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क्रीज पर थीं मिताली राज… लेकिन आखिरी ओवर में 3 रन न बना सकी भारतीय टीम, 3-0 से गंवाई सीरीज

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गुवाहाटी। इंग्लैंड की महिला क्रिकेट टीम ने आज तीसरे टी-20 मैच में 1 रन से भारत को हराकर तीन मैचों की सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया। इंग्लैंड की टीम ने एक बेहद ही रोमांचक मुकाबले में भारत को एक रन से हराया। मैच के अंतिम ओवर में भारत को सिर्फ तीन रन की दरकार थी, केवल चार विकेट ही भारत के गिरे थे और क्रीज पर मिताली राज जैसी खिलाड़ी। इसके बावजूद भारत यह मैच हार गया। इंग्लैंड की तेज गेंदबाज केट क्रॉस की शानदार गेंदबाजी के आगे भारतीय टीम अंतिम ओवर में महज 1 रन बना सकी और मैच गंवा दिया।

टी-20 सीरीज से पहले भारत ने वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी। आज अंतिम टी-20 मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 119 रन बनाए। जबकि भारतीय टीम 20 ओवर में महज 118 रन ही बना सकी। भारत को अंतिम ओवर में सिर्फ 3 रन बनाने थे। भारत के सिर्फ चार विकेट ही गिरे थे। क्रीज पर मिताली राज और भारती फूलमाली थीं। लेकिन भारत यह मैच हार गया। क्योंकि मिताली राज पूरा ओवर नाॅन स्ट्राइक पर ही खड़ी रहीं। अंतिम ओवर की पहली तीन गेंदें डाॅट जाने के बाद चौथी गेंद पर फूलमाली आउट हो गईं। पांचवीं गेंद पर नई बल्लेबाज अनुजा पाटिल भी आउट हो गईं। अंतिम गेंद पर नई बल्लेबाज के रूप में आईं शिखा पांडेय सिर्फ 1 रन ही बना सकीं और भारत यह मैच 1 रन से हार गया।

इससे पहले टाॅस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 119 रन बनाए थे। इंग्लैंड से मिले 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मेजबान टीम को 10 रन के अंदर ही हर्लीन देओल (1) के रूप में पहला झटका लग गया। लेकिन फिर इसके बाद कप्तान स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों पर आठ चैकों और एक छक्के की मदद से 58 रन की पारी खेली और टीम को जीत के करीब पहुंचाया।

मंधाना टीम के 87 के स्कोर पर तीसरे बल्लेबाज के रूप में आउट हुई। उनके आउट होने के बाद अनुभवी मिताली राज ने एक छोर संभाले रखा। हालांकि दूसरे छोर पर विकेट के गिरने का सिलसिला जारी रहा। मिताली ने 32 गेंदों पर चार चैकों की मदद से नाबाद 30 रन की पारी खेली। इंग्लैंड की ओर से क्रॉस ने बेहतरीन दो विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। उनके अलावा अन्या श्रबसूले, लिंसे स्मिथ और लौरा मार्श ने एक-एक विकेट लिए।

इससे पहले, भारतीय टीम ने अपने गेंदबाजों की कसी गेंदबाजी के दम पर इंग्लैंड को छह विकेट पर 119 रन पर रोक दिया लेकिन उसके बल्लेबाज इस आसान लक्ष्य को भी हासिल नहीं कर पाए। मेहमान इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम को डेनली व्याट (24) और टैमी ब्युमोंट (26) ने पहले विकेट के लिए 7.2 ओवर में 51 रन की साझेदारी कर मजबूत शुरुआत दी।

हालांकि मेहमान टीम इस अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठा पाई और निर्धारित 20 ओवर में छह विकेट पर 119 रन ही बना पाई। एमी जोन्स ने 26, सोफिया डंक्ले ने नाबाद 14 और कप्तान हीथर नाइट ने 11 रन बनाए। भारत की ओर से अनुजा पाटिल और हर्लीन देओल के दो-दो विकेटों के अलावा एकता बिष्ट और पूनम यादव ने एक-एक विकेट लिए।   http://www.satyodaya.com

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दुनिया की सबसे सफल ओपनिंग जोड़ी और कोहली जैसे जुझारू कप्तान के साथ विश्व कप में उतरेगी टीम इंडिया

