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वीमेन डायरी: अक्सर चौड़े हो जाते हैं घर की बड़ी बेटियों के कंधे…

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वीमेन डायरी

जिम्मेदारियां कभी लिंग नहीं देखती।वो तो समाज का काम है। लड़का है तो बाहर का संभालेगा और लड़की है तो घर देखेगी।पर क्या हो जो घर की बड़ी बेटी ही बेटा हो। हां कुछ परिवार ऐसे ही होते हैं जिनके लिए उनकी बेटियां ही असल बेटे का काम करते हैं।इन लड़कियों की एक अलग ही पहचान होती है इनके कंधे चौढ़े हो जाते हैं। कुदरत का करिश्मा या समय की जरुरत पर ऐसा होता है।आज की नायिका उर्वशी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।

मैं कुछ 8 साल की रही होंगी। धुंधला-धुंधला सा याद है कि एक दिन मम्मी अचानक से दोपहर में कहीं चली गयी थीं।छोटा भाई भी गायब था जबकि अक्सर तो घर पर ही रहता था।करीब चार बजे अपनी एटलस साइकिल पर पीछे के कैरियर पर छोटे भाई और आगे वो तितली और फूलों वाली टोकरी में छोटा-सा स्कूल बैग रखे मम्मी घर पहुंची।पता चला कि छोटे भाई का स्कूल में एडमिशन हो गया है एक हिंदी माध्यम स्कूल में जबकि मैं इंग्लिश मीडियम में पढ़ती थी।मैंने सुना था कई लोगों को ये समझाते हुए कि बेटे को डालो इंग्लिश में बेटी को क्यों पढ़ाना, और हर बार मम्मी जवाब देती थी कि वो बड़ी है पहले सब कुछ उसका है फिर जो बचा वो बेटे को मिलेगा।

‘मैं बड़ी हुं’ ये महज अब शब्द नहीं पर मेरे लिए जिम्मेदारी थी।मुझे नहीं याद आज भी कोई दिन जब मेरे लड़की होने के कारण मुझे मेरे मम्मी-पापा ने कम आंका हो।बराबर क्या मेरे भाई से हमेशा मुझे ज्यादा ही दिया है। तो कहीं न कहीं मुझे भी तो पूरा करना था उनके अरमानों को।

अरमानों को पूरा करने की कड़ी में ही मैंने एन.सी.सी ज्वाइन की थी। घरवाले सोच रहे थें कि उनकी बेटी कम खाने की वजह से सूख जाएगी, पर हुआ बिल्कुल उल्टा। हर शाम कैंप में मौजूद सभी बच्चों को उनके मम्मी-पापा से मिलने की परमिशन मिलती थी। एक शाम मेरे भी पापा मुझसे मिलने आये, मेरे लिए खाना लाये, थोड़ी देर बात की फिर वो घर चले गए। देर रात को मम्मी का फ़ोन आया तो मम्मी ने बताया कि पापा कह रहे हैं- “ उर्वशी दुबली नहीं मोटी हो गयी है, कंधे चौड़े हो गए हैं “। मन ही मन मैंने सोचा जिम्मेदारियां बड़ी हैं तो कंधों का चौड़ा होना तो बनता ही है।

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जिम्मेदारियां हर बार बोझ नहीं होती हैं। कई बार ये जिम्मेदारियां कारण होती हैं अपने आप को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने की। और जब जिम्मेदारियां बेटियों के कंधे पर हो तो ख़ास भी होती हैं। शायद इसलिए आज भी मेरे हर फैसले में केंद्र होते हैं मेरे मम्मी-पापा। मुझे नहीं पता कि मेरा भाई उनके लिए क्या करेगा पर मुझे इतना पता है कि मुझे मेरी जिम्मेदारियां निभानी हैं।

खैर,मैंने तो अपने दिल की बात कह दी पर आप कब तक चुप रहेंगी ?अगर आपके मन में भी ऐसी ही कोई बात दबी है तो हमें satyodayalko@gmail.com पर लिख भेजिए।http://www.satyodaya.com

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सतरंगी

जानें-आखिर कैसे सामान्य परिवार से ताल्लुक रखने वाले वाड्रा देश के सबसे हाईप्रोफाइल राजनीतिक परिवार के बन गए दामाद

