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लखनऊ लाइव

सामाजिक व राजनीतिक सोच से जुड़ रही हैं लखनऊ और कानपुर की ये मॉडल्स, पढ़िए इनकी बेबाक राय

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सत्योदय डेस्क, लखनऊ । अब तक यह आम धारणा रही है कि फैशन जगत से जुड़ी हस्तियों की सामाजिक सोच या राजनीतिक विचार नहीं होता। एक दो अपवाद को छोड़ दिया जाए तो राजनीति तो दूर सामाजिक मुद्दों पर वे बयान देने से भी कतराते हैं। लेकिन नवाबों की नगरी लखनऊ और गंगा किनारे वाले पड़ोसी शहर कानपुर के उभरते हुए युवा मॉडल इस मिथ को तोड़ते नजर आ रहे हैं। वे न सिर्फ राजनीति पर खुलकर चर्चा करते हैं, बल्कि पार्टी से लेकर नेता तक पर अपनी सोच छिपाते नहीं हैं। यहां तक सोशल मीडिया पर भी यह युवा अपनी विचारधारा को लेकर मुखर होते जा रहे हैं।

सत्योदय की टीम ने दोनों शहरों के कुछ ऐसे ही उभरते सितारों से उनके वास्तविक पेशे को छोड़ राजनीति पर उनकी पसंद ना पसंद के साथ पार्टी और नेता के समर्थन पर चर्चा की। पेज थ्री की जिदंगी जीने वाला यह यूथ भी आम लोगों की तरह किसान, नौजवान, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी समस्याओं को लेकर गंभीर दिखा। पार्टी के सवाल पर ज्यादरतर युवाओं ने बीजेपी और नरेन्द्र मोदी को अपना पसंदीदा नेता चुना और इसके लिए अपनी दलील भी दी। इन तमाम बिन्दुओं को लेकर कुछ ऐसे ही उभरते हुए युवा मॉडलों की राय को लेकर पेश है मयूर कश्यप की रिपोर्ट –

रिया सिंह राजपूत

बीबीए करते – करते मॉडलिंग में अपना करियर बनाने वाली चिनहट के तिवारीगंज की रहने वाली रिया सिंह राजपूत एक बार फिर से बीजेपी की सरकार चाहती हैं। उनका कहना है कि मौजूदा दौर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बढ़कर कोई नेता नहीं है। वे हर समय देश सेवा में लगे रहते हैं।

जारा शैख

कई बड़े ब्रांड के साथ काम करने के अलावा अन्य मॉडलों को ट्रेनिंग देने वाली पुराने लखनऊ की निवासी जारा शेख भी मोदी को ही अपनी पसंद बताती हैं। हालाांकि वह मानती हैं कि सरकार किसी की भी आए उसके लिए किसानों की कर्जमाफी, नौजवानों के लिए रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे प्राथमिकता पर होने चाहिए। इनके बिना देश का चौतरफा विकास नहीं हो सकता है।

आयुषी रस्तोगी

लखनऊ में यहियागंज निवासी और मास कॉम की छात्रा आयुषी रस्तोगी भी बीजेपी का समर्थन करती हैं। उनका कहना है कि पिछले पांच साल में सरकार ने सौभाग्य और उज्जवला जैसी योजनाओं के साथ गरीब तबके को भी सबके बराबर लाने का काम किया है। मौजूदा समय में अभी सभी दलों के बीच तुलना करने पर बीजेपी ही सबसे बेहतर विकल्प है।

आरुषी

मॉडलिंग के साथ बिजेनस में अपनी मां का हर समय साथ निभाने वाली चंदरनगर आलमबाग निवासी आरुषी भी बीजेपी को पंसद करती हैं। उनकी दलील है कि तीन तलाक समेत महिलाओं के कई मुद्दों को उठाकर बीजेपी ने आज औरत और मर्द के बीच का अंतर कम किया है। लड़कियों के लिए प्रदेश में भाजपा की सरकार की तरफ से चलाई गई कन्या सुमंगला योजना की भी वह काफी प्रशंसा करती हैं।

काजल सिंह

कई मॉडलिंग शो की शो स्टॉपर रह चुकीं शहर की उभरती मॉडल काजल सिंह पार्टी तो नहीं लेकिन मुद्दों पर खुलकर चर्चा करती हैं। उनकी दलील है कि सरकार किसी की भी बने लेकिन जनता की बुनियादी जरूरतें जरूर पूरी होनी चाहिए। वह शिक्षा, स्वास्थ सुविधाओं को दुरुस्त करे। ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले इस बात पर भी सरकार को ध्यान देना चाहिए। उसके अलावा आधी आबादी यानी महिलाओं के अधिकार भी बढ़ें, ऐसी ख्वाहिश वह रखती हैं।

