Connect with us

लखनऊ लाइव

ट्रामा के डाॅक्टरों पर तीमारदार का आरोप, मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद नहीं किया इलाज

Published

on

लखनऊ । राजधानी लखनऊ के माने जाने केजीएमयू हाॅस्पिटल के ट्रामा सेंटर के डाॅक्टर की शर्मनाक करतूत एक बार फिर देखने को मिली है । जहां हरदोई जिले से आया बुजुर्ग पिता अपने बीमार बेटे को लगातार हो रही खून की उल्टियों को देखते हुए इलाज की मिन्नतें करता रहा लेकिन डाॅक्टरों ने अपने पेशे को शर्मसार किया और मरीज को देखने से मना कर दिया । साथ ही इतने बड़े हाॅस्पिटल में बेड ना खाली होने का बहाना बनाकर मरीज और तीमारदार को वहां से उल्टा वापस कर दिया । जब तीमारदारों ने डाॅक्टर से गुहार लगाई तो डाॅक्टरों ने तीमारदार को डरा धमका कर वहां से भगा दिया ।

यह भी पढ़ें :- GOOD NEWS : केजीएमयू में जल्द खुलेगा ह्यूमन मिल्क बैंक, नवजातों को मिलेगा मां का दूध

आपको बताते चलें कि राजधानी लखनऊ के एक बड़े और सभी सुविधाओं से परिपूर्ण केजीएमयू के ट्रामा सेंटर में डाॅक्टरों का शर्मनाक और वहशी चेहरा सामने आया है जहां हरदोई से एक परेशान पिता अपने पुत्र का इलाज कराने लखनऊ के ट्रामा सेंटर आया था और उसके मरीज (बेटे) की हालत नाजुक बनी हुई है और ये मरीज लगातार खून की उल्टियां भी कर रहा है, मगर ट्रामा सेंटर के डाॅक्टरों ने इस मरीज को भर्ती करने से इनकार कर दिया और कहा कि बेड खाली नहीं है । यही नहीं मरीज और उसके पिता को ट्रामा से भगा भी दिया यहां तक कि मरीज के पिता ने प्रधानमंत्री द्वारा चलाई जा रही इलाज के लिए आयुष्मान योजना का कार्ड भी डाॅक्टरों को दिखाया तो भी डाॅक्टरों ने अभद्रता करते हुए दोनों को वहां से भगा दिया । अब परेशान पिता अपने मरीज (बेटे) को लेकर प्राइवेट अस्पताल के चक्कर लगाये या यूं कहें कि भटकने के लिए मजबूर है ।

http://www.satyodaya.com

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लखनऊ लाइव

वेतन व पेंशन की मांग को लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन…

Published

on

लखनऊ। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने आज सड़क पर उतर कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया है। जिसमें प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि आज वह सभी लोग अपनी दस सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में संविदा कर्मचारियों ने भाग लिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि संविदा कर्मचारियों का वेतन सीधा विभाग से दिया जाए, पुरानी पेंशन को बहाल किया जाए।

यह भी पढ़ें: भूख से चीख रहे बच्चे को मां ने सुलाया मौत की नींद

साथ ही उन्होंने कहा है कि विभाग में भ्रष्टाचार खत्म किया जाए। उसके साथ ही सौभाग्य योजना के तहत जिनको भर्ती किया है उनको वापस लिया जाए। विभाग में विभिन्न कैडर के रिक्त पदों को भरा जाए। साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं होती हैं तो वह सड़कों पर उतर कर उग्र प्रदर्शन करेंगे।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

जलभराव की स्थिति से जूझ रहा अम्बेडकर वि.वि, उठाया अनोखा कदम…

Published

on

लखनऊ। समुद्र के तट पर स्थित चेन्नई और यूपी के जिला बुंदेलखंड जैसे कई शहरों में आए दिन जल संकट से हर कोई वाकिफ है। यहां अनुमानित जल संकट के पीछे कहीं न कहीं लुप्त हो रहे तालाब और कुओं को भी एक वजह बताया गया है। ऐसे में अब जहां बारिश के मौसम में तमाम जगहों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। तो वहीं राजधानी स्थित बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय भी इसके दायरे में है। हालांकि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को आवागमन के दौरान भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने इससे निजात पाने के लिए एक अनोखा कदम उठाया है। प्रशासन के अनुसार विश्वविद्यालय परिसर के अंदर खाली जगहों पर तालाब खुदवाये जा रहे हैं। जिससे की बारिश के पानी को संरक्षण किया जा सके साथ ही जलभराव की स्थिति से भी बचा जा सके। विश्वविद्यालय प्रशासन का दावा है कि तालाब में ना सिर्फ बारिश के पानी को इकट्ठा किया जा रहा है, बल्कि इसके जरिये आने वाले समय में जलस्तर को भी बरकरार रखा जा सकता है। यही नहीं इसके जरिये जीव-जंतु, पेड़ पौधों को भी लाभ मिलेगा और वातावरण को संतुलित बनाने में मददगार हो सकेगा।

यह भी पढ़ें: बस में पति की मौत, ड्राइवर-कंडक्टर ने शव के साथ पत्नी को उतारा बीच रास्‍ते…

