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संस्कृति

शक्ति क्लब ने मनाई हरियाली तीज, नीता गोयल के सिर सजा तीज क्वीन का ताज

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लखनऊ। शक्ति क्लब (इंदिरा नगर) ने शुक्रवार को धूमधाम से हरियाली तीज मनाई। इस मौके पर शक्ति क्लब की महिलाओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में डांस और सिंगिंग की प्रतियोगिताएं हुईं। जिसमें कविता शुक्ला, जयभट्ट, सुधा कटियार, भावना श्रीवास्तव ने बेहतरीन डांस प्रस्तुत किया।

जबकि सरिता कुमार, पूजा सिंह, सुधा त्रिपाठी, सुनीता श्रीवास्तव ने सावन पर अपने सुरीले गीतों से सभी को झूमने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में तीज क्वीन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें 80 महिलाओं ने प्रतिभाग किया। यह प्रतियोगिता पांच चरणों में संपन्न हुई। तीज क्वीन का ताज नीता गोयल के सिर पर सजा जबकि सुधा त्रिपाठी फर्स्ट रनर अप और आभा शर्मा सेकंड रनर अप रहीं।

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कार्यक्रम का संचालन महासचिव मंजू शंकर ने किया। अध्यक्ष विजय लक्ष्मी रस्तोगी ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। इस रंगारंग कार्यक्रम में विद्या वर्मा, नीता गोयल, सुधा सेंगर, सुईता, रीता, भवन, गीता, वीणा अग्रवाल, सरिता कुमार, सुनीता श्रीवास्तव की सहभागिता रही। हरियाली तीज सुहाग का पर्व है, इसलिए सभी सुहागनों को सुहाग की पिटारी बांटी गई। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में मंजू शंकर, कविता शुक्ला, विजय लक्ष्मी, जयश्री उपस्थित रहीं। http://www.satyoday.com

संस्कृति

आज है राधा अष्टमी , जान लें शुभ मुहूर्त और व्रत करने की विधि

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कृष्ण जन्माष्टमी के 15 दिन के बाद यानी आज राधा अष्टमी मनाई जा रही है। इस दिन राधा का जन्म हुआ था इसलिए इसे राधा अष्टमी के तौर पर मनाते हैं। बरसाने में इसे धूमधाम से मनाया जाता है क्योंकि राधा बरसाने की ही थीं। बरसाना के सभी मंदिरों में राधा अष्टमी की खास रौनक दिखती है। इस दिन पति और बेटे की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने का भी नियम है।

राधा अष्टमी की तिथि और शुभ मुहूर्त

तिथि- 6 सिंतबर, शुक्रवार

अष्टमी का मुहूर्त- रात 08.43 बजे तक

राधा अष्टमी का महत्व
राधा अष्टमी पर राधा जी की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। इस दिन राधा रानी की पूजा – अर्चना की जाती है। राधा जी और भगवान श्री कृष्ण के प्रेम से तो पूरी दूनिया परिचिति है। इसलिए राधा जी को गुणगान वल्लभा कहकर किया गया है। इस व्रत को करने से मनुष्य के जीवन की सभी इच्छाएं पूर्ण होती है। सिर्फ राधाअष्टमी की कथा सुनने से ही व्रत करने वाले व्यक्ति को धन, सुख समृद्धि, परिवारिक सुख और मान- सम्मान की प्राप्ति हो जाती है। राधा अष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण और राधा जी की पूजा की जाती है। श्री कृष्ण की पूजा के बिना राधा जी की पूजा अधूरी मानी जाती है। भारत के उत्तर प्रदेश में स्थित मथुरा, वृंदावन, बरसाना, रावल और मांट के मंदिरों में राधा अष्टमी को त्योहार के रूप में मनाया जाता है।

राधा अष्टमी की पूजा विधि

भोर में स्‍नान करने के बाद साफ- सुथरे वस्‍त्र धारण करें। पूजा घर के मंडप के बीचोंबीच कलश स्‍थापित करें। अब इस पर तांबे का बर्तन रखें। राधा जी की मूर्ति को पंचामृत से स्‍नान कराएं। अब राधा जी को सुंदर वस्‍त्र और आभूषण पहनाएं। राधा जी की मूर्ति को कलश पर रखे पात्र पर विराजमान करें और धूप-दीप से आरती उतारें। राधा जी को फल, मिठाई और भोग में बनाया प्रसाद अर्पित करें। पूजा के बाद दिन भर उपवास करें। व्रत के अगले दिन सुहागिन महिलाओं और ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दक्षिणा दें।

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देश

गणेश चतुर्थी: मायानगरी के लिए गणपति बप्पा से बढ़कर नहीं कोई और…

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मुंबई। गणेश उत्सव वैसे तो पूरे देश में मनाया जाता है लेकिन महाराष्ट में खासकर मुंबई में गणेश उत्सव की जैसी धूम होती है वैसी कहीं नहीं होती। बाॅलीवुड का हर सितारा गणपति बप्पा की भक्ति और श्रद्धा में डूब जाता है, क्या सलमान खान और क्या नाना पाटेकर, सभी।
करीब एक सप्ताह तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान मंुबई में हर ओर से बस एक ही आवाज आती है, गणपति बप्पा मोरया….। भगवान गणेश के आगमन से लेकर उनकी विदाई तक श्रद्धालु पूरे भक्ति भाव से उनकी पूजा अर्चना और वंदना में लगे रहते हैं। इस बार भी मुंबई में गणेश उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।
निर्माता निर्देशक दादा साहब फाल्के की वर्ष 1925 में प्रदर्शित फिल्म ‘गणेशा उत्सव’ संभवत पहली फिल्म थी जिसमें भगवान गणेश की महिमा को रुपहले पर्दे पर पेश किया गया था। वर्ष 1936 में प्रदर्शित फिल्म ‘पुजारिन’ में भी भगवान गणेश पर आधारित गीत और दृश्य रखे गये थे। तिमिर वरन के संगीत निर्देशन में बनी फिल्म का यह गीत “हो गणपति बप्पा मोरया” आज भी श्रोताओं को भाव विभोर कर देता है और महाराष्ट्र में तो इन दिनों सभी जगह इसकी गूंज सुनाई दे रही है।

