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लाइफ स्टाइल

गर्भवती महिलाओं का रोजा रखना है कितना सही ? जानें डॉक्टर की सलाह…

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रमजान इस्लामिक कैलंडर का सबसे महत्वपूर्ण महीना माना जाता है। जिसमें मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं। ऐसे में गर्भवती महीलाओं के रोजा रखने पर मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि महिला के शिखम में दूसरी जान पल रही है और उस बच्चे की हिफाजत करना उस महिला की जिम्मेदारी है, लिहाजा गर्भवती महिला का रोजा रखना जरूरी नहीं है, वह इसके बदले सदका निकाल सकती है। साथ ही कहा कि अगर महिला गरीब है और वह सदका भी नहीं निकाल सकती है तो उसके लिए इस्लाम में छूट है की वह सदका न निकालें।

इस्लाम के हिसाब से नमाज के बाद अगर कोई चीज मुस्लिम पर वाजिब है, तो वो रोजा है
। जिसको लेकर गर्भवती महिलाए भी कभी-कभी रोजा रख लेती है। वहीं गर्भवती महिलाओं को लेकर मौलाना सैफ अब्बास ने कहा रोजा रखना सभी पर वाजिब करार दिया गया है, लेकिन रोजे के साथ अल्लाह ने कुछ छूट भी दी है। अगर कोई व्यक्ति बीमार है या गर्भ में बच्चा है तो उसपर रोजा रखना वाजिब नहीं है। साथ ही कहा कि अगर महिला को लगता है वह रोजा रख सकती है तो वह पहले डॉक्टर से सलाह ले सकता है।

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इसी कड़ी में क्वीन मेरी हॉस्पिटल की महिला विशेषज्ञ डॉक्टर स्मृती अग्रवाल ने कहा रमजान का महीना शुरु होने पर मुस्लिम गर्भवती महीलाएं अक्सर रोजे को लेकर सवाल करती है। मेडिकल साइन्स ने प्रेग्नेंसी के दौरान किसी भी तरह का फास्ट चाहे रोजा हो या व्रथ उसको रखना मुमकिन नहीं है। डॉक्टर ने कहा क्योंकि प्रेगनेन्सी के दौरान मां न सिर्फ अपने लिए खा रही बल्कि अपने बच्चे के लिए भी खा रही है। प्रेगनेन्सी में तेजी से शुगर की कमी हो जाती है, पानी की कमी हो जाती है, जिसकी वजह से चक्कर आ सकता है। इतना ही नहीं पेट में बच्चे के पास भी पानी की कमी हो सकती है| जिसकी वजह से बच्चे के विकास में बाधा आ सकती है, इसलिए प्रेगनेन्सी के दौरान मेडिकल साइन्स महीला को किसी भी प्रकार का फास्ट रखने की इजाजत नहीं देता है।http://www.satyodaya.com

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जानें कुछ ऐसे शब्दों का फुलफार्म जिसके वजह से आपको डेली ना होना पड़े शर्मिंदा

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प्रतीकात्मक चित्र

लखनऊ । हम लोग अक्सर अपने डेली लाइफ में बहुत सारे ऐसे शब्दों का प्रयोग करते है जिसका फुलफार्म हमको पता नही होता है । जैसे Wi-Fi, gsm, cdma, jpeg, ok, pnr इन सब शब्दों को हम अकसर बोलचाल में इस्तेमाल करते हैं । लेकिन बहुत लोगों को इसका पूरा मतलब नहीं पता होता है । जिससे कई बार हम सबको शर्मिंदगी भी उठानी पड़ सकती है । इसलिए हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसे कॉमन Abbreviations की फुलफॉर्म के बारे में ।

ifsc
indian financial system code- (इंडियन फाइनैंशल सिस्टम कोड)

gsm
Global system for mobile communication – (ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्यूनिकेशन)

i.q.
intelligence quotient – (इंटेलिजेंस कोशंट)

jpeg
joint photographic expert group- (जॉइंट फटॉग्रफिक एक्सपर्ट ग्रुप)

wi-Fi
इस का फुल फॉर्म wi-Fi – (वायरलेस फिडलिटी)

led
light emitting diode- (लाइट एमिटिंग डायोड)

trp
television rating point – (टेलिविजन रेटिंग पॉइंट)

ufo
unidentifiable flying object – (अनआइडेंटिफिएबल फ्लाइंग ऑब्जेक्ट)

