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लखनऊ लाइव

मोदी सरकार की किसी बात पर नहीं रहा जनता को भरोसा: आनंद शर्मा

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कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कांफ्रेंस कर मोदी सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ। कांग्रेस को मोदी सरकार के नागरिकता कानून और एनपीआर से कोई आपत्ति नहीं है, हमें परेशानी पीएम मोदी और अमित शाह की नीयत और निशाने से है। हमें ही नहीं देश की जनता को भी मोदी सरकार पर विश्वास नहीं रहा। यह बातें गुरुवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद व पूर्व केन्द्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने कहीं। लखनऊ स्थित पार्टी पर आयोजित प्रेस कान्फे्रंस में आनंद शर्मा के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू व वरिष्ठ नेता राजीव त्यागी भी उपस्थित रहे।

श्री शर्मा ने कहा कि कल (बुधवार) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लखनऊ आए थे। लेकिन सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए लोगों के परिवारों को सांत्वना देने के बजाए वह पीड़ितों को नसीहत दे रहे थे। पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि जनता को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। लेकिन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लोगों की आवाज सुनने के बजाय उसे कुचलने का काम कर रहे हैं। कहा कि यदि विपक्ष आवाज उठाता है तो कहा जाता है कि राष्ट्रहित में नहीं है। श्री शर्मा ने कहा कि हमें किसी से देश भक्ति का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है। बाजार पूरी तरह से बैठ गए हैं। देश की जीडीपी की वास्तविक वैल्यू 3.2 है। सरकार को चाहिए कि लोगों को आश्वस्त करे, लेकिन वह खुद लोगों में असुरक्षा की भावना को बढ़ावा दे रही है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सीएए को हमने स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की बात कही है। भारत सरकार के पास लोगों को नागरिकता देने का पहले से ही पूर्ण अधिकार है। कई राज्यों में लोगों को भारतीय नागरिकता पहले भी दी गई है। कहा कि हमारा संविधान धर्म के आधार पर भेदभाव की अनुमति नहीं देता। जिम्मेदारी से किया गए काम में जनता का विश्वास बना रहता है। आनंद शर्मा ने कहा कि भारत की बड़ी सीमा म्यांमार से लगी है। वहां से बड़ी संख्या में लोग भारत आते हैं। सरकार ने ने आंकड़े देकर बताया है कि 30 हजार लोगों को भारत में नागरिकता देंगे। लेकिन यह भी झूठ है। प्रधानमंत्री का सच से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है। सरकार ने 9 बार कहा है, जनगणना के बाद एनआरसी लागू होगा।

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श्री शर्मा ने कहा कि पहले भी कानून बने हैं, लेकिन कभी पुलिस को गोली नहीं चलानी पड़ी। लोग सड.कों पर नहीं उतरे। लेकिन आज पूरे देश में डर का माहौल बना हुआ है। 2010 में जो जनगणना हुई है उनमें से 8 सवाल बढ़े हैं। इससे सबसे बड़ी चोट हिंदुस्तान के गरीब को होगी। जिनके पास भूमि नहीं है वो कागज कहां से देंगे। जो इनकी विचारधारा से अलग है वो देशद्रोही हो गए। कांग्रेस नेेता ने कहा कि 53 देशों ने एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को भारत जाने से रोका है। कहा कि इस देश में न्याय होगा, चाहे जितना संघर्ष करना पड़ा। जो मानक पहले थे उनमें जनगणना होनी चाहिए। जो लकीर आप खीचना चाहते हैं वो मत खीचिए। जिनके पास कागज नहीं है उनकी लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी। उत्तर प्रदेश में 62 प्रतिशत लोगों की एंट्री है, क्या बाकी 38 प्रतिशत देश के नागरिक नहीं हैं? भारत मे 4 प्रतिशत लोगों के पास पासपोर्ट हैं। 96 प्रतिशत के पास नहीं हैं। लोग कागजात बनवाते रहेंगे या अपना काम धाम देखेंगे। जो लोग कभी स्कूल नहीं गए वो मार्कशीट या सर्टिफिकेट कैसे देंगे? कहा कि भारतीय संविधान का आर्टिकल 14 सभी भारतीय नागरिकों को समानता का अधिकार देता है… वो इस बिल से सीधा टकराता है।