अम्बेडकर विश्वविद्यालय के प्राॅक्टर प्रो. राम चंद्रा ने जलभराव कि स्थिति को लेकर बताया कि बाहरी क्षेत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय परिषर काफी ढलाव क्षेत्र में है। यही वजह है कि बारिश के मौसम में जलभराव कि स्थिति बनी रहती है, जिसकी वजह से आने जाने वाले छात्रों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। प्रो. राम चंद्रा ने जलभराव की स्थिति से निपटने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रशासन ने ये निर्णय लिया है कि परिसर के अंदर खाली जगहों पर गहरा तलाब स्थापित किया जाए। जिससे की बारिश के पानी को संरक्षण और उसका बचाव हो। बताया कि इसके जरिये आने वाले समय में पर्यावरण को बचाया जा सके साथ ही पेड़ पौधों को भी लाभ मिल सके। वहीं प्रो. ने कहा कि परिसर के अंदर बने नाली की सफाई कराई जा रही है ताकी आसानी से पानी निकल सकें।

वहीं छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के इस कदम को बेहतर बताया है और इस प्रयास को पर्यावरण के लिए लाभ दायक बताया। छात्रों ने आगे बताया कि बीते कुछ महीनें पहले कई शहरों में लोग पानी के संकट से जुझ रहे थे, जिसकी वजह पानी का स्तर नीचे चला जाना रहा। वहीं इसकी वजह बताते हुए छात्रों ने कहा कि तेजी के साथ नदियां, तालाब और कुआं जैसे पानी के साधन लुप्त हो रहे हैं। इस लिहाजे से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिसर के अंदर तालाब स्थापित करने की पहल सही है।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

लखनऊ लाइव

डीएम ने सभी शिक्षण संस्थानों में एंटी रैंगिग कमेटी गठित करने के दिए निर्देश

Published

on

लखनऊ। राजधानी में इंजीनियरिंग, मेडिकल और पैरामेडिकल शिक्षण संस्थाओं के साथ ही सभी विश्वविद्यालयों व डिग्री कालेजों को 15 दिन के अंदर एंटी रैगिंग कमेटी गठित करने का निर्देश जारी किया गया है। गुरुवार को यह जानकारी जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दी। साथ ही बताया कि रैगिंग का मामला संज्ञान में आने पर शिक्षण संस्थान के प्रबंधक व प्राचार्य को जिम्मेदार मान कार्रवाई के घेरे में लाया जाएगा। 

वहीं जिला प्रशासन एसीएम व एसडीएम की अध्यक्षता में क्षेत्रवार एंटी रैंगिग सेल गठित करेगा। इसका प्रभारी अधिकारी एडीएम सिटी ट्रांसगोमती अनिल कुमार को बनाया गया है। साथ ही इनकी निगरानी में गठित होने वाली एंटी रैगिंग सेल में क्षेत्रीय एसीएम के साथ ही संबंधित सीओ व कॉलेज प्रशासन की तरफ से नामित वरिष्ठ शिक्षक व प्रॉक्टर शामिल होंगे। यह सेल शिक्षण संस्थाओं के परिसर, क्लास रूम व हॉस्टल का औचक निरीक्षण कर नए प्रवेशार्थियों से बातचीत के आधार पर रैगिंग की आड़ में होने वाले उत्पीड़न का पता लगाएगा।

ये भी पढ़े: बलरामपुर अस्पताल में इलाज के दौरान लापरवाही से गई मरीज की जान

आपको बता दें कि रैगिंग की श्रेणी में हर छोटी-बड़ी बातें शामिल होंगी जो किसी भी नए प्रवेशार्थी को रंग, धर्म, जाति, लैंगिक प्रवृत्ति क्षेत्रीय मूल भाषा या आर्थिक आधार पर शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना पहुंचाएगी। कॉलेज प्रबंधन व प्राचार्य की जिम्मेदारी होगी कि रैगिंग से जुड़े मामलों को सेल के समक्ष लाकर दोषियों की धरपकड़ कराएं।जिलाधिकारी ने कहा कि रैगिंग रोकने की प्राथमिक जिम्मेदारी संबंधित शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन की है। सभी शिक्षण संस्थाओं को परिसर में रैगिंग के लिहाज से संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाना अनिवार्य किया गया है।

रैगिंग की श्रेणी में आने वाली किसी भी घटना को छोटा बड़ा न मानते हुए तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने का कार्य भी कराया जाए। शिक्षण संस्थाएं व विवि रैगिंग की शिकायत दर्ज कराने को हेल्पलाइन नंबर जारी कर इसे सार्वजनिक तौर पर प्रचारित कराएं। वहीं प्रवेश के समय ही रैगिंग रोकने को हर सीनियर छात्र के अभिभावक से भी शपथ पत्र भरवाया जाए कि अगर उनका लड़का रैगिंग जैसे किसी कृत्य में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ सीधे निष्कासन की कार्रवाई तय होगी। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

July 12, 2019, 7:34 pm
Cloudy
Cloudy
32°C
real feel: 41°C
current pressure: 1000 mb
humidity: 83%
wind speed: 0 m/s N
wind gusts: 0 m/s
UV-Index: 0
sunrise: 4:51 am
sunset: 6:33 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 9 other subscribers

Trending