Connect with us

लखनऊवा

हिन्दवी स्वराज्य दिवस के रुप में मनाया गया शिवाजी महाराज का साम्राज्योत्सव, मेयर ने दिलाया स्वच्छता का संकल्प

Published

on

clickretina digital marketing company
clickretina digital marketing company

 

लखनऊ। ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी के अवसर पर लखनऊ विश्वविद्यालय में “छत्रपति शिवाजी महाराज के साम्राज्योत्सव” को हिन्दवी स्वराज्य दिवस के रुप में मनाया गया। कार्यक्रम में अतिथियों ने शिवाजी की प्रतिमा का पूजन, माल्यार्पण करने के बाद एवं वृक्षारोपण किया। शारीरिक शिक्षा विभाग में आयोजित  संगोष्ठी में मुख्य अतिथि महापौर संयुक्ता भाटिया, एवं विशिष्ट अतिथि लखनऊ उत्तर से विधायक डॉ० नीरज बोरा थे।

सभा को संबोधित करते हुए महापौर ने छत्रपति शिवाजी को भारतमाता का महान सपूत बताते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। मेयर ने स्वच्छता अभियान में ल०वि०वि० की सक्रिय भागीदारी के लिए युवा छात्र एवं छात्राओं से अपील की । उन्होंने इस अभियान में नगर निगम के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना के बच्चों शामिल करने की बात कही। कुलसचिव ने इस सम्बंध में ल०वि०वि और नगर निगम में एम०ओ०यू० हस्ताक्षर करने का प्रस्ताव दिया, जिसे महापौर ने स्वीकार कर लिया।

उल्लेखनीय है कि 24 जून को गोमती सफाई अभियान की शुरुआत करते समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता का संकल्प दिलाते हुए महापौर, विधायक, मंत्रियों, पार्षदों के साथ ही अधिकारियों और नागरिकों को पौधे भेंट किये थे।  ल०वि०वि० कर्मचारी परिषद के महामंत्री डॉ० संजय शुक्ला को जामुन का पौधा दिया था। महापौर एवं विधायक ने उसी पौधे का रोपड़ करके मुख्यमंत्री के स्वच्छता अभियान को आगे ले जाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विश्वविद्यालय के कुलसचिव शैलेश कुमार शुक्ला के अतिरिक्त  rss के प्रांत संपर्क प्रमुख डॉ० जयवीर सिंह, मराठा समाज उ०प्र० के अध्यक्ष उमेश पाटिल, इतिहास विभाग के अध्यक्ष प्रो० डी०पी० तिवारी, मानवशास्त्र विभाग के अध्यक्ष यू०पी० सिंह, ल०वि०वि० छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष और शारिरिक शिक्षा विभाग के समन्वयक डॉ० नीरज जैन, पार्षद प्रदीप शुक्ला, कर्मचारी परिषद उपाध्यक्ष विनोदधर दुबे, मंत्री के०पी० सिंह एवं नत्थूलाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारीगण, छात्रगण तथा मराठी समाज के लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में संयोजक संजय शुक्ला ने सबके प्रति आभार प्रकट किया।  http://WWW.SATYODAYA.COM

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रदेश

कहासुनी के चलते झुग्गी में रहने वालों के बीच हुई मारपीट, 6 लोग गंभीर रूप से घायल   

Published

on

Featured Video Play Icon
clickretina digital marketing company
clickretina digital marketing company

फाइल फोटो

लखनऊ। राजधानी में आए दिन मारपीट, लूटमार, एवं पारिवारिक विवाद की खबरें सुनने को मिलती हैं।  ऐसे में आज शहर में तब सनसनी फैल गई जब झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोग आपस में भीड़ गए।  इस आपसी कहासुनी में बात इतनी ज्यादा बढ़ गई कि लोग एक-दूसरे को मरने-मारने पर उतर आए।

