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लखनऊ लाइव

मौत के लिए जिम्मेदार 10 प्रमुख बीमारियों में से एक है टीबीः विशेषज्ञ

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लखनऊ। यूपी प्रेस क्लब में आज टीबी विशषज्ञों द्वारा प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इसमें कल यानि 24 मार्च को मनाये जाने वाले विश्व क्षय रोग दिवस (वर्ल्ड टीबी डे) पर पल्मोनरी एण्ड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, केजीएमयू लखनऊ एवं अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस पत्रकार वार्ता में टीबी के कारणों, उससे होने वाले नुकसान तथा उपचार व जागरुकता के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान टीबी मुक्त भारत के सपने को 2025 तक साकार करने हेतु आवश्यक कार्य योजना पर प्रकाश डाला गया एवं आंकड़े भी प्रस्तुत किये गये।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान टीबी विशेषज्ञों ने बताया कि क्षय रोग आज सम्पूर्ण विश्व में 10 प्रमुख मृत्यु की जिम्मेदार बीमारियों में से एक है। 2017 में एक करोड़ लोग क्षय रोग से प्रभावित हुए जिसमें 16 लाख लोगों की मृत्यु हो गयी। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर 10 लाख बच्चे भी क्षय रोग से प्रभावित थे। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के आधार पर 2017 में 5 लाख 58 हजार रिफैम्पिसिन रजिस्टैन्ट मरीज पाये गये, जिसमें से 82 प्रतिशत एमडीआर के मरीज थे। विश्व में टीबी इंसीडेंस 2 प्रतिशत की दर से घट रहा है। टीबी रोग को समाप्त करने के लिए टीबी इंसीडेंस को 2020 तक 4 से 5 प्रतिशत की कमी तक ले जाने की आवश्यकता है।

विशेषज्ञों ने बताया कि हर उम्र के मरीजों में 10 से 15 प्रतिशत लोगों को टीबी होने की सम्भावना बनी रहती है। भारत में हर 3 मिनट में 2 मरीजों की मृत्यु टीबी से हो रही है। भारत में हर साल लगभग 211 मरीज प्रति लाख जनसंख्या में क्षय रोग से ग्रसित होते हैं। जिनमें 7 मरीजों में क्षय रोग के साथ एचआईवी भी होता है और 11 मरीजों को एमडीआर हो जाता है। 211 मरीजो में से 32 मरीजों की क्षय रोग से मृत्यु हो रही है। हर साल लगभग 3 प्रतिशत नये एमडीआर टीबी रोग से ग्रसित मरीज सामने आ रहे हैं, लगभग 16 प्रतिशत टीबी के मरीजों में मधुमेह रोग पाया जा रहा है और लगभग 2.8 प्रतिशत मधुमेह रोगियों को टीबी रोग हो जाता है।

टीबी विशेषज्ञ डाॅक्टरों ने बताया कि भारत में लगभग 6 करोड़ मधुमेह रोगी है जिनमें से 18 लाख टीबी की चपेट में आ चुके है। ये संख्या तेजी से बढ रही है। जहां एक तरफ डब्ल्यूएचओ ने 2030 तक टीबी का अंत करने की कार्य योजना तैयार की है। वहीं भारत सरकार द्वारा 2025 तक टीबी मुक्त भारत का संकल्प लिया गया है। इस सपने को साकार करने के लिये यह जरूरी है कि जो दिशा निर्देश भारत सरकार द्वारा दिये गये है उनका अनुपालन कड़ाई से कराया जाए तथा टीबी का उपचार विशेषज्ञ चिकित्सकों की देख रेख में ही कराना सुनिश्चित किया जाये। भारत सरकार ने टीबी के मरीज के पोषण के लिए हर माह 500 रू की सहायता राशि देने का निश्चय किया है। भारत सरकार क्षय रोग के उन्मूलन के लिए प्राइवेट सेक्टर में इलाज कराने वाले मरीजों, चिकित्सकों एवं अस्पतालों को सहायता भी दे रही है। चिकित्सक एवं अस्पतालों को रोगी के उपचार और इस बीमारी की गंभीरता के प्रति जागरूक करने के लिये 250.00 रु प्रति माह 6 से 9 महीने के लिए दिये जा रहे हैं।  http://www.satyodaya.com

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लखनऊ लाइव

सीएए हिंसाः नुकसान की भरपाई के लिए मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची पुलिस

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रिकवरी धनराशि जमा करने के लिए शुक्रवार तक का दिया समय

लखनऊ। 19 दिसंबर 2019 को लखनऊ में सीएए-एनआरसी विरोधी हिंसा व प्रदर्शन में हुए सरकारी नुकसान की भरपाई की कार्यवाही तेज हो गयी है। इस हिंसा के लिए मौलाना सैब अब्बास को भी ठहराया गया है। सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई के लिए फरवरी 2020 में जिलाधिकारी ट्रांस गोमती की कोर्ट ने 57 दोषियों से 1.55 करोड़ रुपए वसूलने का आदेश दिया था। दोषियों द्वारा रकम न जमा करने पर उनकी संपत्ति कुर्क कर मुआवजा वसूलने का आदेश दिया था।

जिसके क्रम में पुलिस व प्रशासनिक अफसरों की एक टीम गुरुवार को मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची। एडीएम पश्चिमी की कोर्ट ने मौलाना सैफ अब्बास सहित 10 दोषियों से 67 लाख 73 हजार 900 रुपए की वसूली करने का आदेश दिया था। मौलाना ने अब तक अपने हिस्से की हर्जाना धनराशि नहीं जमा की है।