Lcd
liquid crystal display- (लिक्विड क्रिस्टल डिस्पले)

rip
rest in peace- (रेस्ट इन पीस)

PNR
passenger name record- (पैसेंजर नेम रिकॉर्ड)

gif
graphic interchange format- (ग्राफिक इंटरचेंज फॉर्मेट)

pdf
portable document format- (पोर्टेबल डॉक्युमेंट फॉर्मेट)

Ok
oll korrect- (ऑल करेक्ट)

cdma
code division multiple access- (कोड डिविज मल्टीपल एक्सेस)

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अपना शहर

जनता सहयोग करे तो परवान चढ़ सकता है पॉलिथीन बैन अभियान…

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लखनऊ। पर्यावरण सुरक्षा के लिए सरकार ने कई बार कड़े उठाए है, क्योंकि पर्यावरण सुरक्षित रहेगा तभी लोगों को शुद्ध वातावरण मिलेगा और लोग स्वस्थ भी रहेंगे। लेकिन कई बार ऐसा देखा गया है कि जनता की सुरक्षा के लिए  सरकार जो कदम उठाती है, वह कभी-कभी सफल नहीं हो पाते हैं। इसी सम्बंध में लखनऊ में पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पॉलिथीन के इस्तेमाल पर बैन लगाया गया था। लोगों ने कुछ दिन तो सरकार के बनाए पॉलिथीन इस्तेमाल ना करने के नियम का पालन किया था, लेकिन कुछ दिनों के बाद यह नियम बिल्कुल ठप पड़ गया। आज कल तो खुलेआम पॉलिथीन की बिक्री हो रही है और इसका इस्तेमाल भी खूब किया जा रहा है।

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पॉलिथीन के इस्तेमाल पर नगर आयुक्त के म्युनिसिपल कमिश्नर डॉक्टर इंद्र मनी त्रिपाठी ने बताया कि पॉलिथीन का उपयोग करने में जनता का प्रतिशत ही सबसे ज्यादा है। यदि जनता जागरूक हो जाए और लोग अपने घर से किसी भी सामान को लेने के लिए कोई थैला या कैरी बैग लेकर निकले तो पॉलिथीन की समस्या जड़ से खत्म हो सकती है और इससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। इंद्र मनी त्रिपाठी ने आगे बताते हुए कहा कि पॉलिथीन रोक के लिए पूरे 17 डिपार्टमेंट को बनाए गए थे, जिसके साथ ही नगर निगम भी इस मुहीम में शामिल था। इसके साथ ही बताया कि हम लोगों नगर निगम को अब तक लगभग साढ़े तेरह लाख रूपये पेनाल्टी के रूप में दिया और अभी कई पॉलिथीन जब्त भी की है। कुछ मशीनरी चुनाव में लगने के कारण इस मुहीम में थोड़ा धीमी प्रक्रिया रही । जिसके बाद अब हम लोगों ने दोबारा से पॉलिथीन रोक स्कीम पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें रोजाना पचास हजार से लेकर डेढ़ रूपये की लाख पॉलिथीन जब्त करके ला रहें हैं ।

इसी क्रम में आगे बताते हुए कहा कि हम सभी को मिलकर लोगों के बीच यह क्रांति लानी होगी कि पॉलिथीन हम सभी लोगों के लिए जहर है, और इसका उपयोग पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए। पॉलिथीन हमारे लिए एक प्रकार से बहुत ही ज्यादा हानिकारक है, जो कूड़े करकट आदि से उड़ कर घरों में गन्दगी फैलाती है और नाली व नालों में फंसकर उसे चोक कर देती है, इससे भी कई तरह की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं। इसी क्रम में आगे बताया कि जिस तरह ज्यादा डिमांड होने से सप्लाई बढ़ती है, उसी तरह से पॉलिथीन रोक के लिए समाज में  परिवर्तन होना बहुत जरूरी है। पॉलिथीन रोक अभियान की गति धीमी जरूर पड़ी है, लेकिन इसके लिए जनता में जागरूकता होना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है।

आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने 15 जुलाई 2018 से प्रदेश में पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए थे और साथ ही कहा था कि उत्तर प्रदेश में अब 50 माइक्रॉन से कम की पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। पॉलिथीन का इस्तेमाल करते हुए पकड़े जाने पर दंडनीय अपराध भी भुगतना पड़ सकता है। वहीं पॉलिथीन पर बैन लगाने वाला यूपी देश का 19वां राज्य है।

