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sushant case: रिया ने तोड़ी चुप्पी, बताई सुशांत के बिगड़ती हालत और डिप्रेशन की सच्चाई

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नई दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत ने 14 जून को अपने मुंबई वाले घर पर आत्महत्या कर ली थी। एक्टर की डेथ के बाद कई बाते सामने आईं, जिसमें से एक थी सुशांत के डिप्रेशन में होने की बात। एक्टर की मौत के बाद ये खुलासा हुआ कि सुशांत डिप्रेशन में थे, इतना ही नहीं वो बाइपोलर डिसऑर्डर की परेशानी से जूझ रहे थे। हालांकि सुशांत की एक्स गर्लफ्रेंड अंकिता लोखंडे ने ये दावा किया सुशांत डिप्रेशन में नहीं थे। लेकिन अब सुशांत की गर्लफ्रेंड रिया ने उनके डिप्रेशन पर चुप्पी तोड़ी है।
जानकारी के मुताबिक, रिया ने बताया है कि कब उन्हें पता चला कि सुशांत डिप्रेशन में थे, और कब से उनकी हालत बिगड़ती चली गई। रिया ने बताया ‘यूरोप ट्रिप पर जाने से पहले सुशांत ने बताया। कि उसे फ्लाइट में बैठने से डर लगता है। उसे क्लॉस्टेरोफोबिया है। उसके लिए वो एक दवाई लेता है। दवाई का नाम मोडाफिनिल है। उसके पास वो दवाई हमेशा रहती थी। फ्लाइट मैं बैठने से पहले उसने वो दवाई ली, वो दवाई हर वक्त सुशांत के पास रहती थी शायद हर फ्लाइट से पहले वो ये दवाई लेते होंगे’।

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आगे रिया ने बताया, ‘वहां पहुंचकर हम पेरिस लैंड हुए, तीन दिन तक सुशांत कमरे से बाहर नहीं निकला। ये देखकर मुझे थोड़ा अजीब लगा क्योंकि ट्रिप पर जाने से पहले वो काफी खुश था। वो मुझे अपना अलग अंदाज दिखाना चाहता था, वो मस्ती करना चाहता था। लेकिन वहां (पेरिस) पहुंचने के बाद वो कमरे से ही नहीं निकला। उसके बाद हम दूसरी जगह गए स्विट्जरलैंड। तब वो खुश था’।

‘उसके बाद जब हम इटली गए , वहां हम एक होटल में ठहरे जिसका नाम था प्लाज़ो मैगननी फिरोनी जो की एक गॉथिक होटल है, ये बात हमें बुकिंग से पहले नहीं पता थी। हम अपने कमरे में गए तो वहां अजीब-अजीब सी अतरंगी से तस्वीरें लगी हुई थीं। जिन्हें देखकर मुझे डर लगा, लेकिन सुशांत ने कहा सब ठीक है। लेकिन उस रात वो सो नहीं पाया, उसने मुझसे कहा कि यहां कुछ है.. मैंने कहा कोई बुरा सपना देखा होगा। मैंने उससे कहा कि हम यहां से चलते हैं लेकिन वो नहीं माना। इसके बाद से उनकी हालत खराब होती गई। बाद में उसने मुझे बताया कि उसके साथ ऐसा 2013 में भी हुआ था, जब उसके साथ एक डिप्रेसिव एपिसोड हुआ था। तब वो एक साइकेटरिस्ट से मिला था, उन्होंने ही सुशांत को ये दवाई दी हुई थी। इसके बाद सुशांत ने मुझे पूरी बात बाताई कि 2013 के बाद उन्हें एनजाइटी अटैक आते थे पर वो धीरे-धीरे ठीक हो रहे थे। पर अब उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी। इसके बाद हमने अपनी ट्रिप खत्म कर दी क्योंकि आपका पार्टनर अगर ठीक नहीं है तो सबसे अच्छा है कि आप उसे वापस ले आओ’।http://satyodaya.com

लखनऊ लाइव

लखनऊ: ट्यूशन टीचर ने मासूम को दी तालिबानी सजा, हाथ पीछे बांधकर डण्डे से पीटा

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के मलपुर से एक बच्चे से क्रूरता भरा व्यवहार करने का मामला सामने आया है जहां ट्यूशन पढ़ने गए 8 वर्षीय बच्चे को उसके टीचर ने तालिबानी सजा दी। बच्चे के हाथों को तार से पीछे बांधकर लाठी-डंडे से बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई के कारण बच्चे के पैर, पीठ और कमर पर काफी गहरे चोटे आई हैं। बच्चे के माता पिता ने स्थानीय पुलिस को जाकर इस बात की सूचना दी। जिसके बाद आरोपी टीचर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के मुताबिक, 8 वर्षीय सिद्धार्थ और उसकी बहन ट्यूशन पढ़ने सचिन गुप्ता के यहां जाते हैं। हालांकि सिद्धार्थ थोड़ा पढ़ाई में कमजोर है। बताया जा है कि टीचर ने बच्चे को होमवर्क दिया था। जो वह करके नहीं लाया इसी बात पर बच्चे को डांटा तो उसने टीचर को दांत काट लिया। उतने में ही गुस्साए आरोपी टीचर ने बच्चे के दोनों हाथों को पीछे तार से बांध दिया और उसके बाद लकड़ी के डंडे में बेरहमी से पिटाई कर दी।

