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भाकपा महासचिव डी राजा ने कहा- सामान्य नहीं हैं घाटी के हालात, मायावती को भी लिया आड़े हाथ

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लखनऊ। भाकपा राज्य मुख्यालय पर रविवार को प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन हुआ। यहां पार्टी के नव-निर्वाचित महासचिव एवं सांसद डी. राजा ने जम्मू एवं कश्मीर के हालात पर चिंता जताई। डी. राजा ने कहा कि उन्होंने दो बार राज्य का दौरा करने का प्रयास किया लेकिन दोनों बार भाजपा सरकार और राज्यपाल ने उन्हें हवाई अड्डे से बाहर नहीं जाने दिया और उन्हें हिरासत में लेकर वापस लौटने को मजबूर किया। हवाई जहाज में यात्रा कर रहे चन्द स्थानीय यात्रियों ने उन्हें बताया कि पूरे राज्य में हालात बहुत खराब है जबकि सरकार परिस्थितियों के सामान्य होने का दावा कर रही है।

उन्होंने बताया कि सह यात्रियों के अनुसार जीवन रक्षक दवाईयां, चिकित्सा सुविधायें तक आम नागरिकों को नहीं मिल रही है। तनाव के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं। उन्होंने सवाल खड़ा किया कि अगर स्थितियां सामान्य हैं तो उस राज्य के राजनैतिक नेताओं को रिहा क्यों नहीं किया जा रहा है और वहां पर आम नागरिकों का जीवन सामान्य क्यों नहीं किया जा रहा है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को समाप्त करने को असंवैधानिक और गैर प्रजातांत्रिक कार्य करार दिया है। संसद के बजट सत्र को लम्बा खीच कर सरकार ने 30 बिलों को बिना चर्चा किये और नियमों के खिलाफ जाकर अपने संख्या बल के आधार पर पारित करा लिया। यहां तक कि उस राज्य का केवल एक भाजपाई सांसद ही संदन में उपस्थित था और बाकी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। इस तरह संसद जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं का वजूद समाप्त करने और उन्हें बेमतलब कर देने के प्रयास चल रहे हैं। इस तरह प्रजातंत्र पर खतरा मंडरा रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि कश्मीर के विशेष प्रावधान केवल जम्मू एवं कश्मीर राज्य की जनता को ही नहीं प्राप्त हैं बल्कि देश के अन्य तमाम राज्यों को भी संविधान के अनुसार प्राप्त हैं। उसके दुष्परिणाम और बेचैनी देश के दूसरे भागों में भी दिखने लगी हैं। भारत राज्यों का एक गणतंत्र है और उस ढ़ाचे को ही समाप्त करने की साजिश चल रही है। सरकार कश्मीर की जनता, वहां के राजनैतिक नेताओं को विश्वास में लेने का प्रयास क्यों नहीं कर रही है। यह सरकार मानवीय मूल्यों की बर्बर हत्या कर रही है।

इस दौरान डी. राजा ने बसपा सुप्रीमो मायावती को भी आड़े हाथो लेते हुए उन पर कश्मीर मामले में संविधान प्रारूप समिति के अध्यक्ष डा. अम्बेडकर के विचारों को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि डा. अम्बेडकर की सहमति से ही अनुच्छेद 370 संविधान में शामिल किया गया था। डा. अम्बेडकर ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी और आरएसएस तथा हिन्दू महासभा की भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की मांग को ठुकरा दिया था और उन्होंने भारत को धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक और गणतंत्र बनाने का समर्थन किया था।

भाकपा महासचिव डी. राजा ने आसाम के एनआरसी का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे तरीकों से भाजपा और आरएसएस पूरे देश के माहौल को साम्प्रदायिक कर अपने पक्ष में ध्रुवीकरण के प्रयास कर रहे हैं। एनआरसी के प्रकाशन से कई तरह के सवाल पैदा हो गये हैं और सरकार उनके हल के कोई प्रयास नहीं करना चाहती। क्या होगा, यह अभी तक अनिश्चित है। सरकार को इस मामले पर भी राजनैतिक दलों के नेताओं को विश्वास में लेना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि आरएसएस प्रमुख आरक्षण पर बहस की मांग कर रहे हैं। पहले उन्होंने इस समाप्त करने की मांग की थी। आरएसएस शुरूआती दौर से दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों तथा महिलाओं को समाजिक न्याय का विरोध करती रही है। बहस का उनका मकसद आरक्षण को समाप्त करवा देने का है। हालात यह है कि सरकारी नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं, भर्ती नहीं की जा रही है और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों का निजीकरण कर उनमें भी आरक्षण समाप्त किया जा रहा है। उन्होंने प्रश्न खड़ा किया कि कितने लोगों को आरक्षण का लाभ इस समय मिल पा रहा है?  मोदी सरकार आरएसएस के दिशा-निर्देशन में उसकी हिन्दू राष्ट्र और पूजीपतियों के हितों को पूरा करने की दिशा में ही आगे बढ़ रही है।

