीजीआई में मरीजों, तीमारदारों और जरूरतमंदों को भोजन उपलब कराया।

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उनके साथ शैलेन्द्र प्रकाश दीक्षित (मिन्टू), आशुतोष पान्डे, संतोष शर्मा, अश्वनी मिश्रा, श्रवण गुप्ता, अंजनी सिंह, मुन्ना तिवारी, सत्यभान सिंह, गुड्डू यादव और रोहित ने लोगों को लंच पैकेट वितरित किए। इससे पहले समिति ने मंगलवार को फैजाबाद रोड, शहीद पथ, गोमती नगर, अलीगंज और सीतापुर रोड़ पर जरूरतमंदों को लंच पैकेट बांटे।http://www.satyodaya.com

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राशन दुकानों पर धीमे सर्वर ने रुलाया, कई लोग बिना राशन लिए ही लौटे

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लखनऊ। लखनऊ में राशन की दुकानों में सुबह से ही भारी भीड़ देखने को मिल रही है। घनी आवादी वाले हुसैनगंज स्थित सरोजिनी नायडू मार्ग पर राशन लेने के लिए राशन की दुकान पर लंबी लाइन लग गई है। यही हालत शहर के अन्य इलाकों में भी है। सुबह चार बजे से लोग दुकानों के सामने जुट गए हैं। नेटवर्क की धीमी स्पीड से व्यवधान भी सामने आ रहा है, लेकिन नियमों का पालन किया जा रहा है। बिना बायोमेट्रिक के राशन नहीं मिल रहा है। लेकिन कोरोना संक्रमण को देखते हुए बायोमेट्रिक न करने के आदेश दिए गए थे।

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डालीबाग, उदयगंज में भी दुकानों पर भीड़ रही। वहीं नरही सब्जी मंडी में 12 बजे तक दुकान नहीं खुली। लोगों को निराश लौटना पड़ा। राशन लेने आए एक युवक ने बताया कि हुसैनगंज में राशन की दुकान पर उनकी मां सुबह से ही लाइन में लग गई थी लेकिन 10 बजे के बाद भी सर्वर खराब होने की वजह से नंबर नहीं आया। ऐसे ही कई लोग बिना राशन लिए वापस लौटे। लखनऊ के जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश ने बताया कि 1 बजे तक 30 हजार से अधिक पात्रों को निःशुल्क राशन वितरण किया गया।http://www.satyodaya.com

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गरीबों, मजदूरों की मदद के लिए सिपेट ने लखनऊ नगर निगम को दिए 5 लाख रुपए

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लखनऊ। कोरोना महामारी के इस दौर में गरीबों व जरूरतमंदों की सहायता के लिए लगातार सहयोग मिल रहा है। तमाम सामाजिक संस्थाओं और संगठनों की ओर से सरकार व प्रशासन को गरीबों की मदद के लिए सहयोग मिल रहा है। मंगलवार को सिपेट इंस्टिट्यूट ऑफ प्लास्टिक टेक्नोलॉजी की ओर से लखनऊ नगर निगम को 5 लाख रुपए की आर्थिक मदद की गयी। सिपेट इंस्टिट्यूट के प्रतिनिधियों ने महापौर संयुक्ता भाटिया के आवास पर पहंुच कर आरटीजीएस के माध्यम से यह धनराशि नगर निगम के अन्नदा ग्रेन बैंक नगर निगम लखनऊ के खाते में ट्रांसफर कराई।

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बता दें कि महापौर ने लखनऊ नगर निगम की ओर से प्रकल्प अन्नदा मुहिम चलायी जा रही है। इस मुहिम का उद्देश्य है कि शहर में कोई भी गरीब, मजदूर, बेघर भूखा न सोये। महापौर ने राजधानी के सभी समर्थ लोगों से इसमें सहयोग करने की अपील की है। सिपेट इंस्टिट्यूट के डायरेक्टर डॉ० संदेश कुमार जैन ने महापौर से वार्ता कर मदद की इच्छा जताई थी। मंगलवार को डॉ जैन के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य प्रबंधक सिपेट डॉ यूपी सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नितेश जैन एवं जसराम सिंह ने महापौर को 5 लाख रु० रुपए की सहयोग राशि प्रदान की।http://www.satyodaya.com

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April 2, 2020, 5:28 am
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