टीचर के खिलाफ थाना ठाकुरगंज में शिकायत दर्ज

पिटाई इस कदर की गई कि बच्चे के पैर, पीठ और कमर में गहरे चोट के निशान आए हैं। इसकी सूचना सिद्धार्थ की बहन ने मां को दी, जिसके बाद परिजनों ने टीचर के खिलाफ थाना ठाकुरगंज में शिकायत दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस ने मामले को गम्भीरता से लेते हुए तत्काल आरोपी सचिन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। आगे की कार्यवाही की जा रही है।

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बच्चे की मां गायत्री का कहना है कि बच्चा पढ़ने में थोड़ा कमजोर है, लेकिन मारना नहीं चाहिए। वहीं, जेसीपी नीलाब्जा चौधरी के मुताबिक, बच्चे की पिटाई का मामला आया था, जिसमें बच्चे के माता-पिता की तरफ से शिकायत दर्ज की गई है और उसके बाद आरोपी टीचर सचिन गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया।http://satyodaya.com

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प्रियंका गांधी का हमला, कहा- योगी सरकार में नौकरियों पर ग्रहण से युवा हताश

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लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी गांधी वाड्रा ने एक बार फिर से योगी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने हाल ही में योगी सरकार की ओर से सरकारी नौकरी में संविदा के आधार पर भर्ती करने वाले फैसले को अपमानजनक बताया है। इसके अलावा प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार को रोजगार विरोधी बताया और साथ ही प्रयागराज में प्रतियोगी छात्र की मौत का मामला भी उठाया है।

यूपीपीसीएस 2018 परीक्षा का अंतिम परिणाम आने के बाद चयनित न हो पाने के कारण प्रयागराज के प्रतियोगी छात्र ने आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। प्रियंका गांधी ने लिखा है, ‘इलाहाबाद के प्रतियोगी छात्र राजीव पटेल की आत्महत्या कान में रुई डाले बैठी यूपी सरकार के लिए एक चेतावनी है। नौकरियों पर ग्रहण से युवा हताश हैं। उनकी आवाज सुनने के बजाए सरकार ने 5 साल संविदा का अपमानजनक फैसला थोप दिया। युवाओं धैर्य रखिए, इस रोजगार विरोधी सरकार से हम लड़ेंगे।’

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गौरतलब हो कि योगी सरकार की ओर से समूह ख और ग में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को 5 साल तक संविदा पर रखने और हर साल परीक्षा में 60 फीसदी अंक पाने के फैसले का सभी विपक्षी दलों ने जमकर विरोध किया था। वहीं अब प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मामले को उठाते हुए योगी सरकार पर हमला बोला है।http://www.satyodaya.com

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देश

Hindi Diwas: जानिए, कितने संघर्षों के बाद हिंदी को राजभाषा का गौरव प्राप्त हुआ

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नई दिल्ली। भारत में हर साल 14 सितंबर को देश में हिन्दी दिवस मनाया जाता है। हर साल देश के लिए इसके योगदान को याद करने और इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 देश को आजादी मिलने के दो साल बाद हिंदी को राजभाषा होने का गौरव प्राप्त हुआ था। बता दें व्यौहार राजेन्द्र सिंह हिन्दी के मूर्धन्य साहित्यकार थे। जिन्होने हिन्दी को भारत की राजभाषा बनाने की दिशा में अतिमहत्वपूर्ण योगदान दिया। फलस्वरूप उनके 50वें जन्मदिन के दिन ही, अर्थात 14 सितम्बर 1949 को, हिन्दी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया। 

भारत में हिन्दी भाषा का इतिहास इंडो-यूरोपियन भाषा परिवार के इंडो-आर्यन शाखा से संबद्ध रखता है। ये हम सब जानते हैं कि भारत में सैकड़ों भाषाएं और बोली जाती हैं। लेकिन हिंदी भाषा दुनियाभर में सबसे बोली जाने वाली पांच भाषाओं में से एक है। इसीलिए हिंदी अपने भारत में ही नहीं बल्कि अन्य देशों में भी बोली जाती है। हिंदी की खासियत यह है कि यह समझने में बहुत आसान है और इसे जैसा लिखा जाता है, इसका उच्चारण भी उसी तरह किया जाता है। हमारे देश में 77 फीसदी लोग हिंदी बोलते, समझते और पढ़ते हैं।

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विश्व में जिन देशों में भारत के दूतावास हैं, वहां हिंदी दिवस को खास तौर पर मनाया जाता है। हिंदी भाषा जहां देश के कई राज्‍यों में बोली जाती है। वहीं कई अन्‍य देशों जैसे नेपाल, पाकिस्‍तान,बांग्‍लादेश, अमेरिका, सूरीनाम, युगांडा, मॉरिशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका आदि में भी बोली जाती है।

आपको बता दें 2017 में ऑक्‍सफोर्ड डिक्‍शनरी में पहली बार हिंदी के ‘अच्छा’, ‘बड़ा दिन’, ‘बच्चा’ और ‘सूर्य नमस्कार’ जैसे शब्‍दों को शामिल करके हिंदी का मान बढ़ाया गया। वहीं विश्व आर्थिक मंच की गणना के मुताबिक हिंदी विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। हिंदी दिवस मनाने का मकसद यही होता है कि लोग अपनी भाषा की अहमियत को समझें और इसका ज्‍यादा से ज्‍यादा इस्‍तेमाल करें। ऐसे में हिंदी दिवस के मौके पर लोगों से आशा की जाती है कि वे अपने विचार हिंदी में लिखेंगे और हिंदी को अहमियत देंगे।http://satyodaya.com

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September 29, 2020, 12:04 pm
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