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नई दिल्ली। करोड़ों देश वासियों के जहन में यह सवाल जरूर उठता होगा कि आखिर कैसे एक साधारण से परिवार से ताल्लुक रखने वाले राबर्ट वाड्रा भारत के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार के दामाद बन गए। बेहद खूबसूरत और बुद्धिमान प्रियंका गांधी साधारण से दिखने वाले राबर्ट वाड्रा के प्यार में कैसे पड़ गईं। लेकिन हम आपको बता दें कि इस हाई प्रोफाइल जोड़ी की लवस्टोरी बहुत ही साधारण है। दोनों के बीच एक सामान्य लगाव ने उन्हें जीवनभर के लिए एक बना दिया। हालांकि वाड्रा को प्रियंका का साथ निभाने के लिए अपने परिवार से अलग होना पड़ा। रॉबर्ट वाड्रा के गुरुवार को अपना 50वां जन्मदिन मना रहे हैं। रॉबर्ट वाड्रा का जन्द मुराबाद में 18 अप्रैल 1969 को हुआ था। प्रियंका ने अपने पति रॉबर्ट वाड्रा के बारे में एक इंटरव्यू में बताया था कि

जब मैं उनसे पहली बार मिली तो उन्होंने मुझे अलग तरह से ट्रीट नहीं किया, मुझे ये अच्छा लगा। उनकी यही अदा मेरे दिल को भा गयी। प्रियंका ने बताया कि वह दिल से बहुत ईमानदार इंसान हैं। वह अपने तरीके से जीते हैं और उन्हें दूसरी चीजें प्रभावित नहीं करतीं। उनके लिए एक हाई प्रोफाइल राजनीतिक परिवार का माहौल बिल्कुल नया था लेकिन जिस तरह से उन्होंने सब कुछ संभाला, वह शानदार है।

रॉबर्ट वाड्रा से प्रियंका की मुलाकात मात्र 13 साल की उम्र में हुई थी। दिल्ली के ब्रिटिश स्कूल में पढाई के दौरान रॉबर्ट वाड्रा की बहन ने दोनों की मुलाकात कराई थी। इसके बाद दोनों की दोस्ती मजबूत होती गई। ये दोस्ती इतनी प्रगाढ़ हो गई थी कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान रॉबर्ट वाड्रा पीएम हाउस में बिना किसी रोक-टोक के जाने लगे। रॉबर्ट वाड्रा का परिवार पीतल और आर्टिफिशल ज्वैलरी के बिजनेस में था। वह प्रियंका को खास ज्वैलरी तोहफे में दिया करते थे। रॉबर्ट वाड्रा जल्द ही प्रियंका के भाई राहुल गांधी के भी अच्छे दोस्त बन गए। रॉबर्ट वाड्रा नहीं चाहते थे कि उनके रिश्ते के बारे में किसी को पता चले लेकिन जब एक बार प्रियंका मुरादाबाद में रॉबर्ट से मिलने पहुंची तो उनकी प्रेम कहानी की चर्चा शुरू हो गई। आखिरकार 1997 में दोनों की शादी हो गई। दोनों के दो बच्चे हैं। बेटे का नाम रेहान और बेटी का नाम मिराया।

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हालांकि पिछले कई वर्षों से रॉबर्ट वाड्रा विवादों में रहे हैं। इस समय लंदन में स्थित उनकी कथित प्रापर्टी को लेकर उनसे लगातार पूछताछ कर रही है। उनका परिवार पीतल के कारोबार में था। रॉबर्ट वाड्रा ने भी ब्रास एक्सपोर्ट से अपना कारोबार शुरू किया था और फिर उन्होंने रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में तेजी से अपना कारोबार फैलाया। भाजपा सहित विरोधी दल लगातार आरोप लगा रहे हैं कि यूपीए सरकार के दौरान वाड्रा के लिए नियम कानून ताक पर रखकर उन्हें लाभ पहंुचाया गया।