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प्रधानमंत्री इस देश की विवधता को ग्रहण करें। और सिर्फ नारे से नहीं बल्कि दिल और मन से ग्रहण करें। उत्तर प्रदेश के सीएम कि मै निंदा करता हूं जो बदला लेने की बात करते हैं। क्या वह बेटे-बेटियों से बदला लेंगे? किसान-दलित से बदला लेंगे? मै उस भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहता है। छात्रों से बेटियों से किसानों से अल्पसंख्यकों से किस्से बदला लेना चाहते हैं। इन्हें अपने बयान के लिये माफी मांगनी चाहिये। हिंसा नहीं होनी चाहिये मगर प्रजातांत्रिक विरोध हो रहा हो तो दमन नहीं होना चाहिए। लाठी गोली नहीं चलनी चाहिये। सुप्रीम कोर्ट की देख-रेख में न्यायिक जांच होनी चाहिए। मीडिया ने दिखाया कि यूपी में कौन गोली चला रहा है। समस्याओं के बजाए देश को निपटा रहे हैं मोदी। एनपीआर के वर्तमान स्वरूप का विरोध करता हूं।http://www.satyodaya.com

कोरोना वायरस

UP: कोरोना के 5382 रोगी इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज, 60 की मौत

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे है। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 5,382 रोगी इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज किए गए है। वहीं इस दौरान 3,838 नए मामले सामने आए है और 60 लोगों की मौत हो गई है। राजधानी लखनऊ में सोमवार को 924 रोगियों को अस्पताल से छुट्टी की गई है।

लखनऊ में सोमवार को 550 नए पाॅजिटिव रोगी मिले हैं। इस दौरान 9 मरीजों की सांसे थम गई है। नए मामलों के साथ ही लखनऊ में कोरोना संक्रमितों की संख्या 51 हजार पहुंच गई है। कुल संक्रमित मामलों में से 43,533 लोगों कोरोना को मात देकर अपने घर लौट चुके है। वहीं 7,531 केस अभी भी एक्टिव है। जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। अब तक लखनऊ में 684 लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रयागराज में आज 229, गोरखपुर में 189, गौतमबुद्ध नगर में 186, गाजियाबाद में 172, वाराणसी में 156, मेरठ में 151, फर्रुखाबाद में 131,बरेली में 127, मुजफ्फरनगर में 118 और लखीमपुर में 96 नए रोगी मिले है। इस दौरान मेरठ में 5, गोरखपुर, वाराणसी और बलिया में 3-3, प्रयागराज, झांसी, सहारनपुर, इटावा, मथुरा, मैनपुरी, कन्नौज, अमेठी और औरेय्या में 2-2 लोगों की कोविड से जान चली गई है।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि यूपी में 3,31,270 लोगों में कोरोना को अब तक मात देकर अपने घर लौट चुके है। प्रदेश में रिकवरी रेट 84.75 प्रतिशत हो गया है। वहीं 53,953 कोरोना के मामले अभी भी सक्रिय है। अब तक 5,652 संक्रमित दम तोड़ चुके हैं।

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अमित मोहन प्रसाद बताया कि अबतक 2,08,293 लोगों ने होम आइसोलेशन का विकल्प लिया है, जिसमें करीब 1,82,223 लोगों की होम आइसोलेशन की समय सीमा खत्म भी हो चुकी है। इसके अलावा अभी भी करीब 26,770 लोग होम आइसोलेशन में हैं। उन्होंने बताया कि रविवार को प्रदेश में करीब 1,51,822 सैंपल की जांच की गई थी।यूपी में अब तक कुल 97,76,894 सैंपल की जांच की जा चुकी है।http://www.satyodaya.com

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कोरोना वायरस

कोविड-19 रिपोर्ट आते ही पुरुष निकल रहे महिला, लड़कियां दे रहीं अंग्रेजी में गाल‍ियां

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लखनऊ। स्वास्थ्य विभाग कोरोना जांच करा रहे लोगों की अजीबोगरीब हरकत से हैरान और परेशान है। अभी तक कई कोरोना मरीजों की ओर से गलत नंबर व पता दर्ज कराए जाने का मामला ही सामने आ रहा था, लेकिन अब कुछ नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को और भी अधिक मुश्किल में डाल दिया है। हालत यह है कि कई कोरोना मरीजों की रिपोर्ट आते ही ट्रेस करने पर वह पुरुष की जगह महिला निकल रहे हैं। वहीं कुछ लोगों ने अपने नंबर की जगह लड़कियों व अन्य लोगों का नंबर लिखा रखा है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग को फोन पर गालियां भी सुननी पड़ रही है। अब तक ऐसे 2500 मरीज गलत नंबर व पता लिखा कर गायब हो चुके हैं।

