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लखनऊवा

एसटीएफ ने बिहार सरकार के फर्जी लेटर पैड तैयार करने वाले व्यक्ति को दबोचा

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लखनऊ। बिहार सरकार के फर्जी लेटर पैड पर उत्तर प्रदेश के दो शिक्षकों का स्थानातंरण कराने के प्रयास में एसटीएफ ने जालसाज को राजधानी के गौतमपल्ली इलाके से धर दबोचा। एसटीएफ के एसएसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि उ.प्र. सरकार, लखनऊ द्वारा अवगत कराया गया कि किसी व्यक्ति ने उ.प्र. सरकार को बिहार शासन के लेटर पैड पर हस्ताक्षर कर उ.प्र. सरकार को 2 शिक्षकों के स्थानान्तरण के सम्बन्ध में पत्र प्रस्तुत किया है। जिसके सत्यापन के निर्देश दिये गये है।

एसएसपी ने बताया कि इसके लिए टीम को लगाया गया। जिसमें सूचना मिली कि उक्त लेटर पूरी तरह से फर्जी है और उस पर किये गये हस्ताक्षर भी फर्जी है। इस फर्जी लेटर को लिखने वाला जालसाज राजधानी का ही है जो गौतमपल्ली के जियामऊ स्थित कैंसर अस्पताल के पास मौजूद है, जो कहीं जाने के फिराक में खड़ा है। इस सूचना पर विश्वास कर एसटीएफ  की टीम ने कैंसर अस्पताल के पास घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।  

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पूछताछ पर आरोपी ने बताया कि उसने इन्टरनेट के माध्यम से बिहार शासन के लेटर पैड व पत्र लेखन का एक विडियो देखा था, उसी के अनुसार उसने लेटर पैड कम्प्यूटर द्वारा बनाकर गीतम सिंह सहायक अध्यापक उच्च प्राथमिक विद्यालय, बेसार, ब्लाक महराजगंज, जौनपुर व राहुल कुमार यादव सहायक अध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय, अहिरौली, ब्लाक ठेकमा, आजमगढ़  के स्थानान्तरण के लिए फर्जी लेटर पैड पर स्वंय हस्ताक्षर करके उप्र सरकार को पत्र भेजा था।

इस सम्बन्ध में गीतम सिंह व राहुल यादव को कुछ भी नहीं बताया था, उसके इस साजिश में रामपाल प्रधानाध्यापक, अभिनव प्राथमिक विद्यालय, डालूपुर, जनपद जौनपुर व मुन्ना यादव निवासी कोल्हुआ, जनपद जौनपुर भी शामिल थे। यदि स्थानान्तरण हो जाता तो एक लाख मिलते, जिसे तीनों लोग आपस में बात लेतेे थे।http://www.satyodaya.com 

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नमाज की जमात में 5 से अधिक लोगों पर पाबंदी का निर्णय अव्यवहारिक- महमूद मदनी

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इस निर्णय पर पुनर्विचार करें केन्द्र और यूपी सरकार

लखनऊ। कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए सरकार तमाम प्रयास कर रही है। और चार चरणों के लॉकडाउन के बाद सरकार ने अनलॉक-1 लागू कर दिया है। और इनमें तमाम रियायते देते हुए धार्मिक स्थलों को भी खोलने की अनुमति दे दी है। वहीं सरकार ने धार्मिक स्थलों में जारी गाइडलाइन के अनुसार ही प्रवेश की अनुमति दी है।

जमीयत उलमा-ए- हिंद के अध्यक्ष मौलाना कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूरपुरी ने यूपी सरकार की तरफ से मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए जमात में 5 व्यक्तियों से ज्यादा जाने पर पाबंदी लगाने को अव्यावहारिक और अनुचित ठहराया है। मौलाना ने कहा कि सभी धर्मों की इबादत, पूजा, अर्चना करने के तरीके अलग-अलग होते हैं। जहां मस्जिद का मामला है, तो मस्जिद में नमाज सामूहिक तरीके से अदा की जाती है। यह कोई निजी व्यक्तिगत कार्य नहीं है और ना ही मस्जिद में दोबारा जमात की जाती है।

