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भाकपा: सिक्योरिटी के नाम पर उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ डाल रही प्रदेश सरकार

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लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा है कि प्रदेश सरकार ने हालही में बिजली की कीमतों में 12 फीसदी से ज्याद की वृद्धि की थी लेकिन इससे भी उत्तर प्रदेश की भगवा सरकार का पेट नहीं भरा तो उसने दीपावली के अवसर पर विद्युत उपभोक्ताओं को प्रताड़ित करने का एक और तरीका ढूंढ लिया है।

उन्होंने एक बयान में खुलासा किया कि विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को नोटिस भेज कर वित्त वर्ष 2019- 20 के लिये अतिरिक्त ‘सिक्यौरिटी राशि’ की मांग की जा रही है। जनता की निगाहों से ओझल किन्हीं मनमाने नियमों के तहत यह राशि उपभोक्ताओं द्वारा पिछले वर्ष उपभोग की गयी बिजली की औसत 45 दिन की कीमत के बराबर मांगी जा रही है।

डॉ. गिरीश का कहना है कि अगर किसी उपभोता का गत वर्ष 45 दिनों का औसत बिल 10,000 रुपये था तो उसे इस अग्रिम सिक्यौरिटी की मद में 10,000 रुपये जमा करने होंगे। इसी तरह अगर यह राशि 5, 4, 2 अथवा 1 हजार रही होगी तो इतनी ही राशि अब जमा करनी होगी। यदि किसी उपभोक्ता का गत वर्ष 45 दिन का औसत बिल 15, 20 अथवा 25 हजार रहा होगा तो उसे इतनी राशि इस मद में जमा करनी होगी। यह धनराशि नोटिस जारी होने के 30 दिनों के भीतर जमा कर विद्युत विभाग को लिखित रूप में अवगत कराना होगा। ऐसा न करने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जायेगा।

उनका कहना है कि आर्थिक मंदी की मार से व्यथित लोगों पर जब विद्युत विभाग के ये नोटिस पहुंचने शुरू हुये तो उनके होश उड़ गए। उन्हें अपनी दीवाली अंधेरी नजर आने लगी। मध्यमवर्ग और गरीब वर्ग इस पेनल्टी की कल्पना मात्र से सिहर उठा है। उसे अपने पुश्तैनी कनेक्शन पर अलग से यह भारी राशि जमा करने का कोई औचित्य नजर नहीं आ रहा। वह इसे सरकार द्वारा जनता की खुली लूट मान रहा है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य काउंसिल ने राज्य सरकार के इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की है। उनका कहना है कि अभी- अभी लागू हुई बिजली की महंगी दरों से ही उपभोक्ता हलकान हैं और अब इस अतिरिक्त भार की मार को वे सहन नहीं कर पाएंगे। जैसे-जैसे ये नोटिस उपभोक्ताओं पर पहुंच रहे हैं उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही है। कभी भी यह बेचैनी आक्रोश का रूप ले सकती है।

भाकपा राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने कहा कि आए दिन कटौती और नित रोज हो रहे फाल्ट्स से उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं। उनके ऊपर हाल ही में कीमतें बढ़ा कर भारी बोझ लाद दिया और अब सिक्यौरिटी के नाम पर यह चोट की जा रही है। लाखों दीप जला कर दीवाली मनाने वाले मुख्यमंत्री को जनता की दीवाली में अंधेरा घोलने वाली इस कार्यवाही को तत्काल रद्द करना चाहिये। भाकपा सरकार की इस कारगुजारी का पुरजोर विरोध करती है और इसे फौरन रद्द करने की मांग करती है। 

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भाकपा ने अपनी समस्त जिला इकाइयों से आग्रह किया है कि वे 16 अक्टूबर को सभी वामपंथी दलों के साथ मिल कर सरकार द्वारा थोपी जा रही इस अनैतिक वसूली के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करें। प्रदर्शन के दौरान नौजवानों, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, व्यापारियों और आर्थिक मंदी से पीढ़ित अन्य तबकों की समस्याओं को भी उठाया जाएगा।http://www.satyodaya.com

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विकास दुबे की तलाश में लखनऊ में छापेमारी, मां व भाई को साथ ले गई पुलिस