यह भी पढ़ें-लखनऊ में सीएए हिंसा: नुकसान की भरपाई के लिए 3 दोषियों की दुकानें सील

गुरुवार को जब जिला प्रशासन की टीम मौलाना सैफ अब्बास के घर पहुंची तो उनका बेटा व समर्थक पुलिस से उलझ गए। हालांकि समझाने के बाद सभी शांत हो गए। अफसरों ने मौलाना सैब अब्बास को हर्जाना की धनराशि जमा करने के लिए शुक्रवार तक का समय दिया है।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

लाभार्थियों की सूची का होगा डिजिटलीकरण, आईसीडीएस निदेशक ने जारी किये निर्देश

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लखनऊ। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दी जा रही सेवाओं के लाभार्थियों की सूची का अब डिजिटलीकरण होगा। इस सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) की निदेशक डॉ. सारिका मोहन ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को पत्र भेजकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किये हैं।

पत्र के अनुसार, बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को लाभार्थियों का डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गर्भवती एवं धात्री महिलाओं, छह माह से तीन वर्ष की आयु के बच्चों, तीन से छह वर्ष की आयु के बच्चों एवं स्कूल न जाने वाली किशोरियों को विभाग की तरफ से चलने वाली सभी योजनाओं का लाभ समय-समय पर पहुंचाती रही है।

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पत्र के हवाले से सूची के डिजिटलीकरण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों में खुले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) को दी गयी है। सेंटर संचालक गांव में आंगनबाडी केंद्र पर जाकर कार्यकर्ता व सहायिकाओं से पंजीकृत लाभार्थियों के नाम, पते, राशन कार्ड, मोबाइल नम्बर आदि की डिटेल लेंगे। प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लाभार्थी की जानकारी हर महीने की 25 से 30 तारीख के मध्य अपडेट की जाएगी। इसके बाद गूगल फॉर्म में 1 से 5 जुलाई के बीच दर्ज करेंगे। फीडिंग के बाद पूरा डाटा विभाग को देगा।http://www.satyodaya.com

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कोरोना वायरस

नगर निगम के बाबू समेत 32 में कोरोना संक्रमण की पुष्टि

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जोन-8 निगम कार्यालय को सेनेटाइज करते हुए 48 घंटे के लिए बंद

लखनऊ। राजधानी में कोरोना वायरस ने पूरी तरह से पांव फैला लिया है। कोरोना के चपेट में नगर निगम का बाबू भी आ गया है। माना जा रहा है कि जोन-8 में हाउसटैक्स जमा करने आए हुए लोगों से यह संक्रमित हुआ है। बाबू की तैनाती हाउसटैक्स वसूलने के लिए की गई थी। हांलाकि बाबू तबीयत खराब होने पर खुद छुट्टी लेकर घर में ही क्वारंटीन हो गया था। उसे केजीएमयू में भर्ती कराया गया है। इसके साथ ही जोन-8 कार्यालय को सेनेटाइज करते हुए 48 घंटे के लिए बंद करा दिया गया है। वहीं उसके निवास स्थान सआदतगंज को भी सील कर दिया गया है। उसके संपर्क में आए लोगों के नमूने भेजे गए हैं।

सीएमओ प्रवक्ता योगेश रघुवंशी के मुताबिक नगर निगम के बाबू समेत 32 लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। बाबू के अलावे सआदतगंज में तीन और मरीज कोरोना की चपेट में आए हैं। वहीं विजयनगर में चार व गोमतीनगर एवं इन्दिरानगर के तीन-तीन मरीज कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। इसके अलावा आलमबाग, माल एवेन्यू, आईआईएम रोड के दो-दो मरीज शामिल हैं। जबकि त्रिवेणीनगर, चिनहट, अलीगंज, महानगर, विकासनगर, चैक, वृन्दावन योजना, राजाजीपुरम, कृष्णा नगर, तुलसीदास मार्ग, जफर खेड़ा, गोमती नगर विस्तार के एक-एक मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि की गई है। इन सभी को शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

यह भी पढ़ें :- केजीएमयू में कोरोना जांच का आंकड़ा एक लाख के पार

सीएमओ प्रवक्ता ने बताया कि सर्विलान्स एवं कान्टेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 439 लोगों के सैम्पल टीम द्वारा लेकर जांच के लिए केजीएमयू भेजे गये। इसके अलावा नैपियर रोड, नगरिया ठाकुरगंज, शीशमहल, वजीरबाग, हुसैनाबाद, बालागंज, चैैपटिया आदि क्षेत्रों में संक्रमण से मुक्ति के लिए टीमों द्वारा कार्य किया गया। टीम ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया। टीम द्वारा कुल 2985 घर का भ्रमण किया गया तथा 13395 जनसंख्या को आच्छादित भी किया।

कोरोना से जीती जंग

कोरोना से मचे दहशत के बीच इससे मरीज भी पूरी तरह से स्वस्थ हो रहे हैं। 16 मरीजों ने कोरोना से जंग जीत लिया है। यह मरीज राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती थे। जिन्हें छुट्टी दे दी गई है। इनमें केजीएमयूू के 5, एलबीआरएन-9, ईएसआई हास्पिटल-2 के स्वस्थ मरीज शामिल हैं।

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July 2, 2020, 11:41 pm
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