पिछले छह दिनों में 60 नए मरीज सामने आए हैं, जिन्होंने गलत जानकारी देकर जांच कराई है। चंडीगढ़ की लड़की ने दी अंग्रेजी में गाली: कोरोना मरीजों को ट्रेस कर रहे डिप्टी सीएमओ डॉ केडी मिश्रा ने बताया कि रविवार को कुछ ऐसे ही मरीजों की पड़ताल शुरू की तो उनमें से एक नंबर चंडीगढ़ में लगा। उधर से किसी लड़की ने फोन उठाया जब उन्होंने सत्यापन के लिए सवाल करना शुरू किया तो उधर से लड़की अंग्रेजी में देर तक उन्हें गाली देती रही। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने अपनी जांच कराने के लिए दूसरे लोगों का नंबर लिखा दिया है। जब दिए गए नंबर पर फोन किया जाता है तो वह लोग चिढ़कर अभद्र भाषा बोलने लगते हैं।

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उन्होंने बताया कि कई मरीज फोन करने पर बता रहे हैं कि वह प्रयाग बिहार और हरियाणा में है। इसका मतलब है कि उन्होंने अपना आधार नंबर गांव वाला दिया था, लेकिन वर्तमान पता नहीं लिखवाया। रविवार को गलत नंबर व पता लिखाने वाले सात मरीजों को ट्रेस किया गया। डॉ केडी मिश्रा ने बताया कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी निजी लैब में जांच कराने वालों में मिल रही है। उन्हें नोटिस दिया गया है। केजीएमयू में भी डेटा में गड़बड़ी मिल रही है। पड़ताल की जा रही है।http://satyodaya.com

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लखनऊ लाइव

करोड़ो की धोखाधड़ी, नाका थाने में दो एफआईआर, नहीं हुई कार्रवाई

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खुनखुनजी ज्वैलर्स के मालिक और बिल्डर ने दर्ज कराई एफआईआर
लखनऊ।
राजधानी में बिल्डर पर करोड़ो की धोखाधड़ी की दो एफआईआर दर्ज होने के डेढ़ माह बाद भी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। दोनों एफआईआर नाका कोतवाली में दर्ज हैं। एक एफआईआर खुनखुनजी ज्वैलर्स के मालिक ने बीते 09 अगस्त 2020 को दर्ज कराई गई थी।जबकि दूसरी एफआईआर टीएएस कंस्ट्रक्शन के डायरेक्टर ने बीते 31 जुलाई 2020 को दर्ज कराई थी। दोनों पीड़ितों का आरोप है कि बिल्डर खुलेआम जान से मारने की धमकी दे रहा है, नाका इंस्पेक्टर सुजीत दुबे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मामले को लेकर डीसीपी पश्चिम ने कार्रवाई करने की बात कही है।

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दरअसल, बिल्डर जीतू चावला के खिलाफ नाका कोतवाली में दो एफआइआर दर्ज की गई थी। जीतू चावला पर लाखों की ठगी करने के साथ ही एलडीए से बिना स्वीकृति के अवैध निर्माण कराने का आरोप लगाया गया है। पहली एफआईआर बीते 31 जुलाई को टीएएस कंस्ट्रक्शन के मालिक गुरुद्वारा रोड निवासी राजेंद्र सिंह ने कम्पनी से निकालने के बाद भी करोड़ों की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। जबकि दूसरी एफआईआर खुनखुनजी ज्वैलर्स के मालिक निराला नगर निवासी तुपरांश अग्रवाल ने दर्ज कराई थी। तुपरांश ने जीतू चावला पर 10 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। तुपरांशु ने बताया कि जीतू चावला ने बांस मंडी में स्थित कुछ दुकानें बेचने का झांसा देकर रुपये लिए थे। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद भी नाका इंस्पेक्टर सुजीत दुबे कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। वहीं डीसीपी पश्चिम देवेश पांडेय ने कार्रवाई करने की बात कही है।http://satyodaya.com

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