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लखनऊ। कानपुर में बदमाशों के हमले में अपने 8 जवानों की शहादत से यूपी पुलिस में काफी रोष और शोक है। इस पुलिस नरसंहार को अंजाम देने वाले अपराधी विकास दुबे की तलाश के लिए यूपी पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी है। एसटीएफ और पुलिस की कई टीमों के साथ करीब 8 हजार जवानों को विकास दुबे की खोज में लगाया है। प्रदेश भर में विकास दुबे के सभी संभावित ठिकानों व परिचितों के यहां पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। शुक्रवार शाम लखनऊ के कृष्णानगर स्थित विकास दुबे के घर पर एसीपी दीपक कुमार के नेतृत्व में छापेमारी की गयी।

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हालांकि विकास दुबे का यहां भी कोई सुराग नहीं मिला। कुछ दिन पहले लखनऊ एसटीएफ ने विकास दुबे को इसी घर से दबोचा था। पुलिस ने पूरे घर की तलाशी ली। इस दौरान कई थानों की फोर्स मौके पर मौजूद रही। लखनऊ पुलिस विकास दुबे के अवैध हथियारों की तलाश में थी। काफी सर्च के बाद भी पुलिस को यहां से कुछ खास हासिल नहीं हुआ।

मां ने कहा, मैं उसका मुंह कभी नहीं देखूंगी…उसे मार दो…

पुलिस ने विकास की मां, भाई, भाई की पत्नी, बेटी को हिरासत में ले लिया है। सभी से पूछताछ की जा रही है। विकास दुबे की मां ने कहा कि उसने बहुत गलत काम किया है। मैं उसका चेहरा कभी नहीं देखूंगी। पुलिस उसे कड़ी से कड़ी सजा दे। उसे पुलिस जवानों की हत्या नहीं करनी चाहिए थी। एसीपी दीपक कुमार ने बताया कि विकास दुबे की तलाश में ऑपरेशन चलाया जा रहा है।http://www.satyodaya.com

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सीएए हिंसाः नुकसान की भरपाई के लिए मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची पुलिस

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रिकवरी धनराशि जमा करने के लिए शुक्रवार तक का दिया समय

लखनऊ। 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में सीएए-एनआरसी विरोधी हिंसा व प्रदर्शन में हुए सरकारी नुकसान की भरपाई की कार्यवाही तेज हो गयी है। इस हिंसा के लिए मौलाना सैब अब्बास को भी ठहराया गया है। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए फरवरी 2020 में जिलाधिकारी ट्रांस गोमती की कोर्ट ने 57 दोषियों से 1.55 करोड़ रुपए वसूलने का आदेश दिया था। दोषियों द्वारा रकम न जमा करने पर उनकी संपत्ति कुर्क कर मुआवजा वसूलने का आदेश दिया था।

जिसके क्रम में पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की एक टीम गुरुवार को मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची। एडीएम पश्चिमी की कोर्ट ने मौलाना सैफ अब्बास सहित 10 दोषियों से 67 लाख 73 हजार 900 रुपए की वसूली करने का आदेश दिया था। मौलाना ने अब तक अपने हिस्से की हर्जाना धनराशि नहीं जमा की है।

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गुरुवार को जब जिला प्रशासन की टीम मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची तो उनका बेटा व समर्थक पुलिस से उलझ गए। हालांकि समझाने के बाद सभी शांत हो गए। अफसरों ने मौलाना सैब अब्बास को हर्जाना की धनराशि जमा करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

लाभार्थियों की सूची का होगा डिजिटलीकरण, आईसीडीएस निदेशक ने जारी किये निर्देश

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लखनऊ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दी जा रही सेवाओं के लाभार्थियों की सूची का अब डिजिटलीकरण होगा। इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) की निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं।

पत्र के अनुसार, बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को लाभार्थियों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, छह माह से तीन वर्ष की आयु के बच्चों, तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों एवं स्कूल न जाने वाली किशोरियों को विभाग की तरफ से चलने वाली सभी योजनाओं का लाभ समय-समय पर पहुंचाती रही है।

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पत्र के हवाले से सूची के डिजिटलीकरण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में खुले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दी गयी है। सेंटर संचालक गांव में आंगनबाडी केंद्र पर जाकर कार्यकर्ता व सहायिकाओं से पंजीकृत लाभार्थियों के नाम, पते, राशन कार्ड, मोबाइल नम्बर आदि की डिटेल लेंगे। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थी की जानकारी हर महीने की 25 से 30 तारीख के मध्य अपडेट की जाएगी। इसके बाद गूगल फॉर्म में 1 से 5 जुलाई के बीच दर्ज करेंगे। फीडिंग के बाद पूरा डाटा विभाग को देगा।http://www.satyodaya.com

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July 4, 2020, 8:19 am
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