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IND vs AUS: आखिरी वनडे मुकाबले में ये गलतियां नहीं दोहराना चाहेगी भारतीय टीम 

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बुधवार को वनडे सीरीज का 5वां और आखिरी मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय टीम ने शुरुआती दो मैच जीतकर बढ़त बनाई थी ।लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने रांची और मोहाली में दमदार वापसी करते हुए सीरीज 2-2 से बराबरी कर ली है , और इसी के साथ आखिरी मैच को रोचक बना दिया है । यह मैच दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेला जाएगा । भारत को अगर यह सीरीज जीतनी है तो पिछले कुछ गलतियों को ध्यान में रखकर मैदान पर उतरना पड़ेगा।
भारतीय बल्लेबाजी क्रम काफी हद तक कप्तान विराट कोहली पर निर्भर करता है। रविवार को मोहाली में खेले गए मैच को छोड़ दें तो रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी बहुत कारगर साबित नहीं हुई है। कप्तान कोहली के अलावा मध्यक्रम में कोई दूसरा बल्लेबाज बहुत ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पा रहा है। नंबर चार पर अंबाती रायुडू की फॉर्म खराब है और केदार जाधव, विजय शंकर ठीक प्रदर्शन तो कर रहे हैं लेकिन निरंतरता का अभाव वहां भी देखा जा रहा है। कोहली अगर किसी मैच में रन नहीं बना पाते हैं तो टीम काफी कमजोर नजर आने लगती है।

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जहां तक गेंदबाजी की बात है तो कुलदीप यादव (9 विकेट) और जसप्रीत बुमराह (7 विकेट) के अलावा अन्य गेंदबाज प्रभावी नहीं रहे हैं। चौथे वनडे में जिस तरह ऑस्ट्रेलिया ने विकेट बचाकर रखते हुए रन बनाए वह काबिले तारीफ है। वहीं आखिरी ओवरों में भारत का कोई भी गेंदबाज प्रभावी नहीं रहा।

पूर्व कप्तान बिशन सिंह की सलाह

पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा भी धोनी भारतीय टीम के आधे कप्तान हैं। उन्होंने कहा कोहली धोनी के बिना असहज नजर आते हैं। इतना ही नहीं चौथे वनडे में विकेट के पीछे ऋषभ पंत काफी असहज नजर आए। असल में धोनी विकेट के पीछे कमाल करते हैं लेकिन साथ ही रणनीति बनाने में भी उनका कोई मुकाबला नहीं है। धोनी मिडल ऑर्डर को एक सहारा भी देते हैं। वह गेंदबाजों का काम आसान करते हैं और कोहली का बोझ भी कम करते हैं।http://www.satyodaya.com

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खराब प्रदर्शन का भुगतना पड़ा खामियाजा, रहाणे से छिनी कप्तानी

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अजिंक्य रहाणे मुंबई के खिलाफ मैच से पहले कप्तानी से हटाए गए, स्टीवन स्मिथ को सौंपी गई कमान

नई दिल्ली। आईपीएल किसी भी कीमत पर जीत मायने रखती है। जो इस कसौटी पर खरा उतरेगा वही टिका रह सकता है। राजस्थान रायल्स टीम पिछले कई मैचों से आईपीएल में खराब प्रदर्शन कर रही जिसका खामियाजा अब कप्तान अजिंक्य रहाणे को चुकाना पड.ा है। फ्रेंचाइजी ने रहाणे से कप्तानी छीन ली है और स्टीव स्मिथ को कप्तान बना दिया है। अब सीजन के बाकी बचे मैचों में राजस्थान की कप्तानी स्टीवन स्मिथ संभालेंगे। बता दें कि अब तक रहाणे की अगुवाई में राजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में 8 मैच खेले जिनमें से 6 मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा। राजस्थान की टीम अंक तालिका में 7वें नंबर पर है। मुंबई इंडियंस के खिलाफ जयपुर में होने वाले आईपीएल मैच से पहले राजस्थान रॉयल्स ने लिया फैसला लिया है।
राजस्थान रॉयल्स टीम ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि अजिंक्य रहाणे ने पिछले साल प्लेऑफ तक टीम के सफर में अच्छी भूमिका अदा की। हालांकि, फ्रैंचाइजी को लगता है कि टीम के 2019 के सत्र में अभियान को ट्रैक पर लाने की दिशा में कुछ नया करना जरूरी है। स्टीव हमेशा ही राजस्थान के टीम नेतृत्व का हिस्सा रहे हैं और रहाणे उनके साथ अहम भूमिका निभाएंगे। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान स्मिथ इससे पहले पुणे सुपरजाइंट के भी कप्तान रह चुके हैं।

