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शहर सियासत

कांग्रेस ने खेला नया दांव, सीएम योगी की काट को गृहमंत्री के खिलाफ लड़ा रहे हैं चुनाव…!!

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कांग्रेस ने जारी किया तीन प्रत्याशियों का नाम

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 का पहला चरण सफलतापूर्वक समाप्त हो चुका है। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों आगे आने वाले चरणों के लिए तैयारी कर ली है।ऐसे में सभी पार्टियों ने जीत हासिल करने के लिए कमर कस ली है।कल गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने बतौर भाजपा प्रत्याशी लखनऊ से नामांकन भरा।इस बाबत कांग्रेस पार्टी ने प्रत्याशियों की सूची जारी करते हुए लखनऊ के साथ दो अन्य स्थानों से भी प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की है।

इंडियन नेशनल कांग्रेस ने लखनऊ से राजनाथ सिंह के खिलाफ आचार्य प्रमोद कृष्णन को उतारा है।वहीं कैसरगंज से विनय कुमार पाण्डेय को उतारा है। जबकि मध्य प्रदेश की इंदौर सीट पर पंकज सांघवी को उम्मीदवार बनाया गया है।

आचार्य प्रमोद कृष्णन कल्कि पीठाधीश्वर हैं और 2014 में कांग्रेस के टिकट पर संभल से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि उन्हें मात्र 16 हजार वोट मिले थे और वह पांचवे स्थान पर रहे थे। आचार्य प्रमोद कृष्णन को कांग्रेस ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में स्टार प्रचारक की तरह उतारा था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर खुलकर हमले बोलने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की काट के तौर पर देखा जाता है।

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वहीं कैसरगंज से प्रत्याशी बनाए गए विनय कुमार पाण्डेय ने 2014 का लोकसभा चुनाव श्रावस्ती से लड़ा था और 2000 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे।

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इसके अलावा अगर बात करे इंदौर सीट के उम्मीदवार पंकज सांघवी की तो वो कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ में सीएम योगी के पोस्‍टर लगाने वालेे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में उपद्रव के आरोपितों का बैनर बनाम बैनर का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। सपा नेता आइपी सिंह की ओर से बैनर लगाए जाने के बाद अब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या का बैनर लगा दिया। बैनर पर दोनों के खिलाफ पूर्व में दर्ज मुकदमों का जिक्र किया गया है। खास बात यह है कि सार्वजनिक स्थानों पर विवादित बैनर लगा दिया गया और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।

दरअसल नागरिकता संशोधन कानून के दौरान हिंसा के आरोपियों से वसूली को लेकर राजधानी लखनऊ में जगह-जगह होर्डिंग लगे थे। वसूली के होर्डिंग लगाने के जवाब में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने भी पोस्टर लगाए थे। अब ये ‘पोस्ट वॉर’ का मामला पुलिस तक पहुंच गई है। पोस्टर लगाने वाले दो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हजरतगंज कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ है। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के गेट समेत कई जगहों पर सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या समेत आधा दर्जन बीजेपी नेताओं और मंत्रियों के नाम के पोस्टर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने लगवा दिए थे। हालांकि इन पोस्टरों को लगाने के कुछ देर बाद ही जिला प्रशासन ने हटा दिया था।

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इन स्थानों पर 24 घंटे पुलिस तैनात रहती है। बावजूद इसके पुलिसकर्मियों को भनक नहीं लगी। पुलिस आयुक्त ने पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि किस प्रिंटिंग प्रेस से ये बैनर छपवाए गए हैं। चौकी इंचार्ज सचिवालय की ओर से इस मामले में सुधांशु बाजपेई व लालू कन्नौजिया समेत अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआइआर दर्ज की गई है। पुलिस बैनर छापने वाले और इसे लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है। सीसी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कुछ लोगों की पहचान की है, जिनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।

वहीं महानगर कांग्रेस कमेटी केे अध्यक्ष मुकेश सिंह चौहान ने कहा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य दोनों ही दंगों में आरोपित रहे हैं। उपद्रव के आरोपितों का बैनर लगाने में न्यायिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था, जिससे कांग्रेस कार्यकर्ता नाराज हैं और उन्होंने अपना विरोध इस तरह से प्रदर्शित किया।http://www.satyodaya.com

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कोरोना की दहशत: प्रसपा ने 15 दिनों के लिए सभी कार्यक्रमों पर लगाया ब्रेक

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पार्टी ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए सभी जनसभाएं और रैलियां रद्द कीं

लखनऊ। चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस भारत में भी पैर पसार चुका है। इस खतरनाक वायरस के प्रकोप को कम करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार ने स्कूल-काॅलेजों को बंद करने के साथ सभी तरह के सामूहिक आयोजनों और कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है।

इसी क्रम में प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) ने भी अगले 15 दिनों तक के लिए अपने सभी राजनीतिक कार्यक्रमों को निलंबित कर दिया है। प्रसपा महासचिव वीरपाल सिंह यादव ने शनिवार को एक प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी। वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि पार्टी ने कोरोना संक्रमण से बचने के लिए अपनी सभी सभाओं व रैलियों को कुछ दिनों के लिए कैंसिल कर दिया है।

प्रसपा महासचिव ने प्रदेश की जनता से अपील की है कि वह सावधानी बरते, लेकिन किसी तरह की अफवाह में पड़कर भयभीत न हो। ऐसी स्थिति में सभी नागरिकों को यह कर्तव्य है कि वह जरूरी सावधानी बरतने के साथ अन्य लोगों को भी जागरूक करें। प्रसपा नेता ने कहा कि कोरोना से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन की एडवाइजरी का पालन करते हुए सभी नागरिकों को स्वच्छता का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।