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अपना शहर

मायानगरी गए बिना ही मॉडलिंग की दुनिया में लखनऊ के युवा दिखा रहे हैं अपनी प्रतिभा…

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स्थानीय युवाओं से ही लोग करा रहें मॉडलिंग और अपने ब्रांड का प्रमोशन

करीब डेढ़ दशक पहले जब आनंदी वॉटर पार्क के मालिक पकंज अग्रवाल ने अपना काम शुरू किया था, तो अपने पार्क के प्रमोशन के लिए मुम्बई और दिल्ली जैसे शहरों के मॉडल बुलाए थे। जिससे कि वह अपने ब्रांड का प्रमोशन कर सकें। अब एक बार फिर वह आनंदी मैजिक वर्ल्ड के नाम से कानपुर रोड बन्नी के पास अपना नया एडवेंचर लेकर आए हैं। इस बार भी कुछ होर्डिंग और प्रमोशन के लिए उनको मॉडल की जरूरत पड़ी। हालांकि इस डेढ़ दशक में एक नया परिवर्तन देखने को मिला है। पकंज अग्रवाल को अपने काम के लिए सभी मॉडल लखनऊ और पड़ोसी शहर कानपुर में ही मिल गए। अपने शहर के युवाओं को प्रमोट करने के लिए पंकज गुप्ता, विशाल गुप्ता और राहुल गुप्ता ने फैसला लिया कि वह अपना सारा काम इन्हीं युवाओं से करायेंगे। 

आनंदी ड्रीम वर्ल्ड की तरह ही शहर में आए दिन प्रमोशन और मॉडलिंग के नए-नए कार्यक्रम होते रहते हैं। शहर में होने वाले मॉडलिंग या फैशन शोज में कभी-कभी  दिल्ली,  मुम्बई,  कलकता और चंडीगढ़ के युवा मॉडलों के चेहरे होते थें, लेकिन आज यह सभी कार्यक्रम लखनऊ और कानपुर के युवाओं के सहारे हो रहें हैं। पिछले तीन से चार सालों में इन युवाओं ने सभी बड़े शहरों के मॉडल्स को पीछे छोड़ दिया है। बुलंदियों को छूने वाले यह युवा पीछे मुड़कर भी देखना पसंद नहीं करते हैं। हालांकि बाकी लोगों की तरह वह भी मायानगरी का सपना जरूर देखते हैं, लेकिन वहां जाने से पहले वह इतना नाम कमा लेना चाहते हैं कि किसी तरह का कोई स्ट्रगल उन्हें न करना पड़े। दोनों शहरों के कुछ ऐसे ही उभरते कलाकारों को लेकर सत्योदय रिपोर्टर नंदिनी कुंवर ने अपनी रिपोर्ट तैयार की है।
 


मीनू दीक्षित 

राजाजीपुरम लखनऊ में रहने वाली और कॉमर्स से मास्टर डिग्री लेने वाली मीनू दीक्षित न सिर्फ पढ़ाई में अव्वल है, बल्कि महज कुछ साल के करियर में शहर के प्रमुख मॉडलों में शुमार हो चुकी हैं। filpkard और amazon जैसे बड़े अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनियों के लिए शूट करने वाली मीनू के पास ढेरों काम हैं। लखनऊ जैसे शहर में आज मीनू अपने शूट के लिए हजारों रुपये चार्ज करती हैं। वे बताती है कि जब एक शहर में आपका नाम हो जाए तो दूसरी जगह भी काम करना आसान हो जाता है। इसलिए अभी वह लखनऊ में काम कर रही हैं।  


शिखर 

मिस्टर कानपुर समेत कई बड़े मॉडलिंग कांटेस्ट जीत चुके शिखर किसी परिचय के मोहताज नहीं है। हालांकि पिछले कुछ महीनों तक परिवारिक समस्याओं की वजह से उनको मॉडलिंग से दूरी बनानी पड़ी थी, लेकिन आज वह फिर से सक्रिय हैं। अभी दिल्ली में हुए एक बड़े ब्रांड की प्रतियोगिता में उनको पूरे देश से आए पांच हजार लड़कों में टॉप 50 में चुना गया था। शिखर के पास मुम्बई के कई कम्पनियों के ऑफर भी है। जिसके लिए वह अक्सर वहां भी जाते है। हालांकि अभी पूरी तरह वहां शिफ्ट होने से बचते है। दलील है कि अभी फैमिली बिजेनस में भी कुछ समय देना पड़ता है। वहां से छूटने के बाद वह फिल्म इंडस्ट्री और बाकी जगह के बारे में भी विचार करेंगे। 