कोच ने दिए थे रहाणे को हटाने के संकेत

राजस्थान रॉयल्स के कोच पैडी अप्टन ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार के बाद रहाणे को हटाने के संकेत दे दिए थे। अप्टन ने ये बात मानी थी कि राजस्थान की टीम एक यूनिट के तौर पर विफल साबित हुई है।

प्लेइंग इलेवन में भी फिट नहीं बैठ रहे रहाणे

अजिंक्य रहाणे ने इस सीजन में 8 मैच में 131 की स्ट्राइक रेट से 201 रन बनाए हैं। इस दौरान उनके बल्ले से केवल एक फिफ्टी निकली है। जबकि आईपीएल में उनका ओवरऑल स्ट्राइक रेट 120.56 का ही रहा है। पिछले दो सीजन पर नजर डाली जाए तो उनकी स्ट्राइक रेट 120 से कम रहा है। टी20 फॉर्मेट में किसी भी सलामी बल्लेबाज के लिए यह स्ट्राइक रेट कम मानी जाती है। पंजाब के खिलाफ मुकाबले में रहाणे मिडिल ऑर्डर में बल्लेबाजी करने आए थे, लेकिन जरूरत पड़ने पर वो बड़े शॉट नहीं लगा सके और नतीजा टीम को हार मिली। अजिंक्य रहाणे को कप्तानी से तो हटा ही दिया गया है लेकिन अगर राजस्थान की टीम उन्हें प्लेइंग इलेवन से भी बाहर कर दे तो कोई हैरानी नहीं होगी। दरअसल रहाणे की फॉर्म खराब है और वो प्लेइंग इलेवन में फिट भी नहीं बैठ रहे हैं।

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रहाणे के बल्लेबाजी की शुरुआत करने के चलते राजस्थान रॉयल्स के बैटिंग ऑर्डर पर भी असर पड़ता है। टीम के पास ज्यादातर बल्लेबाज टॉप ऑर्डर के ही हैं। इनमें स्टीव स्मिथ, राहुल त्रिपाठी और संजू सैमसन के नाम शामिल हैं। रहाणे के ओपनिंग करने से राहुल त्रिपाठी को मिडिल ऑर्डर में उतरना पड़ रहा है। राहुल सलामी बल्लेबाज हैं और बल्लेबाजी में नीचे आने से उन्हें रन बनाने में मुश्किल हो रही है। रहाणे मिडिल ऑर्डर में तेज रफ्तार से रन नहीं बना पाते, ऐसे में उनका प्लेइंग इलेवन से ड्रॉप होना भी तय ही दिख रहा है।http://www.satyodaya.com

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BCCI लोकपाल ने हार्दिक पंड्या-केएल राहुल पर लगाया 20-20 लाख रुपये का जुर्माना, जानिए वजह..

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नई दिल्ली: टीवी चैट शो  (कॉफी विद करण) में जाकर विवादों में फसें टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और के एल राहुल को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड BCCI (The Board of Control for Cricket in India ) लोकपाल ने बड़ा फैसला सुनाया है। टीवी चैट शो  दौरान महिलाओं के प्रति अभद्र टिप्पणी के मामले में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल पर कार्रवाई की गयी है। बीसीसीआई (BCCI) ने दोनों पर 20-20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।  इसके लिए दोनों क्रिकेटरों को रुपये जमा करने का समय एक महीने दिया है।

जानकारी के मुताबिक बीसीसीआई की ओर से प्रत्ये्क खिलाड़ी पर लगाए गए 20 लाख रुपये के जुर्माने में से 1-1 लाख रुपये की रकम ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सुरक्षा बलों के 10 कांस्टेबलों के परिवारों को देने को कहा गया है। लोकपाल ने जुर्माने की इस राशि को उन्हें ब्लाइंड क्रिकेट के प्रमोशन के लिए बनाए गए फंड में 10-10 लाख रुपये देने का आदेश दिया है। लोकपाल ने कहा है कि यदि दोनों खिलाड़ी आदेश जारी होने के एक महिने के अंदर जुर्माना नहीं चुकाया, तो बीसीसीआई दोनों खिलाड़ियों की मैच फीस में से यह राशि काट सकता है।

आपको बता दें कि दोनों ही खिलाड़ियों के पास यह राशि अदा करने के लिए 4 सप्ताह का समय होगा। गौरतलब है कि चैट शो का विवादास्पद एपिसोड जनवरी के पहले हफ्ते में प्रसारित हुआ था। जिसके बाद काफी विवाद हुआ था और सीओए ने आस्ट्रेलिया दौरे के बीच से दोनों को वापस बुला लिया था और अस्थाई तौर पर निलंबित किया था। दोनों ने इसके बाद बिना शर्त माफी मांगी थी और जांच लंबित रहने तक अस्थाई तौर पर उनका प्रतिबंध हटा दिया गया था।