भाकपा महासचिव ने कहा कि नोट बंदी और जीएसटी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था गहरे संकट में फंस चुकी है। इन कदमों से अनौपचारिक क्षेत्र और छोटे एवं मध्य उद्योग पहले ही बर्बाद हो चुके थे। मोदी ने सत्ता में आने पर हर साल दो करोड़ रोजगार सृजित करने का वादा किया था लेकिन वास्तविकता है कि साढ़े पांच साल के शासन में उन्होंने बेरोजगारी की दर को आजादी के बाद पहली बार चरम पर पहुंचा दिया है। कृषि पहले से ही घाटे का सौदा बन चुकी है। अर्थव्यवस्था को संभालने के बजाय सरकारी खर्चे के लिए सरकारी सम्पदाओं तथा सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को निजी पूंजी के हाथों बेच रही है और भारतीय रिजर्व बैंक के रिजर्व को भी खाली कर दिया गया है। सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वीकार किया कि आर्थिक मंदी के हालात हैं और भारतीय रूपया विश्व बाजार में अपनी कीमत खोते हुए इस स्तर पर आ गया है कि 1 अमरीकी डालर को खरीदने के लिए आपको 72 से ज्यादा भारतीय रूपये खर्च करने पड़ रहे हैं। वे वादा करती हैं कि इससे निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा लेकिन आयात की कीमत हमें कितनी ज्यादा देने होगी, उसका जिक्र नहीं करती है।

उन्होंने कहा कि बेपरवाह (reckless) विनिवेश की प्रक्रिया चल रही है और सकल उत्पादन जीडीपी भी अपने न्यूनतम स्तर पर है। औद्योगिक उत्पादन तो ऋणात्मक हो चुका है। अगर सरकार के आकड़ों को सही मान लिया जाये तो औद्योगिक उत्पादन की दर आधा प्रतिशत रह गयी है।

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उन्होंने कहा कि बैंकों में बड़े पूंजीवादी घरानों के ऋण एनपीए होते चले जा रहे हैं, लोगों को देश छोड़ कर भागने दिया गया। उन्होंने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर 4 बैंक कर देने की भी निन्दा की कि इससे अंततः बेरोजगारी की गति और बढ़ेगी। उन्होंने सरकारी दावों पर प्रहार करते हुए कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की ऋण देने की क्षमता बढ़ाने का क्या उद्देश्य है? यह केवल बड़े पूंजीपतियों को और ऋण देने तथा पुराने एनपीए को बट्टे खाते डालने की साजिश के तौर पर किया गया है। इससे किसानों और छोटे व्यापारियों को तो सुविधायें नहीं बढ़ेंगी बल्कि शाखाओं के बंद होने के कारण और बेरोजगारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस बात को याद रखने की कोशिश नहीं कर रही है कि 2008 की वैश्विक मंदी से भारत अगर बचा रहा था तो उसका एकमात्र कारण भारत का मतबूत सरकारी वित्तीय क्षेत्र था जिसे गर्त की ओर ढकेला जा रहा है। इसके साथ ही भाकपा महासचिव डी. राजा ने सभी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक शक्तियों का आवाहन किया कि वे आरएसएस/भाजपा के साम्प्रदायिक एजेंडे के खिलाफ संघर्ष के लिए एकजुट हों।

उत्तर प्रदेश के राजनैतिक परिदृश्य पर बोलते हुए भाकपा महासचिव डी. राजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में घोर साम्प्रदायिक और अपराधियों को संरक्षण देने वाली नीतियों को लागू किये हुए जिसका परिणाम मॉब लिंचिंग, दलितों और आदिवासियों पर बढ़ते अत्याचार और बलात्कार के बाद हत्या की घटनाएं अपनी ऐतिहासिक ऊंचाईयों को छू चुकी है। पूरे प्रदेश में अराजकता का माहौल है। उन्होंने रविदास मंदिर, सोनभद्र, उन्नाव जैसी तमाम घटनाओं का उल्लेख किया।

एक प्रश्न के जवाब में होने कहा कि भाकपा उत्तर प्रदेश के उप चुनावों में 7-8 जगहों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। वहीं, उन्होंने कहा कि नरेश अग्रवाल का विधायक पुत्र पार्टी बदल कर भाजपा में चला गया परन्तु न तो अखिलेश यादव ने विधान सभा अध्यक्ष को उसकी सदस्यता रद्द करने का पत्र भेजा और न ही विधान सभा अध्यक्ष ने इस बात का संज्ञान लिया। इसी तरह भाजपा के उन्नाव के विधायक की गिरफ्तारी पर उसे भाजपा से निष्कासित कर दिया परन्तु उसकी भी सदस्यता अभी तक समाप्त नहीं की गई है।

भाकपा राज्य सचिव डा. गिरीश ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर वैट बढाने, बिजली दरों में प्रस्तावित बढ़ोतरी तथा गैस सिलेण्डरों की कीमत बढ़ाये जाने के खिलाफ भाकपा उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर 11 सितम्बर को धरने और प्रदर्शन आयोजित करेगी।http://www.satyodaya.com