शैलजा मिश्रा

मॉडलिंग के साथ यूपीएससी की तैयारी करने वाली इंदिरा नगर निवासी शैलजा मिश्रा भी पार्टी और नेता का नाम लेनी से बचती हैं। हालांकि वे बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार देने वाली सरकार चुनना पसंद करती हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दो दशक में सरकारों ने शिक्षा का बजट बहुत कम कर दिया है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाली सरकार सबसे ज्यादा शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट देगी।

रित्विका द्विवेदी

ऑन लाइन शॉपिंग कम्पनियों से लेकर शहर के कई बड़े प्रॉडक्ट की फेस रह चुकीं राजाजीपुरम निवासी रित्विका द्विवेदी मोदी की फैन हैं। बताती हैं कि आज नरेन्द्र मोदी की वजह से मेक इन इंडिया और कई बड़े अभियान शुरू हो पाए हैं। स्वच्छ भारत अभियान भी उसी का हिस्सा है। नरेन्द्र मोदी के स्चच्छ भारत अभियान की ही देन है कि आज पढ़ा लिखा तो दूर अनपढ़ आदमी भी कूड़ा डस्टबिन में डालता है।

खुशी अरोड़ा

घर के साथ मॉडलिंग और बच्चे का भी खयाल रखने वाली कानपुर की खुशी अरोड़ा बीजेपी की सपोर्टर हैं। उन्होंने बताया कि मौजूदा दौर पर सबसे कम परिवारवाद इसी दल में है। पांच साल में सबसे कम भ्रष्टाचार के मामले आए हैं, जबकि पुरानी सरकारों में मंत्री रहे लोगों को भ्रष्टाचार की वजह से पद छोड़ना पड़ा था। ऐसे में मोदी और बीजेपी से बेहतर विकल्प कुछ नहीं है।

काजल

थियेटर के साथ मॉडलिंग करने वाली लखनऊ इंदिरा नगर की काजल भी बीजेपी को ही सबसे अच्छा विकल्प मानती है। उनका कहना है कि बाकी दल भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ यह समस्या नहीं है। ऐसे में बीजेपी को ही आना चाहिए। सबका साथ सबका विकास के नारे के साथ वह काम भी कर रहे हैं। बाकी दल तो मतलब के लिए गठबंधन करते हैं।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

KGMU को मिला नया कुलपति, लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी बने वाइस चांसलर

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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू)  को नया कुलपति  मिल गया है। लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी वाइस चांसलर को बनाया गया है। वह अभी एम्स नई दिल्ली में प्रोफेसर एमेरिटस के पद पर कार्यरत हैं। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की ओर से इनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन्हें पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन साल के लिए कुलपति बनाया गया है। 

लेफ्टिनेंट जनरल डॉक्टर बिपिन पुरी आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस के डीजी के साथ आर्मी मेडिकल कोर के सीनियर कर्नल कमांडेंट रह चुके हैं। पुणे स्थित आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज से स्नातक लेफ्टिनेंट जनरल पुरी को सेना मेडिकल कोर में आठ दिसंबर 1979 को कमीशंड मिली थी। उन्होंने 1985 में आर्म्ड फोर्स मेडिकल कॉलेज से ही जनरल सर्जरी में पीजी किया था। जबकि 1993 में चंडीगढ़ के परास्नातक इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन व रिसर्च से एमसीएच किया है।

डॉक्टर पुरी की पहचान विश्व स्तरीय पीडियाट्रिक सर्जन की है। वह करीब 20 वर्ष तक सैन्य सेवा में रहे हैं। उन्होंने सैन्य  सेवा में रहते हुए पीडियाट्रिक सर्जरी से जुड़ी विभिन्न विधाओं पर कई शोध पत्र प्रकाशित किए हैं। ऐसे में केजीएमयू मैं उनके नेतृत्व में सर्जरी से जुड़ी विधाओं को खासतौर से गत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। लखनऊ के सेंट्रल कमांड और आरआर हॉस्पिटल दिल्ली में भी वह तैनात रह चुके हैं। वर्ष 2017 में उनको राष्ट्रपति ने विशिष्ट सेवा मेडल प्रदान किया था। जबकि जून 2016 में उनको राष्ट्रपति का ऑनरेरी सर्जन नियुक्त किया गया था।