रिया सिंह राजपूत 

छोटा पैकेज बड़ा धमाका यह लाइन लखनऊ की रिया के लिए ही है। क्लास 11 से ही इन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी थी। मिस यूपी समेत कई ब्यूटी प्रतियोगिताओं में वह अपना जौहर दिखा चुकी हैं। आज शहर के कई बड़े  कपड़े,  ज्वैलरी,  होटल,  रेस्त्रा , डिस्को को यह प्रमोट करती है,  जिसके लिए इनको अच्छा  मेहनताना भी मिलता है। मॉडलिंग के साथ अपनी पढ़ाई को भी वह उतना ही महत्व देती है,  जिसकी वजह से वह कई बड़े ऑफर ठुकरा भी देती है। रिया बताती है कि जून में  उनका पेपर है,  जिसकी वजह से उनको एक दर्जन से ज्यादा मॉडलिंग ऑफर और प्रमोशन के ऑफर ठुकराने पड़े  हालांकि उनको उसका मलाल नहीं है। 


भूमिका 

लखनऊ में भूमिका मौजूदा दौर की  सबसे कम उम्र की उभरती हुई मॉडल में एक हैं। फैशन शो के अलावा वह कई वीडियो सोंग में भी काम कर चुकी हैं। मॉडलिंग के अलावा डांस और एक्टिंग  का शौक रखने  वाली भूमिका के पास भी काफी काम आता है। मॉडलिंग के साथ वह लोगों को फिटनेस ट्रेनिंग भी देती है। दोस्तों के साथ हर समय मौज मस्ती करने वाली  भूमिका काम के समय उतना ही सक्रिय रहती है। बतौर मॉडल और एक्टर भूमिका चाहती है कि उनका काम लोग लंबे समय तक याद करें। 


इलिशा सिंह 

अगर हम यह कहे कि सबसे ज्यादा काम का अनुभव और अलग – अलग सेक्टर में काम करने का अनुभव इलिशा के पास है तो गलत नहीं होगा। बचपन से ही एक बड़ी मॉडल और एक्टर बनने का सपना देख रही इलिशा के कई वीडियो यूट्यूब पर लाखों बार देखे गए है। आज वह शहर की कई बड़े ब्यूटी पॉर्लर और ब्रांड को प्रमोट करती है। इसके साथ ही उनके पास बीस से ज्यादा शॉट  मूवी में काम करने का अनुभव भी प्राप्त है। पूरे काम और मॉडलिंग के साथ एक्टिंग के प्रति इस जोश में उनके पापा का हर समय सहयोग रहता है। इलिशा मॉडलिंग और एक्टिंग के अलावा एडिटिंग का काम भी सीख रही हैं,  जिससे कि वह अपने काम में परफेक्ट हो सकें ।


तुषार

लखनऊ के तुषार ने महज एक साल के  करियर में  वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसके लिए बाकी लोगों को कई साल लग जाते है। एक्टिंग के साथ डांस के शौकीन तुषार अभी ग्रेजुएशन के छात्र है। दोस्तों की सलाह पर शौक से शुरू हुआ मॉडलिंग का काम आज उनका जुनून बन गया है। यही वजह है कि आज उनके पास लखनऊ के कई बड़े प्रोजेक्ट के काम पड़े हुए है। यहां तक की कई सरकारी एजेंसियों ने अपने प्रोजेक्ट के लिए तुषार से सम्पर्क किया है। घर से बहुत ज्यादा सपोर्ट न होने के बाद भी आज  वह लगातार कामयाबी के शिखर पर पहुंचते जा रहे हैं। लखनऊ में उसके  पास दस से ज्यादा प्रोजेक्ट है। 


आरुषि

खूबसूरती के साथ टैलेंट भी हो यह बहुत कम लोगों में देखने को मिलता है, लेकिन लखनऊ आलमबाग की आयुषी के पास यह दोनों है। बोल्ड शूट हो या पारम्परिक परिधान दोनों में ही आरुषि का जवाब नहीं है। मॉडलिंग के साथ वह अपना फैमिली बिजनेस भी देखती हैं। उनके पास मौजूदा समय में शहर के कई बड़े ज्वैलरी हाउसेस के  शूट के काम है। शहर की मीडिया और अखबारों में पेज थ्री के पन्नों में वह अपने काम की वजह से अक्सर नजर आती हैं। होली हो या दीपावली त्योहार के प्रमोशन के लिए भी कई बड़े दुकानदान और कारोबारी अपने साथ आरुषि  को जोड़ते है।  काम के साथ अपने नेचर की वजह से वह आज काफी लोकप्रिय है।