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नई दिल्ली। 30 मई से इंग्लैंड में शुरू हो रहे क्रिकेट विश्व कप की चमचमाती ट्राफी उठाने के लिए दुनिया भर की क्रिकेट टीमें अपने सबसे बेतहरीन खिलाडि.यों के साथ मैदान में उतरेंगी। दो बार की विजेता टीम इंडिया इस बार भी खिताब जीतने की प्रबल दावेदार मानी जा रही है। टीम इंडिया की इस दावेदारी के पीछे कप्तान विराट कोहली तो हैं, लेकिन इसके अलावा टीम इंडिया में इस समय प्रतिभावान और हरफनमौला खिलाडि.यों की उपलब्धता भी है। इस विश्व कप में भारतीय टीम की ओपनिंग जोड़ी (रोहित शर्मा-शिखर धवन) दुनिया की सबसे सफल जोड़ी है। सचिन तेंडुलकर और वीरेंदर सहवाग के संन्यास लेने के बाद दोनों ही खिलाडि.यों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभायी है। रोहित शर्मा और शिखर धवन वर्तमान समय में दुनिया की सबसे सफल सलामी जोड़ी के रूप में इस वर्ल्ड कप भारतीय बल्लेबाजी की अगुवाई करेंगे।
रोहित और धवन ने मिलकर अब तक 101 वनडे मैचों में ओपनिंग करते हुए 4541 रन बनाएं हैं जो कि पिछले दस वर्षों में किसी भी सलामी जोड़ी का सर्वश्रेष्ठ रिकार्ड है। इन दोनों ने अब तक 15 शतकीय और 13 अर्धशतकीय साझेदारियां निभाई हैं। पिछले वर्ल्ड कप से लेकर इस विश्व कप तक के चार वर्षों में इस भारतीय जोड़ी ने 60 मैचों में 2609 रन मिलकर बनाए हैं, जिसमें 8 शतकीय और 7 अर्धशतकीय साझेदारियां शामिल हैं। इन चार वर्षों में सलामी बल्लेबाजों में सर्वाधिक रन रोहित के बल्ले से निकले। उन्होंने 71 मैचों में 61.12 की औसत से 3790 रन बनाए, जिसमें 15 शतक और 16 अर्धशतक दर्ज हैं। धवन इस सूची में 67 मैचों में 2848 रन के साथ चैथे स्थान पर हैं।


वर्ल्ड कप में भाग ले रहे सभी सलामी बल्लेबाजों के प्रदर्शन को देखें तो वेस्ट इंडीज के क्रिस गेल (9850 रन), साउथ अफ्रीका के हाशिम अमला (7880) और बांग्लादेश के तमीम इकबाल (6636) ने ओपनर के तौर पर रोहित (6043) से अधिक रन बनाए हैं। लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि भारतीय बल्लेबाज लंबे समय तक मध्यक्रम में अपनी भूमिका निभाता रहा। रोहित ने अब तक जो 206 वनडे खेले हैं उनमें से 103 मैचों में वह मध्यक्रम में उतरे।
ब्रिटेन में 30 मई से शुरू होने वाले क्रिकेट महाकुंभ में भाग ले रही अन्य टीमों की सलामी जोड़ियों के पिछले विश्व कप के बाद का प्रदर्शन देखें तो रोहित और धवन के बाद दक्षिण अफ्रीका के अमला और डि कॉक (2442 रन), इंग्लैंड के जॉनी बेयरस्टॉ और जेसन रॉय (1675), ऑस्ट्रेलिया के फिंच और डेविड वॉर्नर (1350), पाकिस्तान के फखर जमां और इमाम उल हक (1269) तथा बांग्लादेश के तमीम इकबाल और सौम्य सरकार (1155) ही इन चार वर्षों में मिलकर 1000 से अधिक रन बना पाए हैं।

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इस ओपनर जोड़ी के अलावा भारतीय टीम के पास पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी भी हैं, जिनकी कप्तानी में भारत ने 2011 विश्व कप जीता था। मैदान पर परिस्थितियां कैसी भी हों लेकिन धोनी विचलित नहीं होते। बल्कि धीर और गंभीर रहकर वह ऐसी रणनीतियां बनाते हैं कि विरोधी टीम की सारी योजना धराशायी हो जाती है। निश्चित रूप से मैदान पर धौनी की उपस्थिति से भारतीय टीम को लाभ मिलेगा। कप्तान विराट कोहली किसी भी क्रम में और विपरीत परिस्थिति में बल्लेबाजी कर टीम को जीत की राह पर ले जाने में सक्षम हैं। गेंदबाजों की बात करें तो भारतीय टीम के पास इस समय स्पिन के अलावा तेज गेंदबाजों का भी अच्छा मिश्रण है। भारतीय गेंदबाज बुमराह की घातक गेंदबाजी से दुनिया का हर बल्लेबाज घबरात है। टीम में कुलदीप चहल, मोहम्मद शमी युजवेन्द्र चहल और भुवनेश्वर कुमार भी हैं जो अपनी गेंदगाजी से किसी भी समय खेल का पासा पलटने का मादा रखते हैं। कुल मिला कर भारतीय टीम इस विश्व कप में एक मजबूत चुनौती पेश करने की स्थिति में हैं। इस विश्व में कप्तान विराट कोहली को भी एक कप्तान के तौर पर साबित करने का बेहतरीन मौका है। http://www.satyodaya.com

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इस दिग्गज खिलाड़ी ने कहा- भारत के पास है वर्ल्ड कप जीतने का बेहतरीन मौका…