अब दोनों क्रिकेटर बढ़े हुए मनोबल के साथ पूरे जोश से विश्व कप के लिए 15 सदस्यीय भारतीय क्रिकेट टीम के साथ इंग्लैंड जाने  की तैयारी कर सकते हैं।http://www.satyodaya.com

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विश्वकप टीम में जगह मिलते ही ‘सर जडेजा’ ने खुले तौर पर किया BJP का समर्थन, चर्चाओं का बाजार गर्म

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वर्ष 2019 एक तरह से बहुत ही निर्णायक माना जा रहा है। एक तरफ जहां देश को एक सत्ता का फैसला होगा वहीं दूसरी तरफ क्रिकेट जगत में भारत विश्व विजेता बनने उतरेगा। इस चुनावी मौसम में जहां एक तरफ नेताओं के बयान लू की तरह पूरे माहौल को गर्म किए हुए हैं वहीं दूसरी तरफ विश्वकप में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाली टीम की घोषणा ने चर्चाएं बढ़ा दी हैं।

तो महत्वपूर्ण बात ये है कि आजकल चुनाव और क्रिकेट ही सुर्खियों में छाए हुए हैं। ऐसे में चुनाव और क्रिकेट की चर्चा अगर एक साथ होने लगे तो लोगों की उत्सुकता बढ़ना स्वाभाविक है। सोमवार को इंग्लैंड में होने वाली आईसीसी वर्ल्ड कप क्रिकेट के लिए टीम के चयन की घोषणा गई। इस चयन के बाद सोशल में चुने गए और न चुने गए खिलाड़ियों को लेकर खूब चर्चा हुई। लेकिन इस चर्चा से भी बड़ी चर्चा हो रही है उस खिलाड़ी कि जिसने अपने चयन के कुछ समय बाद ही उस पार्टी का खुल कर समर्थन किया जिसे वो इस लोकसभा चुनाव में जीत दिलाना चाहते हैं। जी हां, किसी समय में सर जडेजा के नाम से मशहूर भारतीय टीम के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ही वो खिलाड़ी हैं जो अभी चर्चा में चल रहे हैं। जडेजा के चयन ने उतना लोगों को नहीं चौंकाया जितना कि चुनाव को लेकर उनके राजनैतिक ट्वीट ने।

राजनीतिक परिवार से संबंध रखने वाले जडेजा की पत्नी भी राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में लग रहा था कि जडेजा अपना टीम इंडिया में सिलेक्शन का इंतजार ही कर रहे थे। टीम में चयन होने के कुछ ही घंटों बाद जडेजा ने भारतीय जनता पार्टी को अपना समर्थन करने वाला एक ट्वीट जारी कर दिया। जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा पिछले महीने ही बीजेपी में शामिल हुई थीं।

जडेजा का टीम इंडिया में चयन पक्का तो नहीं था लेकिन उनके चयन की स्थिति मजबूत ही थी। हालांकि जडेजा हमेशा ही प्रमुख खिलाड़ी के तौर पर टीम में कभी दावेदार नहीं रह सके थे। वे बढ़िया स्पिनर होने के बाद भी टीम में प्रमुख गेंदबाज के तौर पर कभी नहीं चुने गए। इसके बावजूद उनकी चुने जाने की संभावना उनके एक ऑलराउंडर के तौर पर बहुत ज्यादा थी। उनके अलावा केवल हार्दिक पांड्या और विजय शंकर ही हैं जो टीम में ऑलराउंडर के तौर पर थे, लेकिन स्पिन ऑलराउंडर केवल जडेजा ही हैं।

जडेजा के इस कदम की सोशल मीडिया पर आलोचना भी हो रही है। इस 23 अप्रैल को ही गुजरात की सभी 26 लोकसभा सीटों पर  मतदान होना हैं। रवींद्र जडेजा के ट्वीट की टाइमिंग विवाद पैदा कर सकती है। जडेजा परिवार केवल भाजपा से ही जुड़ा हो ऐसा नहीं है रवींद्र के पिता और उनकी बहन नान्यबा और पिता अनिरुद्धसिंह ने भी रविवार को ही जमनगर के कलेवाद शहर में औपचारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल होने की घोषणा की है। रवींद्र की बड़ी बहन नान्यबा एक नर्स हैं और वे महिला सशक्तिकरण, किसानों और युवाओं के लिए काम करना चाहती हैं। http://www.satyodaya.com

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