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भाजपा के दावों की हकीकत जान चुकी है जनताः अखिलेश

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लोकसभा चुनाव

लखनऊ। विभिन्न राजनीतिक दलों का लोकसभा का चुनावी अभियान अब तीखी बयानबाजी की ओर मुड़ होड़ में विरोधी दल व नेता एक-दूसरे पर सियासी तीर छोड़ रहे हैं। गुरूवार को मेरठ की धरती से पीएम मोदी के चुनावी शंखनाथ के बाद यूपी में गठबंधन के नेताओं ने भी भाजपा को जमकर कोसा। अखिलेश यादव ने कहा है कि विकास के नाम पर जीरो होते हुए भी भाजपा झूठ के बल पर हीरों बन रही है। पीएम मोदी सहित भाजपाई जनता को फरेबी चकाचैंध दिखाने में माहिर है।
मोदी की सराब वाली टिप्पणी को लेकर श्री यादव ने कहा, #LokSabhaElection2019
स्वतंत्रता सेनानी और किसानों के मसीहा चैधरी चरण सिंह की धरती पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अनर्गल प्रलाप में जो दावे किये, जनता उनकी हकीकत से भलीभांति परिचित है और वह किसी झांसे में आनेवाली नहीं है। गठबंधन से प्रधानमंत्री किस कदर घबराये हुए हैं यह उनके हावभाव से स्पष्ट था। उनसे पूर्णतया स्तरहीन सम्बोधन की आशा नहीं की जा सकती है, पर जब किसी को अपने पद की गरिमा का ही ख्याल न हो तो क्या कहा जा सकता है?
सपा मुखिया ने कहा, पिछले आम चुनाव के दौरान हर साल करोड़ों युवाओं को नौकरी देने का वायदा करने वाले पीएम मोदी ने पांच साल से बेरोजगारी खत्म करने के लिए कुछ न किया। उसकी का नतीजा है इस बार चुनावों में आने वाले परिणामों के बारे में सोचकर भाजपा अभी से भयभीत है, शायद उन्हें आगामी चुनाव में उनके खिलाफ आने वाले नतीजों की खुफिया रिपोर्ट मिल गई है!

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आज भाजपा को हर गांव-शहर और दल के अंदर भी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा का विपक्ष पर लगातार आक्षेप करना उनकी हताशा का परिचायक है। सपा नेता ने कहा एनडीए की सरकार ने पांच वर्ष के कार्यकाल में किसानों की सबसे ज्यादा उपेक्षा की जबकि पीएम मोदी सहित केन्द्रीय मंत्री किसानों की आय दोगुनी करने का झांसा देते रहे। जबकि हकीकत में किसान अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन करते रहे और केन्द्र सरकार उनकी एक नहीं सुनी। सन् 2022 तक किसानों की आय दुगनी करने का झांसा अब चलने वाला नहीं है। किसानों को न तो न्यूनतम समर्थन मूल्य मिला और नहीं गन्ना किसानों को बकाया भुगतान हुआ। कृषि उत्पादों के दाम बढ़ते गए हैं जबकि फसल की लागत भी किसान को नहीं मिली। कर्ज के बोझ तले दबा किसान आत्महत्या करने को मजबूर है। केन्द्र की भाजपा सरकार के पांच वर्ष और उत्तर प्रदेश को दो वर्षों में भाजपा सरकार ने राज्य को बर्बाद कर दिया है। किसान, नौजवान सहित समाज का हर वर्ग परेशान है। समाज का हर वर्ग, किसान, महिला, नौजवान और मजदूर दहशत में है, उसे अपना भविष्य अंधकार में नजर आ रहा है।