संक्रमण से बचाव के लिए उचित व्यवस्था करे सरकार

वीरपाल सिंह यादव ने अपने प्रेस नोट में सरकार से भी अपील है कि वह कोरोना से निपटने के लिए डाॅक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ व अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित करे। सभी अन्तर्राज्यीय और अन्तर्राष्ट्रीय मार्गों व हवाई अड्डों पर लोगों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था दुरूस्त की जाए। ताकि स्वस्थ लोगों में इसके संक्रमण को रोका जा सके।

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आसानी से उपलब्ध हो मास्क और सेनिटाइजर

श्री यादव ने कहा कि कोरोना एक संक्रामक रोग है। इससे बचाव का एकमात्र तरीका जरूरी सावधानी बरतना ही है। कहा कि सरकार को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जनता को जरूरी सैनेटाइजर व मास्क आदि आसानी से प्राप्त हो सके। साथ ही आवश्यक वस्तुओं और औषधि की काला बाजारी न हो पाएं।

दुनिया भर में अब 4000 से अधिक लोगों की मौत

बता दें कि कोरोना वायरस अब भारत को अपनी चपेट में ले रहा है। दुनिया के 100 से अधिक देशों में फैल चुका यह वायरस अब तक 4000 से अधिक लोगों की जान ले चुका है, जबकि करीब दुनिया भर में करीब डेढ. लाख लोग इससे संक्रमित हैं। भारत में अब तक 80 लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है। जबकि दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे महामारी घोषित कर दिया है।http://www.satyodaya.com

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लखनऊ: सरकार और विपक्ष में शुरू हुआ पोस्टर वॉर,योगी-मौर्य को बताया दंगाई

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ में पोस्टर वॉर को लेकर सियासत बढ़ती जा रही है। सपाइयों के बाद अब कांग्रेस ने भी इस पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। सपा से एक कदम आगे बढ़ते हुए कांग्रेस ने सीधे सूबे के मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को दंगाई कह दिया। बीते दिन योगी सरकार द्वारा लाये गये अध्यादेश पर कांग्रेस ने पूरे शहर में पोस्टर लगाकर इनसे भी वसूली की माँग की है।

सपा से एक कदम आगे जाते हुए कांग्रेस ने सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को दंगाई बताया गया है। पोस्टर में लिखा गया है कि लोकसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के द्वारा दायर चुनावी हलफ़नामे के मुताबिक़ वह गोरखपुर में हुए दंगे के मुख्य अभियुक्त हैं। कल योगी सरकार द्वारा अध्यादेश लाने पर कांग्रेस ने पूरे शहर में पोस्टर लगाकर इनसे भी वसूली माँग की। कांग्रेस ने सरकार को उसके घर में घेरते हुए ही भाजपा दफ्तर पर पोस्टर लगाते हुए सरकार को चैलेंज किया, वहीं तमाम सुरक्षा व्यवस्था के बीच भी अंबेडकर प्रतिमा,नगर निगम,दारूलशफा ,लखनऊ विश्वविद्यालय सहित दर्जनभर जगहों में योगी सरकार द्वारा लगाये गये पोस्टर्स के समांतर पोस्टर्स लगाये। यह पोस्टर कांग्रेस के युवा नेता सुधांशु बाजपेयी द्वारा जारी किये गये हैं।

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वहीं युवा नेता सुधांशु बाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री कैबिनेट में जो अध्यादेश लेकर आये हैं, वह सीधे जनादेश का दुरुपयोग है । संविधान में विधायिका को जो विशेषाधिकार दुर्लभतम परिस्थितियों के लिए दिया गया है । योगी सरकार उसका उपयोग निजी अहंकार को तुष्ट करने के लिए कर रहे हैं । जो लोकतांत्रिक प्रणाली के लिए बेहद खतरनाक है। लेकिन जो संविधान मुख्यमंत्री को अध्यादेश लाने का अधिकार देता है । उसी के आर्टिकल 14 के तहत मुख्यमंत्री उपमुख्यमंत्री सहित भाजपा के विभिन्न नेताओं पर भी विभिन्न मामलों में दंगों के मुकदमें दर्ज हैं। तब स्वाभाविक ही इनसे भी इसी अध्यादेश के तहत वसूली होनी चाहिए। मुख्यमंत्री समेत पूरी भाजपा को संविधान और न्यायपालिका में भरोसा नहीं हैं । इसीलिए वह बारबार न्यायपालिका का अपमान और संविधान का मखौल उड़ाते है।

दूसरी ओर, योगी सरकार हाई कोर्ट के आदेश के बाद भी सीएए के विरोध में हुई हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुक़सान पहुंचाने वाले अभियुक्तों के वसूली वाले होर्डिंग हटाने के लिये तैयार नहीं है। जबकि हाई कोर्ट ने उससे इन होर्डिंग्स को 16 मार्च तक हटाने के लिये कहा था। होर्डिंग्स लगाने के योगी सरकार के फ़ैसले पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया था और सरकार के इस काम को ग़लत करार दिया था। लेकिन योगी सरकार इसके ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट चली गयी। सुप्रीम कोर्ट से भी योगी सरकार को कोई राहत नहीं मिली थी।http://www.satyodaya.com

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April 2, 2020, 12:14 pm
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