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ऐसी स्थिति में एक जमात में 5 लोगों से ज्यादा प्रवेश पर पाबंदी लगाना ना सिर्फ कठिनाई उत्पन्न करने वाला कार्य है बल्कि सरकार की ओर से अनलॉक-1 अंतर्गत जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में दी गई सुविधाओं के भी विपरीत है। मस्जिदों के जिम्मेदार को लगता है कि मस्जिदों को लेकर ज्यों की त्यों स्थिति बनाए रखने का प्रयास किया गया है। जबकि शॉपिंग मॉल, बाजार यहां तक कि सरकारी कार्यालय और यातायात की संख्या में कोई बाध्यता नहीं है। तो फिर इबादतगाहों में इस तरह का प्रतिबंध लगाने का क्या औचित्य है।

मस्जिदों में सरकारी गाइडलाइन के तहत दिए गए निर्देशों का पालन किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखा जा रहा है। ऐसे में सरकार के इस निर्णय को जमीयत उलमा ए हिंद गलत और अनुचित मानती है। उत्तर प्रदेश सरकार से अपील करती है कि वह अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करें और मस्जिद में सोशल डिस्टेंसिंग की शर्त के साथ सभी को नमाज पढ़ने की अनुमति दे। मौलाना ने कहा कि सरकार का यह निर्णय हर स्थित में अस्वीकार्य और अव्यवहारिक है।http://www.satyodaya.com

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प्रदेश

कोरोना को हराने की जंग:लखनऊ में शुरू हुई प्लाज्मा थेरेपी से मरीजों का इलाज

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लखनऊ। दिल्ली के बाद लखनऊ में भी कोरोना पेशेंट को प्लाज़्मा थेरेपी देने की शुरुआत हो गयी। यूपी में पहली बार लखनऊ के KGMU में भर्ती 58 वर्षीय कोरोना संक्रमित व्यक्ति को प्लाज़्मा थेरेपी दी गयी है। रविवार को देर शाम उरई के कोरोना संक्रमित डॉक्टर को प्लाज़्मा थेरेपी दी गयी है। मरीज को 200 एमएल प्लाज़्मा चढ़ाया गया है। फिलहाल डॉक्टरों के मुताबिक इसका असर दिख रहा है। मरीज की सेहत में सुधार हुआ है। एबीपी गंगा संवाददाता के मुताबिक शाम तक प्लाजमा की दूसरी डोज भी दी जा सकती है।

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मेडिसिन विभाग के डॉ. डी हिमांशु का बयान विभिन पैरामीटर्स अब स्थिर हालात देखते हुए कम किये जा रहे हैं वेंटिलेटर के पैरामीटर्स। वहीं KGMU कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट बोले देश के किसी सरकारी अस्पताल में ये पहली प्लाज़्मा थेरेपी है। कोविड के लिए कोई स्पेसिफिक ट्रीटमेंट नहीं ऐसे में प्लाज़्मा थेरेपी ही सबसे कारगर है। KGMU कुलपति ने सभी डॉक्टर्स को बधाई दी और कहा ये बड़ी उपलब्धि है।

उरई के जिस डॉक्टर को प्लाज़्मा थेरेपी दी गयी है उनको तकलीफ बढ़ने पर शुक्रवार को KGMU रेफर किया गया था। लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं होता दिखा। शरीर मे ऑक्सीजन का स्तर बिगड़ने पर सांस लेने में दिक्कत आने लगी। वेंटीलेटर पर भी जब स्थिति बिगड़ने लगी तो KGMU ने प्लाज़्मा थेरेपी का निर्णय लिया।