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प्रधानमंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने भाषणों में यह बताना जरूरी नहीं समझते कि जो वादे करके वे सन् 2014 में सत्ता में आए थे, उन वादों का क्या हुआ? लोगों के खातों में 15 लाख नहीं आए। नौजवानों को 2 करोड़ नौकरियां कहां मिली? उनका भविष्य अंधकार में है। महिलाओं को सुरक्षा कहां मिली? सिवायां (मेरठ) में प्रधानमंत्री जी की सभा में ही एक महिला अपनी 3 वर्ष की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना पर कोई कार्यवाही न होने पर न्यूज-18 पर रो रही थी। गुंडो को जेल भेज देने का प्रधानमंत्री जी का दावा तब सिर्फ भटकाने वाला साबित होता है जब केन्दीय सूचना तंत्र ही अपराधों में वृद्धि के आंकड़े देता है।
सच तो यह है कि भाजपा और आरएसएस ही साम्प्रदायिकता के पर्याय बन गए हैं। समाज में नफरत घोलने की भाजपाई राजनीति ने देश की एकता में दरारें पैदा की है। विपक्ष के प्रति उनका विद्वेषपूर्ण आचरण लोकतंत्र की भावना के साथ क्रूर मजाक है। लोकतंत्र में विपक्ष के प्रति सम्मान अपेक्षित है लेकिन लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उलंघन दुर्भाग्यपूर्ण है। एक बात साफ है कि युवाओं, किसानों, और व्यापारियों का भी यही निर्णय है कि भाजपा को किसी भी सूरत में केन्द्र की सत्ता में नहीं आने देंगे।

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’यूटीएस ऑन मोबाइल’ ऐप पर रेल यात्री तुरंत कर सकेंगे भुगतान…

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लखनऊ। भारत को कैशलेस अर्थव्यवस्था बनाने के लिए उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने एक और शुरूआत कर दी है। रेल सूचना प्रणाली केन्द्र ’क्रिस’ ने मोबाइल आधारित ऐप ’यूटीएस ऑन मोबाइल’ तैयार किया है। इस ऐप के माध्यम से यात्रियों को तुरन्त भुगतान की सुविधा मिलेगी।
’यू.टी.एस.ऑन मोबाइल’ ऐप घरेलू स्तर पर तैयार किया गया है। यह ऐप एंड्रॉइड और विंडोज स्मार्टफोन दोनों के लिए उपलब्ध है। उपयोगकर्ता इस ऐप कोे निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें सबसे पहले यात्री अपना पंजीकरण करना होगा। पंजीकृत हो जाने के बाद, शून्य राशि के साथ रेलवे वॉलेट (आर-वॉलेट) स्वतः ही बन जायेगा। आर-वॉलेट बनाने के लिए कोई अतिरिक्त लागत नहीं होगी। आर-वॉलेट को किसी भी यूटीएस काउंटर वेबसाइट पर उपलब्ध रिचार्ज विकल्प के माध्यम से रिचार्ज किया जा सकता है। यदि मोबाइल का इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं है, तो टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं होगी। इसमे अग्रिम टिकट बुकिंग की अनुमति नहीं है अर्थात् चालू तारीख ही हमेशा यात्रा की तारीख होगी। पेपरलेस टिकट यात्री मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पेपरलेस यात्रा टिकट, सीजन टिकट और प्लेटफार्म टिकट बुक कर सकता है और टिकट मोबाइल एप्लिकेशन में ही आ जायेगा। यात्री टिकट की हार्डकॉपी के बिना यात्रा कर सकता है। जब भी टिकट जांच कर्मचारी टिकट मांगता है, तो यात्री ऐप में टिकट विकल्प का उपयोग करना होगा। पेपरलेस टिकट बुक करने के लिए स्मार्टफोन जीपीएस सक्षम होना चाहिए। पेपरलेस टिकटों के निरस्तीकरण की अनुमति नहीं है। यात्रा पेपरलेस टिकट बुकिंग के एक घंटे के भीतर शुरू होनी चाहिए। प्लेटफार्म टिकट भी मोबाइल एप्लिकेशन से बुक किया जा सकता है। यदि यात्री मोबाइल पर टिकट दिखाने में असफल होता है तो उसे टिकट रहित यात्रा माना जाता है। पेपर टिकट प्रिंट होने के एक घंटे के भीतर यात्रा शुरू होनी चाहिए। विस्तृत जानकारी के लिए वेबसाइट देखें।