जी हां यह पूरा मामला थाना अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र का है। जहां झुग्गी झोपडी में रहने वालों ने मामूली कहासुनी के चलते विवाद इतना बढ़ गया कि लोगों ने एक दूसरे पर रॉड और बेलचा तक बरसाना शुरू कर दिया। इस लड़ाई में दोनों तरफ के करीब 6 लोग घायल हुए हैं।

ये भी पढ़े:पारिवारिक विवादों के चलते युवक ने टंकी पर चढ़कर कूदने का किया प्रयास  

बता दें इस इस मामले को बढ़ता हुआ देख स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना डायल 100 पर दी। मौके पर पहुंचकर पीआरवी 0494 के सिपाही रामजी पांडे, विनय कुमार अवस्थी और अतुल सिंह ने तत्परता दिखाते हुए मारपीट में घायल लोगों को जल्दी से ट्रामा पहुंचाया। जहां उनका इलाज अभी चल रहा है।  हालांकि इस मामले की अभी पुलिस तहकीकात कर रही है। वह जल्द ही इस पूरे मामले की कार्रवाई करेगी। http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

होली के रंग में सराबोर नजर आए पीजी कालेज के स्टूडेंट, खूब उड़ा कॉलेज के बाहर अबीर- गुलाल… 

Published

on

होली
clickretina digital marketing company
clickretina digital marketing company

फाइल फोटो

लखनऊ। होली हिन्दुओं का सबसे खूबसूरत त्यौहार है, इस दिन सभी लोग गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को रंगों में सराबोर करते हैं। होली का त्यौहार तो वैसे सभी के लिए होता है,लेकिन बच्चे और जवानों के लिए सबसे अच्छा और हुडदंग वाला होता है।

ऐसे में होली आने से दो-तीन दिन पहले से स्कूल, कालेज और ऑफिसों में रंग और गुलाल उड़ने लगते हैं।

इसी तरह होली से पहले इस साल भी राजधानी लखनऊ के नेशनल पीजी कालेज में छात्र-छात्राओं ने जमकर होली खेली। स्टूडेंट कॉलेज के बाहर रंगों में सराबोर होते हुए नजर आएं। होली के मौसम में सभी स्टूडेंट चेहरे पर रंगों के साथ मस्ती करते हुए नजर आएं। वहीं कई छात्र इस पल को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर इंटरनेट के जरिये सोशल मीडिया पर पोस्ट करते दिखें।

ये भी पढ़े: रेड कलर की ड्रेस में मौनी रॉय ने ढाया कहर, शेयर की तस्वीरें

स्टूडेंट ने रंगों के साथ ली खूबसूरत सेल्फी

होली की छुट्टी होने की खुशी में स्टूडेंट ने एक-दूसरे को गुलाल और रंगों में सराबोर करके कालेज के बाहर खूब सेल्फी ली है। सभी ने दोस्तों के साथ इस खूबसूरत लम्हे को बड़ी खूबसूरती के साथ अपने कैमरे में कैद किया है।

इस होली फेस्टिवल में बच्चों की एक-दूसरे के साथ काफी अच्छी बॉन्डिंग भी दिखी, कालेज के दोस्तों के साथ उनके सभी धर्मों के दोस्तों ने जमकर रंग-गुलाल लगाए हैं।

http://www.satyodaya.com

Continue Reading

अपना शहर

कला अभिरुचि पाठ्यक्रम: ‘सुसज्जा कलाएं’ और ‘सुसज्जित कलाएं’ है भारत की विशाल कला श्रृंखला की मजबूत कड़ी…

Published

on

clickretina digital marketing company
clickretina digital marketing company

समय सीमा के आधार पर बांटी गयी हैं हस्तनिर्मित कलाकृतियां

लखनऊ। राज्य संग्रहालय में दिनांक 30 जनवरी से 16 फरवरी 2019 तक आयोजित होने वाले कला अभिरुचि पाठ्यक्रम के अन्तर्गत आज मुख्य वक्ता के रूप में राष्टीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सज्जा कला अनुभाग में संग्रहपाल के पद पर कार्यरत डॉ0 अनामिका पाठक ने सौन्दर्य एवं कलात्मकता का संगम-सुसज्जित कलाएं विषय पर विशिष्ट व्याख्यान देते हुए सज्जा कला के विविध आयामों को बहुत ही सहजता के साथ व्याख्यायित किया।