जब परिवार हो होना पड़ा अलग

प्रियंका गांधी से शादी के कुछ समय बाद ही उन्हें अपने परिवार से अलग होने की सार्वजनिक घोषणा भी करनी पड़ी। रॉबर्ट वाड्रा के दादा पाकिस्तान के सियालकोट से आकर पीतलनगरी कहे जाने वाले मुरादाबाद में बस गए थे। यहीं पर उन्होंने ब्रास का कारोबार शुरू किया, बाद में इसे रॉबर्ट वाड्रा के पिता ने संभाला। उनकी मां मॉरीन दिल्ली के एक प्लेस्कूल में टीचर थीं। वो मूल रूप से स्कॉटिश हैं। सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन शादी के बाद इस तरह की खबरें उड़ने लगीं कि वाड्रा के पिता और भाई सियासी फायदा उठाने में लग गए हैं। कहा जाने लगा था कि वो गांधी परिवार से अपने रिश्ते का हवाला देकर अधिकारियों से कई सिफारिशें करने लगे थे।

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लेकिन बात तब बिगड. गई जब उन्होंने किसी को मुरादाबाद से टिकट दिलाने का वादा कर लिया। इसके बाद सोनिया गांधी नाराज हो गईं। जिसके बाद रॉबर्ट को सार्वजनिक तौर पर अखबार में अपने परिवार से संबंध तोड़ने का इश्तेहार छपवाना पड़ा। इस इश्तेहार के बाद रॉबर्ट ने पिता से संबंध तोड़ लिये। इसके बाद अगले कुछ सालों में उनके पिता, बड़े और बहन की हादसों में मौतें हुई। 2009 में रॉबर्ट के पिता दिल्ली में एम्स के पास एक मोटेल में मृत पाए गए। उनके बड़े भाई, रिचर्ड ने भी 2003 में आत्महत्या कर ली। इससे पहले बहन मिशेल 2001 में एक कार एक्सीडेंट में मारी गई थीं।

रॉबर्ट वाड्रा ने बिजनेस में लगाई छलांग

शुरुआत में पिता के ही कारोबार में साथ देने के बाद 1997 में वाड्रा ने आर्टेक्स नाम से एक हैंडीक्राफ्ट्स का बिजनेस शुरू किया। इस समय उनका कई राज्यों में बिजनेस है। मीडिया में आने वाली रिपोर्ट्स की मानें तो रॉबर्ड वाड्रा हाई-फाई जिंदगी जीने के शौकीन हैं। उन्हें फिटनेस फ्रीक भी कहा जाता है। वो महंगे और डिजाइनर कपड़े पहनते तेज स्पीड वाली स्पोर्ट्स बाइक्स का उनके पास कलेक्शन है।http://www.satyodaya.com

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लाइफ स्टाइल

गर्मियों के मौसम में होने वाली बीमारियों से बचेंगे, अगर आप अपना लेंगे ये आसान टिप्स…

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गर्मी का मौसम अपने साथ कई बीमारियों को लेकर आता है। गर्मी और उमस के बीच यह इम्यून सिस्टम को भी प्रभावित करता है। खासतौर पर पानी की कमी से कई बीमारियां उत्पन हो जाती हैं। पाचन और त्वचा संबंधी समस्याओं के साथ ही मौसमी फ्लू और संक्रमण का भी इस दौरान खतरा बना रहता है। कुछ बीमारियां तो सामान्य होती हैं जिनका इलाज आसानी से हो जाता है। जबकि कुछ बीमारियां गंभीर होती हैं, अगर हम इन बीमारियों का सही समय पर इलाज न करें तो ये घातक रूप ले लेती हैं।

आइए जानते हैं कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जो इस गर्मी के मौसम और इसमें होने वाली बिमारियों को दे सकते हैं मात :

गर्मी में हाइड्रेटेड रहें : यदि आपके शरीर में पर्याप्त पानी है तो आप 90 फीसदी बीमारियों से लड़ सकते हैं। पानी को शरीर के फाइबर द्वारा हमारे कोलोन में खींच लिया जाता है और यह नरम मल बनाने में शरीर की मदद करता है।

फाइबर इनटेक : अनाज, सब्जियां, फलियां और फल जैसे फाइबर के बेहतरीन स्रोत वाले खाद्य पदार्थ हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करते हैं। जबकि व्यक्ति कब्ज होने की आशंका से दूर होता है, जो अंतत: फिशर का कारण बनता है।

कम कैफीन : गर्मी में कैफीन का सेवन भी आपके पाचन तंत्र की कार्यप्रणाली को प्रभावित करता है। जो आगे चलकर अल्सर, एसिडिटी और जलन का कारण बनता है। इसलिए इसका उपयोग कम करें।