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मुंबई: आईसीसी विश्व कप को शुरू होने में अब कुछ ही दिन रह गया है। जहां ब्रिटेन में शुरू हो रहे विश्व कप के बारे में चर्चा करते हुए पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर को लगता है कि विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम के पास 30 मई को जीतने के लिए ‘बेहतरीन मौका’ है। भारत 5 जून को साउथम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा।

वहीं दिलीप वेंगसरकर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ‘भारत के पास विश्व कप जीतने का बेहतरीन मौका है। कम से कम सेमीफाइनल तक वे जरूर जाएंगे। लेकिन मैं फाइनल के बारे में कोई भविष्यवाणी नहीं कर सकता। जबकि हमारे पास बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और वे सभी फॉर्म में हैं।

वेंगसरकर मुंबई टी-20 लीग के मेंटोर हैं। मुंबई के क्रिकेट संघ ने आज दूसरे सत्र के शुरुआत की घोषणा की, जो 14 मई से होने वाला है। इस मौके पर लीग के दूत सचिन तेंदुलकर और मेंटोर सुनील गावस्कर भी मौजूद रहे। तेंदुलकर ने लीग की प्रशंसा करते हुए कहा कि टी-20 मुंबई लीग जल्द ही ऐसा बनने जा रहा है जिसमें देश भर के अधिकतर खिलाड़ी भाग लेना चाहेंगे। क्योंकि यहां की क्रिकेट अलग तरह की है और हर कोई इसका हिस्सा बनना चाहता है।http://www.satyodaya.com

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Happy B’day Sachin: वो पल जब एक साथ रोए थे लाखों लोग, जानिए क्रिकेट के भगवान की कहानी…

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फाइल फोटो

क्रिकेट की दुनिया के भगवान कहे जाने वाले मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का आज जन्मदिन है। क्रिकेट में 24 वर्षों तक छाये रहने वाले सचिन तेंदुलकर आज 46 साल के हो गये है। 24 अप्रैल 1973 को दिन में एक बजे मुंबई के शिवाजी पार्क राणाडे रोड स्थित निर्मल नर्सिंग होम में सचिन का जन्म हुआ था। सचिन 16 वर्ष की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाले इस ‘छोटे सचिन’ ने 40 के हो जाने  के बाद ही अपने बल्ले को आराम दिया। इस सफर के दौरान सचिन ने इतने कीर्तिमान रच डाले कि उन्हें ‘क्रिकेट के भगवान’ का दर्जा दे दिया गया। क्रिकेट को धर्म और सचिन को उसका भगवान बताने वाले करोड़ों फैंस के लिए आज का दिन किसी त्योहार से कम नहीं है।

आज हम उनकी विदाई भाषण की कुछ महत्वपूर्ण बात जानेंगे

सचिन ने जिस मैदान से करियर की शुरुआत की थी उसी ग्राउंड पर अपने परिवार और घरेलू दर्शकों के बीच क्रिकेट छोड़ा। मास्टर ब्लास्टर जब आखिरी बार मैदान पर उतरे तो उन्होंने 22 यार्ड की उस पिच को झुककर सलाम किया। वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरा और आखिरी मैच खत्म होने के बाद रवि शास्त्री ने उनसे सवाल पूछने के बजाय, उन्हें ही माइक सौंप दिया।

 सचिन का विदाई भाषण- सबसे पहले मेरे पिता का नाम आता है, जिनकी मृत्यु 1999 में हो गई थी। उस समय मैं लंदन में था जब यह खबर मिली। मेरे बड़े भाई नितिन ज्यादा बोलना पसंद नहीं करते, और उनसे डर भी लगता था। 1990 में मैं जब अंजलि से मिला। धन्यवाद अंजलि, मेरे जीवन के दो अनमोल हीरे, सारा (बेटी) और अर्जुन (बेटा) को जन्म दिया। मेरा करियर शुरू हुआ जब मैं 11 साल का था। मैंने अपने करियर की शुरुआत मुंबई से की थी।

बीसीसीआई भी मेरे करियर के शुरुआत से गजब की समर्थक रही और मैं अपने चयनकर्ताओं को भी धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं अपने फर्ज से चूक जाऊंगा, अगर मैंने अपने डॉक्टर्स को धन्यवाद नहीं किया। मैं मीडिया को धन्यवाद कहना चाहता हूं, जिन्होंने मुझे मेरे स्कूल के दिनों से अब तक कवर किया। मैं अपने दिल से सभी फैंस को धन्यवाद कहना चाहता हूं।

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आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने भारत के लिए 200 टेस्ट मैच, 463 वनडे इंटरनेशनल मैच खेले हैं। उनके नाम टेस्ट और वनडे में 100 शतक दर्ज हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक बनाने वाले तेंदुलकर दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं। इसके अलावा यह सलामी बल्लेबाज क्रिकेट की दुनिया में 34357 रन का पहाड़ खड़ा कर चुका है। इस महान खिलाड़ी ने साल 2013 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया था।

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