अपने व्याख्यान में उन्होंने बताया गया कि ‘‘सुसज्जा कलाएं’’ अथवा ‘‘सुसज्जित कलाएं’’ भारत की विशाल कला श्रृंखला की ही कड़ी है। कलात्मक कला, लोककला, जातीय कला (मजीदपब) कला, धार्मिक कला, मूर्ति कला इत्यादि अनेकों कलाओं की ही भांति सुसज्जा कला उन अनाम कलाकारों द्वारा पोषित कला हैं जो उन्हे पीढियों से विरासत में मिली और आज भी चल रही है। जैसा कि नाम से ही परिलक्षित होता है ‘‘सुसज्जित करना’’ उन सभी दैनिक, राजसी एवं अनुष्ठानिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं को कहा जाता है जिनका उपयोग मानव स्वयं को अथवा अपने आस-पास के क्षेत्र को सजाने के लिए करता रहा है।

समय सीमा की दृष्टि से देखें तो इस श्रेणी में 17वीं शती से लेकर 20वीं शताब्दी तक की वे सभी हस्तनिर्मित कलाकृतिया आती हैं जिन्हें अलग-अलग रुप से बनाया और सजाया जाता है। काष्ठ, धातु, हाथीदांत, यशब, अमल्य पत्थर, वस्त्र कला, कॉंच हड्डी, चीनी मिटटी इत्यादि विभिन्न प्रकार के माध्यमों का उपयोग कर तरह-तरह की कलाकृतिया बनाई जा रही है। विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों के माध्यम में यहॉ पर इन सभी बातों की चर्चा की जायेगी कि कैसे कलाकारों ने सौन्दर्य एवं कलात्मकता को ध्यान में रखकर कैसे दैनिक अथवा अनुष्ठानिक उपयोग में आने वाली एक से बढकर एक कलाकृतियां की संरचना की और किस प्रकार प्राचीन भारतीय कला परम्परा का निर्वाह किया। ऐसे अनाम कलाकारों को उनकी लगनशीलता को शत्-शत् नमन।

यह भी पढ़ें- ‘प्राचीन भारतीय मुद्राएं : विविध आयाम’ – विनिमय के साधन के रूप में आज मानव जाति ने कौड़ियों से लेकर क्रेडिट कार्ड तक की यात्रा कर ली तय

आज के इस कार्यकम का संचालन रेनू द्विवेदी सहायक निदेशक, पुरातत्व (शैक्षिक कार्यक्रम प्रभारी) ने किया। कार्यकम के अन्त में डॉ0 आनन्द कुमार सिंह, निदेशक उ0प्र0 संग्रहालय निदेशालय ने सुसज्जित कला के सौन्दर्य एवं कलात्मक पक्ष विषय पर अत्यन्त सजीवता के साथ विद्यार्थियों के मध्य दिये गये व्याख्यान के लिए विद्वान वक्ता को धन्यवाद ज्ञापन करने के साथ-साथ प्रतिभागियों तथा अतिथियों एवं पत्रकार बन्धुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।http://www.satyodaya.com

Continue Reading

Category

Weather Forecast

March 26, 2019, 3:35 pm
Sunny
Sunny
30°C
real feel: 30°C
current pressure: 1010 mb
humidity: 24%
wind speed: 3 m/s WNW
wind gusts: 3 m/s
UV-Index: 2
sunrise: 5:34 am
sunset: 5:50 pm
 

Recent Posts

Top Posts & Pages

Subscribe to Blog via Email

Enter your email address to subscribe to this blog and receive notifications of new posts by email.

Join 7 other subscribers

Trending