70 के दशक में भगवान गणेश की महिला का वर्णन करते हुये कई फिल्मों का निर्माण किया गया। इनमें वर्ष 1977 में प्रदर्शित फिल्म जय गणेश प्रमुख है। एस.एन. त्रिपाठी के संगीत निर्देशन में पार्श्वगायिका सुषमा श्रेष्ठ और पूर्णिमा की आवाज में रच बसे गीत “जय गणेश जय गणेश देवा माता जाकी पार्वती पिता महादेवा’’ में गणेश भगवान की महिमा का गुनगान किया गया है।
अस्सी के दशक में भी गीतकारों ने कुछ फिल्मों में भगवान गणेश पर आधारित गीतों की रचना की। वर्ष 1981 में मिथुन चक्रवर्ती की मुख्य भूमिका वाली फिल्म “हम से बढकर कौन” उल्लेखनीय है। मोहम्मद रफी और किशोर कुमार की युगल आवाज में रचा बसा युगल गीत “देवा हो देवा गणपति देवा” गणपति गीतों में अपना विशिष्ट मुकाम रखता है। अब तो इस गीत के बिना गणपति गीतों की कल्पना ही नहीं की जा सकती है।

वर्ष 1990 में प्रदर्शित फिल्म “अग्निपथ” में भी गणेश चतुर्थी उत्सव को धूमधाम से मनाये जाते हुए दिखाया गया था। अमिताभ बच्चन अभिनीत इस फिल्म में सुदेश भोंसले और कविता कृष्णामूर्ति की आवाज में भगवान गणेश की विदाई को दर्शाता गीत “गणपति अपने गांव चले कैसे हमको चैन पड़े” श्रोताओं के दिल पर अपनी अमिट छाप गया है।

नब्बे के दशक में ही प्रदर्शित फिल्म “वास्तव” में भी भगवान गणेश के उत्सव को रूपहले पर्दे पर पेश किया गया। इस फिल्म में जतिन ललित के संगीत निर्देशन में रवीन्द्र साठे की आवाज में गीतकार समीर द्वारा रचित आरती “जय देव जय देव” में भगवान श्री गणेश की महिमा का वर्णन किया गया है। वर्ष 2006 में अरसे बाद शाहरुख खान अभिनीत फिल्म “डान” में भी गणेश जी पर आधारित गीत सुनने को मिले जो श्रोताओं ने काफी पसंद किये। वर्ष 2007 में बच्चों पर आधारित फिल्म “माई फ्रेंड गणेशा” और “बाल गणेशा” का निर्माण किया गया जो बच्चों के साथ ही युवाओं में भी काफी लोकप्रिय हुआ। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इसी तथ्य से लगाया जा सकता है कि कई बच्चे अपने आप को ‘गणेश’ समझने लगे।

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बालीवुड के फिल्मकार अपनी फिल्मों में गणेश चतुर्थी के उत्सव को मनाते आये है। ऐसी फिल्मों में श्री गणेश जन्म, श्री गणेश महिमा, श्री गणेश विवाह, गणेश चतुर्थी, श्री गणेश, सागर संगम, गंगा सागर, जय द्वारकाधीश, घर में राम गली में श्याम, कालचक्र, साहस, श्री गणेश महिला, जलजला, हम पांच, आज की आवाज, अंकुश, टक्कर, दर्द का रिश्ता, मरते दम तक, इलाका आदि फिल्में शामिल है।http://www.satyodaya.com

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संस्कृति

Ganesh chaturthi 2019: इस गणेश स्तोत्र का पाठ रखेगा हर संकट को आपसे दूर

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आज है गणेश चतुर्थी। गणपति की स्थापना गणेश चतुर्थी के दिन मध्याह्न में की जाती है। मान्यता है कि गजानन का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। भगवान गणेश विघ्नहर्ता हैं, विद्यादाता हैं, धन-संपत्ति देने वाले हैं। इस तरह गौरीपुत्र गणपति जीवन की हर परेशानी को दूर करने वाले हैं. उनकी उपासना करने से आपके सभी संकट मिट जाएंगे….

इस संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करके पाएं जीवन में सुख-समृद्धि‍ –

प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।
भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥1॥

प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम् ।
तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम् ॥2॥

लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥3॥

नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन् ॥4॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ॥5॥

विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मो क्षार्थी लभते गतिम् ॥6॥

जपेद्णपतिस्तोत्रं षडिभर्मासैः फलं लभते ।
संवत्सरेण सिद्धिंच लभते नात्र संशयः ॥7॥

अष्टभ्यो ब्राह्मणे भ्यश्र्च लिखित्वा फलं लभते ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥8॥

॥ इति श्री नारद पुराणे संकष्टनाशनं नाम श्री गणपति स्तोत्रं संपूर्णम् ॥

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