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World Liver day : जान पर भी भारी पड़ सकती है लिवर के प्रति लापरवाही, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

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लखनऊ। मानव शरीर का वैसे तो हर अंग महत्वपूर्ण है और हर किसी का अपना अलग रोल है लेकिन दिमाग और लिवर (यकृत) सबसे महत्वपूर्ण हैं। दिमाग जहां पूरे शरीर के क्रिया कलापों को निर्देशित और संचालित करता तो वहीं लिवर इन सभी कार्यों को करने के लिए भोज्य पदार्थों को पचा कर शरीर को ताकत और ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए लिवर को शरीर का इंजन कहें तो कोई अतिश्योक्ति नहीं। पाचन के अलावा लिवर हमारे खून को साफ करता है और विषैले पदार्थों को खून में मिलने से रोकता है। लिवर शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों को निष्क्रिय करता है और प्रोटीन बनाता है जिससे हम रक्तस्त्राव और संक्रमण से बचे रहते हैं। इसके अलावा लिवर विटामिन बी12, ग्लूकोज और आयरन आदि को जमा करने का भी काम करता है।

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किन्हीं कारणों से अगर हमारा लिवर बीमार या कमजोर पड़ जाए तो उसका खामियाजा पूरे शरीर को उठाना पड.ता है। अगर लम्बे समय तक लिवर की बीमारी बनी रहे तो यह हमारे जीवन पर भी भारी पड़ सकती है। इसीलिए लिवर संबंधी बीमारियों के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए हर वर्ष 19 अपै्रल को वर्ल्ड लिवर डे मनाया जाता है। एक जानकारी के मुताबिक लिवर की बीमारी भारत में मौत की 10वीं सबसे बड़ी वजह है। लिवर हमारे सम्पूर्ण पाचन प्रक्रिया का केन्द्र बिन्दु होता है इसलिए आवश्यक है कि लिवर का खास ध्यान रखा जाए। लिवर के रोगों से जुड़ी समस्याओं में लिवर सिरोसिस अहम है। बीमारी ज्यादा बढ़ने पर लिवर ट्रांसप्लांट तक कराना पड़ सकता है। वर्ल्ड लिवर डे पर जानिए क्या है फैटी लिवर बीमारी, इसके लक्षण और बचाव।

क्या है फैटी लिवर बीमारी

जब लिवर में फैट निश्चित मात्रा से अधिक हो जाता है तो उसे फैटी लिवर डिजीज कहते हैं। आमतौर पर लिवर में फैट की मात्रा 5 प्रतिशत से कम होनी चाहिए, लेकिन जब फैट 5 प्रतिशत से अधिक हो जाता है तो खतरा बढ़ जाता है।
लिवर संबंधी बीमारियों को पहचानने के लिए कुछ संकेतों पर ध्यान देना होता है जैसे किसी व्यक्ति को पीलिया हो जाए, अधिक डकार आने लगे, खाना खाने पर पेट फूल जाए और पाचन तंत्र बिगड़ जाए तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। आपको लिवर संबंधी बीमारी हो सकती है।

लिवर फैट को ना करें नजर अंदाज

लिवर के बढ़ते फैट को नजरअंदाज करना आपकी बड़ी गलती साबित हो सकती है। अगर समय पर इसका इलाज नहीं करते हैं, तो कुछ सालों में एक स्टेज आता है जिसमें लिवर सिकुड़ने लगता है। धीरे-धीरे लिवर काम करना बंद कर देता है। ऐसे में शरीर में पानी जमा होने लगता है, नसें फूल जाती हैं और उससे ब्लीडिंग होने का खतरा होता है।
लिवर संबंधी बीमारी का समय पर पता लग जाये तो अच्छी डाइट, नियमित एक्सरसाइज और दवाइयों के जरिए इलाज कर इसे नियंत्रित किया जा सकता है।