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बता दें कि पिछले 11 अप्रैल को केजीएमूय कुलपति का तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के बाद प्रो. एमएलबी भट्ट को तीन महीने का सेवा विस्तार दिया गया था। कोविड-19 महामारी के चलते उन्हें यह विस्तार दिया गया था। इस बीच नए कुलपति का चयन न हो पाने के कारण बीती 13 जुलाई को संजय गांधी पीजीआइ के निदेशक प्रो. आरके धीमान को केजीएमयू का कार्यवाहक कुलपति बनाया गया था और प्रो. भट्ट को कार्यमुक्त कर दिया गया था। सूत्रों की माने तो नई चयन प्रक्रिया में करीब 38 लोगों ने आवेदन किया। इसमें स्क्रीनिंग के बाद पांच लोगों का चयन किया गया। 3 दिन पहले राजभवन में साक्षात्कार हुआ। इसमें डॉक्टर पूरी के अलावा केजीएमयू, पीजीआई और एम्स के प्रोफेसर ने हिस्सा लिया था।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ लाइव

भातखण्डे की कुलपति प्रो. एसएस काटकर को राज्यपाल ने किया बर्खास्त

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वित्तीय अनियमितता, मनमानी व भ्रष्टाचार के चलते हुई कार्रवाई

लखनऊ। आखिरकार श्रुति सडोलीकर काटकर को भातखंडे संगीत संस्थान विश्वविद्यालय की कुलपति पद से हटा दिया गया। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने शुक्रवार को एसएस काटकर की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। राज्यपाल ने फिलहाल मंडलायुक्त लखनऊ मुकेश मेश्राम को संगीत विवि का कार्यकारी कुलपति बनाया है। पिछले कई वर्षों से भातखण्डे के कुलपति पद पर जमीं काटकर पर काफी समय से भ्रष्टाचार, अनियमितता और मनमानी के आरोप लग रहे थे।

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तमाम आरोपों के बाद फरवरी 2020 में राज्यपाल ने प्रो. श्रुति सडोलीकर काटकर के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। राज्यपाल ने काटकर पर लगे आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यी कमेटी गठित की थी। सीएजी की रिपोर्ट में भी काटकर द्वारा को आवंटित धनराशि में से करोड़ों रुपए के गबन का खुलासा हुआ है। जांच में सभी आरोप सही पाए जाने पर आज काटकर को उनके पद से हटा दिया गया।

शिक्षकों व छात्रों के उत्पीड़न का भी है आरोप

वित्तीय अनियमितताओं के अतिरिक्त भी सडोलीकर काटकर विवि के शिक्षकों और छात्रों का उत्पीड़न करने के आरोप लगते रहे हैं। लेकिन ऊंची पहुंच और रसूख के चलते काटकर पर कभी आंच नहीं आई। विवि के कई छात्रों का आरोप है कि काटकर के उत्पीड़न के चलते कई शिक्षकों व छात्रों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। http://www.satyodaya.com

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क्राइम-कांड

बेरोजगारी से रेस्त्रां कर्मचारी व कैब ड्राइवर ने की आत्महत्या

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पुलिस दोनों के पास से नहीं मिले सुसाइड नोट

लखनऊ। राजधानी में इन दिनों बेरोजगारी से सुसाइड केस में इजाफा हो रहा है। बेरोजगारी की वजह से चिनहट में एक रेस्त्रां के कर्मचारी व बंथरा में कैब ड्राइवर ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। पुलिस को दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

चिनहट में एक रेस्त्रां के कर्मचारी रवि सिंह (23) ने फांसी लगा ली। उसे फंदे पर लटका देखकर उसे नीचे उतारा गया और लोहिया अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घरवालों का कहना है कि रेस्त्रां बंद होने के बाद वह बेरोजगार हो गया था। इसी कारण उसने फांसी लगाई।

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विकल्पखंड निवासी मुन्ना सिंह के बेटे रवि ने देर रात घर के प्रथम तल पर टीन शेड में फांसी लगा ली। उसकी मां किरन उसे फंदे पर लटका देखकर शोर मचाया। शोर शराबा सुनकर पड़ोसी जुटने लगे। उन लोगों ने उसे नीचे उतारा और लोहिया अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है, कि वह एक रेस्त्रां में काम करता था। आत्महत्या से पहले उसने पिता और भाई से बेरोजगारी को लेकर काफी देर तक बातचीत की थी। घरवालों ने उसे दिलासा दिलाया था।

बंथरा में कैब ड्राइवर शेर बहादुर (32) ने फांसी लगा ली। बंथरा के अलीनगर खुर्द निवासी शेर बहादुर कैब ड्राइवर था। देर रात खाना खाने के बाद परिवारीजन से उसका किसी बात को लेकर विवाद हो गया। जिसके बाद उसने निर्माणाधीन मकान में जाकर फांसी लगा ली। सुबह तक वह घर नहीं आया तो उसकी तलाश शुरू हुई। घरवालों ने देखा कि उसका शव लटक रहा था।http://satyodaya.com

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August 3, 2020, 4:33 pm
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