क्राइम-कांड

यूपी एटीएस के कमांडो ने खुद को गोली मारी…

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में यूपी एटीएस के एक कमांडो ने आज सुबह यूपी एटीएस के मुख्यालय पर खुद को गोली मार ली मृतक बृजेश कुमार ने आज सुबह अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद गोली मार ली फिलहाल गोली मारने की वजह अभी तक साफ नहीं पाई है मृतक बृजेश कुमार यूपी के गोरखपुर का रहने वाला थाजहां एक तरफ यूपी एटीएस के कमांडो आतंकवादियों को पकड़ते हैं और उन्हें गोली मारते हैं मगर आज लखनऊ के सरोजिनी नगर में यूपी एटीएस के मुख्यालय पर एक कमांडो बृजेश कुमार ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को भी गोली मार ली गोली मारने की घटना से पूरे मुख्यालय में अफसरों के होश उड़ गए वही मृतक बृजेश कुमार यादव 2010 से एटीएस मुख्यालय लखनऊ मैं तैनात था।

सूत्रों से यह पता चला है कि मृतक बृजेश कुमार को आज सुबह गोरखपुर ड्यूटी के लिए जाना था और रात को उसकी पत्नी से कि फोन पर कहासुनी हुई शायद इससे नाराज हो गए इसलिए बृजेश ने खुद को गोली मार ली फिलहाल पुलिस पूरे घटना की जांच कर कर ही बता पाएगी कि आखिर मामला क्या है बृजेश की बॉडी को पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और उनके परिजन का आने का इंतजार कर रही है कि आखिर उनसे पूछताछ की जाए किस वजह से पुलिस ने खुद गोली मारी अगर यह बात तो साफ है आतंकवादियों को ठिकाने लगाने वाले ही जब खुद को गोली मार लेंगे कोई बड़ा सवाल पैदा कर देंगे या फिर वजह क्या थी।http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

बच्चो में हुए विवाद के बाद दो परिवारों में जमकर हुई मारपीट

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लखनऊ। हज़रतगंज थाना क्षेत्र में बच्चों के मामूली विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट के दौरान दोनों ओर से ईंट पत्थर चले और तीन लोगों के सिर फट गए। दोनों ही पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाना हज़रतगंज में तहरीर दी है। जिसपर पुलिस जांच कर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार, थाना हज़रतगंज के रविदास नगर 10 नम्बर गली गोखले मार्ग पर अचल यादव के परिवार व अरविंद कश्यप के परिवार के बच्चे साथ में खेल रहे थे। खेल रहे बच्चों के बीच किसी बात को लेकर आपस मे मामूली सा विवाद हो गया था। जो कि उसी वक़्त ख़त्म हो गया था। जिसके बाद रात को लगभग 10 बजे के करीब दिन में हुए बच्चों के बीच विवाद को लेकर राम अचल यादव के परिवार व अरविंद कश्यप के परिवार के बीच जमकर मारपीट हो गयी।

मारपीट के बीच ईंट पत्थर भी चल गए जिससे राम अचल यादव व उसकी पत्नी सरिता यादव का सिर फट गया। साथ ही दूसरे पक्ष की अरविंद कश्यप की पत्नी डॉली कश्यप का भी सिर फट गया। जिसके बाद दोनों परिवारों के लोग हज़रतगंज थाने पहुंचे और पूरी बात बताई। जिसके बाद ही पुलिस ने तीनों घायलों को मेडिकल जांच के लिए सिविल अस्पताल भेजा। वहीं दोनों की तरफ़ से हज़रतगंज थाने में एक दूसरे के खिलाफ मारपीट किये जाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गयी है। पुलिस ने दोनों की तहरीर लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ लाइव

कन्या भोज के साथ शारदीय नवरात्र का समापन, पंडालों में उमड़े श्रद्धालु

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लखनऊ। रविवार को महागौरी माता की पूजा आराधाना के साथ शारदीय नवरात्र का समापन हो गया। सोमवार को पूरे लखनऊ में कन्या पूजन की धूम रही। हर घर में छोटी-छोटी कन्याएं थाली लिए भोजन करते हुए नजर आ रहीं थी। पिछले एक सप्ताह से व्रत रखते आ रहे श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराने के बाद अन्न ग्रहण किया।

महानवमी के अवसर शहर में सजे दुर्गा पूजा पंडालों में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने माता के चरणों में प्रसाद अर्पित करते हुए उनकी आरती व पूजा अर्चना की। महिलाओं ने धुनुचि और थाल की थाप पर नृत्य किया।

भूतनाथ मार्केट में सजे दुर्गा पूजा पंडाल में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माता की मनौती की। यहां माता के विविध रूप श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे थे। कहीं माता काली दुष्टों का संहार कर रही थी तो कहीं मां कूष्माण्डा भक्तों का कल्याण कर रहीं थीं। पंडालों में देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा। http://www.satyodaya.com

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