गर्विता मन्धान 

मॉडलिंग के पेशे में जो मुकाम लोग चार से पांच सालों में नहीं हासिल कर पाते हैं, कानपुर की गर्विता ने महज चार से पांच माह के कैरियर में अपनी अलग पहचान बना ली है। पढ़ाई में अव्वल रहने वाली गर्विता टीचिंग का भी शौक रखती हैं। इस वजह से वह छोटे बच्चों के साथ जुड़ी रहती हैं। उनकी खूबसूरती और लुक की वजह से उनके पास आज काम चल के आता है। काम के प्रति ईमानदार गर्विता खुद स्वीकार करती है, कि इंडस्ट्री में नए होने की वजह से  उनको अभी बहुत कुछ सीखना है। हालांकि अनुभव कम होने के बावजूद उनके पास कानपुर और लखनऊ के कई बड़े प्रॉजेक्ट से ऑफर आ चुके हैं। 


गरिमा तिवारी 

कहा जाता है कि शादी के बाद मॉडलिंग के दरवाजे बंद हो जाते है, लेकिन लखनऊ की गरिमा तिवारी इसको झूठलाती नजर आती है। पेशे से टैक्सटाइल डिजाइनर गरिमा पिछले दो साल से मॉडलिंग कर रही हैं। वह मौजूदा समय में  शहर में  महिलाओं का सबसे चर्चित कार्यक्रम मल्लिकाए – अवध की ब्रॉड एंबेसडर हैं। महज दो साल में ही इस कामयाबी के लिए वह अपने पति से मिले सहयोग को सबसे प्रमुख मानती है। आम तौर पर यह देखा जाता है कि पतियों का सहयोग नहीं होता लेकिन गरिमा अपने आप को इसको लिए काफी भाग्यशाली मानती हैं। 


अनामिका यादव 

यूं तो यह माना जाता है कि आप साइंस के स्टूडेंट हो तो मॉडलिंग और बाकी काम के लिए आपके पास समय ही नहीं है। लेकिन कानपुर की अनामिका न सिर्फ साइंस की छात्रा बल्कि मॉडलिंग में भी काफी नाम कमा रही हैं। कहने के लिए तो इनके  पास अभी महज दो शो में ही रैप वॉक करने का अनुभव है, लेकिन उनका आत्मविश्वास गजब का है। चेहरे पर हर समय मनमोहक हंसी रखने वाली अनामिका के पास भी बहुत सारे ऑफर हैं। हालांकि वह अभी अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहती है। इसकी वजह से मॉडलिंग को अभी बहुत सीरियसली नहीं ले रही हैं, लेकिन उसके बावजूद भी उनके पास लगातार काम के ऑफर आ रहे हैं।  


जारा शेख 

लिस्ट में भले ही जारा का जिक्र सबसे अंत में  हो रहा हो, लेकिन वह अपने काम की वजह से आज सबसे ऊपर है। कोलकाता में जन्मीं और लखनऊ में पली- बढ़ी जारा मॉडलिंग के साथ पढ़ाई भी करती है। अपने टैलेंट के बल पर आज के उनके पास न सिर्फ लखनऊ से काम आता है, बल्कि दिल्ली जैसे शहर से कई बड़े ऑफर आते हैं। जारा वेडिंग ड्रेस के लिए कई शूट दे चुकी हैं। इसके अलावा जारा शहर में होने वाले कई बड़े फैशन इवेंट की शो स्टॅापर बने भी दिख जाती हैं। आज उनके पास  ऑनलाइन की कई बड़ी कम्पनियों के काम पड़े हैं। इसके अलावा वे कारोबारी भी जो अपने ब्रांड को सोशल मीडिया पर प्रमोट करते है, उनके लिए भी जारा लोगों की पहली पसंद है। ट्रैडिशनल परिधान हो या वेर्स्टन  हर तरह के  ड्रेस में वह उतनी ही खूबसूरत लगती है।http://www.satyodaya.com

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