डॉक्टर के प्लाज़्मा से डॉक्टर को दी थेरेपी

KGMU में शनिवार को दो लोगों ने अपना प्लाज़्मा डोनेट किया था। लेकिन दोनों का ही ब्लड ग्रुप ‘बी’ पॉजिटिव था। उरई की जिस डॉक्टर को प्लाज़्मा थेरेपी दी जानी थी उनका ब्लड ग्रुप ‘ओ’ पॉजिटिव। इसके बाद प्लाज़्मा डोनेट करने के लिए उस महिला डॉक्टर को बुलाया गया जो लखनऊ में सबसे पहली कोरोना पॉजिटिव के रूप में सामने आई थी। कोरोना संक्रमण से मुक्त होने के बाद अब ये महिला डॉक्टर पूरी तरह स्वस्थ है।

महिला डॉक्टर ने 500 एमएल प्लाज़्मा डोनेट किया जिसमें से पेशेंट को 200 एमएल थेरेपी से चढ़ाया गया। बाकी का प्लाज़्मा स्टोर कर लिया गया है। उरई के कोरोना संक्रमित डॉक्टर पर अगले दो दिन तक इस थेरेपी का असर देखा जाएगा। रिस्पांस देखने के बाद दूसरी थेरेपी दी जाएगी। जिस कोरोना पॉजिटिव डॉक्टर को प्लाज़्मा थेरेपी दी गयी है वो KGMU से ही 1981 बैच के एमबीबीएस है।

KGMU प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह ने बताया कि उनके यहां अब तक तीन लोग प्लाज़्मा डोनेट कर चुके हैं। शनिवार को लखीमपुर खीरी के उमाशंकर पांडेय और KGMU के ही डॉ. तौसीफ खान ने प्लाज़्मा डोनेट करके इसकी शुरुआत की थी। इसके बाद रविवार को यानी कल लखनऊ में सबसे पहली कोरोना संक्रमित के रूप में सामने आई महिला डॉक्टर ने अपना प्लाज़्मा डोनेट किया है।

डोनेट किये गए प्लाज़्मा से प्राप्त एंटीबाडी इस बीमारी से लड़ने में सहायक होगी। प्लाज़्मा थेरेपी में कोरोना संक्रमित मरीज के ठीक हो जाने के कम से कम 14 से 28 दिन बाद उसके खून से प्लाज़्मा निकाला जाता है। इससे सही हो चुके रोगी के एंटीबाडी तत्व दूसरे रोगी के शरीर में जाते हैं। ऐसा करने से संक्रमित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढ़ती है। इससे उसका कोरोना संक्रमण जल्द ठीक होने की संभावना बढ़ती है।

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नखलऊ ख़ास

कोरोना संकट: लखनऊ के सभी बड़े मंदिरों के कपाट किए गए बंद

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लखनऊ: देशभर में करवाना मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है संक्रमित लोगों की संख्या दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए आज शनिवार सुबह लखनऊ के सभी मंदिरों को बंद कर दिया गया है। जिसमें शनि मंदिर के साथ साथ प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर को भी बंद कर दिया गया है।

लखनऊ के चौक स्थित कोनेश्वर महादेव मंदिर मे भक्तों का जमावड़ा सुबह से ही लग जाया करता है लेकिन इस सुबह भको को बाहर ही पूजा अर्चना करनी पड़ी। जानकारी के अनुसार कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अगली सूचना तक बंद रहेगी।

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पूरी दुनिया में इस वायरस ने आतंक मचा के रखा है। देशभर में कोरोना मरीजो की संख्या लगभग 181 से अधिक हो गयी है। जिनमे से 4 लोंगो की मौत और 20 लोग ठीक होकर घर जा चुके है। वहीं उत्तर प्रदेश में भी अभी तक लगभग 19 केस सामने आ चुके है। इस महामारी के मद्देनजर सरकार ने राजधानी बंद का आदेश दे दिया है। जिशके बाद शनिवार सुबह को बार ब्यूटी पार्लर तक बंद कराये गए है। इस महामारी के चलते लोगो का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया हैं। इस वायरस से बचने के लिए लोग शहर से अपने अपने घर पलायन कर रहे है। जिस चलते लखनऊ बस अड्डा पर भारी संख्या में लोगो की भीड़ देखने को मिली है।http://www.satyodaya.com

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