वर्कआउट : गर्मी के मौसम में वर्कआउट सबसे लाभदायक होता है। पसीने का निकलना बहुत अच्छा है क्योंकि यह आपके शरीर से गंदगी को निकालने में मदद करता है। साथ ही आपके शरीर को फिट और स्वस्थ रखने में भी सहायक होता है। हम जितना अधिक शारीरिक तौर पर सक्रिय रहेंगे, हमारे लिए जीवन खुशहाल होगा।

धूप से दूरी : गर्मी में कड़कती धूप से ज्यादातर दबर रहना चाहिए। संभव हो तो धूप में तीन घंटे से ज्यादा रहने से परहेज करें और सूती जैसे हल्के कपड़े पहनें।

नियमित हेल्थ चेकअप : कई बार हम कुछ लक्षणों की गंभीरता को नरअंदाज करते हुए डॉक्टर के पास जाने से परहेज करते हैं। लेकिन बेहतर होगा कि स्वास्थ्य के मालमों में हम विशेषज्ञ से संपर्क करें। किसी भी तरह की गंभीर समस्या से बचने के लिए नियमित तौर पर हेल्थ चेकअप के लिए जाना चाहिए। इसलिए गर्मी  के मौसम में कई अन्य तरह की समस्या भी हो जाती है, जैसे- जॉन्डिस, टाइफॉयड और फूड प्वायजनिंग आदि. बेहतर होगा कि आप अपने खान- पान की आदतों के साथ धूप में समय बिताने को लेकर सतर्क रहें। बाहर के खाने से परहेज नही करने पर ये छोटे अनहेल्दी आदतें आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती हैं।http://www.satyodaya.com

 

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टेक्नोलॉजी

यूजर्स को मिलने जा रहा है Whatsapp का नया ऐनिमेटेड फीचर, जानिए इसके बारे में

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 नईदिल्ली:- इंस्टैंट मेसेजिंग ऐप Whatsapp अपने यूजर्स के चैट एक्सपीरियंस को बेहतर और मजेदार बनाने के लिए लगातार नए-नए फीचर रोलआउट करता रहता है। जहां इंस्टैंट मैसेजिंग एप व्हॉट्सएप ऐनिमेटेड स्टिकर को आज लॉन्च कर दिया। फिलहाल ये फीचर उपलब्ध नहीं है। कई वर्जन पर इसका टेस्ट किया जा रहा है। जिसमें एंड्रॉयड, iOS और वेब भी उपलब्ध है।

आपको बता दें कि वॉट्सऐप ने पिछले साल अक्टूबर में स्टिकर्स फीचर को लॉन्च किया था। इन्हें देखने के बाद कहा जा सकता है कि इन ऐनिमेटेड स्टिकर्स के आने से यूजर्स के चैटिंग का मजा दोगुना बढ जायेगा। अगर आप रिसीव किए ऐनिमेटेड स्टिकर को सेंड करते हैं तो यह ऐनिमेटेड फॉर्म में ही जाएगा। वॉट्सऐप अपने ऐनिमेटेड स्टिकर्स के लिए , iOS ऐप पर भी सपॉर्ट उपलब्ध कराएगा।

जानकारी के मुताबिक वॉटस्ऐप पर इस वक्त 13 प्री-इंस्टॉल्ड स्टिकर्स सेट ऑफर करता है। ऐंड्रॉयड यूजर्स अगर चाहें ‘Get More Stickers’ ऑप्शन पर टैप करके गूगल प्ले स्टोर से स्टिकर डाउनलोड कर सकते हैं। आपको बता दें कि इसी हफ्ते एक रिपोर्ट आई थी। जिसमें कहा गया था कि व्हॉट्सएप यूजर्स को स्क्रीनशॉट लेने से रोकने के लिए एक नया फीचर लाने जा रहा है। इसका मकसद एप की प्राइवेसी और सिक्योरिटी को और मजबूत करना है। जबकि स्क्रीनशॉट वाला ये फीचर यूजर्स के लिए तभी काम करेगा, जब एंड्रॉयड यूजर्स को नया फिंगरप्रिंट अथॉन्टिकेशन फीचर मिलेगा।http://www.satyodya.com

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April 19, 2019, 1:35 am
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