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मण्डल रेल प्रबंधक उत्तर रेलवे, लखनऊ संजय त्रिपाठी ने बताया कि यू.टी.एस ऐप के प्रति यात्रियों को जागरूक करने और इसके विषय में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान मंडल के सभी प्रमुख स्टेशनों पर चलाया जा रहा है। इस ऐप को डाउनलोड करने की प्रक्रिया भी अत्यंत आसान हैं इसके माध्यम से यात्री स्टेशन परिसर से 20 मीटर दूर से भी टिकट बुक कर सकते है। ऐप में मौजूद रेलवे वालेट को ऑनलाइन के साथ यू.टी.एस काउंटर पर रिचार्ज किया जा सकता है।http://www.satyodaya.com

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कलयुगी पिता ने नाबालिग बेटी की आबरू पर किया हमला, विरोध करने पर बेटों को पीटा

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लखनऊ। मां, बाप, भाई, बहन…ये कुछ ऐसे रिश्ते होते हैं, जिन पर पर हर कोई आंख मूंदकर विश्वास करता है। इन रिश्तों की सबसे अहम डोर होती है आपसी विश्वास जो इन्हें जीवन भर बांधकर रखती है। लेकिन आज के समय में विश्वास की यह डोर कमजोर पड़ने लगी है। अगर एक बेटी अपने पिता के पास भी सुरक्षित नहीं होगी तो कहां होगी? अगर पिता ही अपनी बेटी की आबरू लूटने लगेगा तो दुनिया का क्या होगा?
उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के शामली में ऐसा मामला सामने आया है जो पवित्र रिश्ते को कलंकित करता है। यहां 13 साल की एक बच्ची से बलात्कार की कोशिश करने के आरोप में उसके पिता गिरफ्तार किया गया है। 33 साल के इस व्यक्ति पर आरोप है कि उसने अपनी ही बेटी से दुष्कर्म करने का प्रयास उस समय किया जब वह सो रही थी।

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इतना ही पीड़िता के भाइयों ने जब विरोध किया तो कलयुगी पिता अपने बेटों की पिटाई भी की। शोर सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ लग गयी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।http://www.satyodaya.com

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सीएम योगी ने किसानों से की अपील, खेतों में ना जलाए अपशिष्ट

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लखनऊ। सीएम योगी ने किसानों से अपील की है कि वह फसल काटने के बाद उसके अपशिष्ट को खेत में न जलाएं। पराली जलाने से भूसे के रूप में न केवल बेजुबान जानवरों का हक मारा जाया है। बल्कि पराली के साथ ही मिट्टी में मौजूद करोड़ों की संख्या में मित्र बैक्टीरिया और फफूंद जल जाते हैं। इस तरह से इससे पर्यावरण और खेत की उर्वरा शक्ति को स्थाई क्षति पहुंचती है। सम्बंधित विभाग मिलकर किसानों को इस बाबत जागरूक करें। किसानों में उस तकनीक को लोकप्रिय करें। जिससे पराली जलाने की जगह आसानी से उसको जैविक खाद में बदला जा सके।

सीएम सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में नेशनल क्लिन एयर प्रोग्राम विषय पर आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। जिसके दौरान उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारत की परंपरा रही है। लिहाजा हम ही इसका नेतृत्व भी कर सकते हैं। प्रकृति का जरूरत से अधिक दोहन होने पर हम खुद प्रकृति के कोप के शिकार हो जाएंगे। हाल के वर्षों में यह हुआ है। यही वजह है कि पर्यावरण प्रदूषण गंभीर वैश्विक समस्या बनकर उभरा है। प्रकृति से प्रेम और तकनीक पर अमल से इस गंभीर समस्या से पार पाया जा सकता है।

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सीएम योगी ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन प्रयागराज के कुम्भ में हमने गंगा की निर्मलता एवं अविरलता और कचरे के प्रबंधन का सफल प्रयोग किया। पूरी दुनिया में कुम्भ की दिव्यता, भव्यता और स्वच्छता की सराहना हुई। इससे साबित होता है कि अगर योजना बनाकर हम उस पर प्रभावी तरीके से अमल करें तो प्रदूषण की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध भी इसी कड़ी का हिस्सा है। उर्जा के गैर परम्परागत स्रोतों को बढ़ावा देना भी प्रदूषण कम करने का एक प्रभावी तरीका है। प्रदेश सरकार लगातार इस पर जोर दे रही है।http://www.satyodaya.com

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