आयुर्वेद में मौजूद है लिवर को हेल्दी रखने का उपाय

आयुर्वेद में बीमारियों के उपचार से ज्यादा इस बात पर जोर दिया जाता है कि बीमारियां हो ही नहीं। इसलिए वह स्वस्थ्य लिवर के लिए अच्छी जीवनशैली और संतुलित आहार पर जोर देता है। इसमें फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद, अनाज, प्रोटीन और वसा भी शामिल है। अपने खानपान में महज कुछ बदलाव करके ही हम अपने लिवर को किसी भी तरह के संक्रमण से बचा सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं उन 9 चीजों के बारे में जिनका नियमित रूप से सेवन करने से लिवर की नैचरल तरीके से सफाई हो पाएगी…

लहसुन
लहसुन लिवर में मौजूद विषैले पदार्थों या टॉक्सिंस को हटाने में मदद करता है। वह उन एंजाइम को सक्रिय करता है जो टॉक्सिंस को हटाते हैं। इसके अलावा इसमें एलिसिन का उच्च स्तर होता है जिसमें एंटीऑक्सिडेंट, एंटीबायोटिक और एंटिफंगल गुण होते हैं। इसके अलावा इसमें सेलेनियम भी होता है जो एंटीऑक्सिडेंट की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाता है। ये लिवर को साफ करने में सहायता करते हैं।

गाजर
गाजर में मौजूद विटमिन ए लिवर की बीमारी को रोकता है। इसका जूस लीवर की गर्मी और सूजन को भी कम करता है। लीवर सिरोसिस में पालक व गाजर का मिश्रित रस फायदेमंद साबित होता है। गाजर में इनप्लांट
फ्लेवोनॉयड्स और बीटा-कैरोटीन नामक तत्व भी पाए जाते हैं जो लीवर के सुचारू संचालन में सहयोग करते हैं।
सेब
सेब को संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए ही अच्छा माना जाता है। लिवर के लिए भी सेब बेहद फायदेमंद है। सेब में पेक्टिन होता है जो शरीर को शुद्ध करने और पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है।

अखरोट
अखरोट में एमिनो ऐसिड पाया जाता है जो प्राकृतिक रूप से लिवर को डीटॉक्स करता है इसलिए इसका सेवन करना चाहिए।

ग्रीन टी
ग्रीन टी में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट लिवर के कार्य को बेहतर बनाता है इसलिए दूध की चाय की बजाए ग्रीन टी पीने की आदत आज से ही डालें।

खट्टे फल
विटमिन-सी से भरपूर संतरा, नींबू आदि खट्टे फल लिवर की सफाई करने की क्षमता को बढ़ाते हैं जिससे यह एंजाइम का उत्पादन करता है।

पत्तेदार सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां खून में मौजूद विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करती हैं। इसके अलावा वे शरीर में भारी धातुओं के असर को कम करके लिवर की रक्षा करते हैं। इसलिए जितना हो सके हरी पत्तेदार सब्जियां रोज खाएं। इससे आपकी किडनी की हरियाली हमेशा कायम रहेगी।

हल्दी 

इसके गुण किसी से छिपे नहीं हैं। लिवर के लिए भी यह किसी चमत्कार से कम नहीं है जो हमारे लिवर में होने वाले रैडिकल डैमेज की मात्रा को कम करता है। हल्दी वसा के पाचन में मदद करती है और पित्त का निर्माण करती है, जो हमारे लिवर के लिए प्राकृतिक डीटॉक्सिफायर का काम करता है।

चुकंदरः विटमिन सी का एक अच्छा स्रोत है। यह पित्त को बढ़ाता है और एंजाइमी गतिविधि को बढ़ावा देता है।

लिवर की सामान्य बीमारी से निपटने के घरेलू उपचार

-शहद और गुड़ डाइट में शामिल करें।
-हल्दी एंटीआक्सीडेंट के रूप में काम करती है। सुबह या रात को सोने से पहले एक चम्मच हल्दी को एक गिलास दूध में-घोलकर पीने से लिवर की समस्या में राहत मिलती है।
-सुबह उठें तो 3 से 4 गिलास पानी जरूर पीएं।
-लिवर के मरीज नारियल पानी, शुद्ध गन्ने का रस अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
-सब्जियों का सूप पीएं, अमरूद, तरबूज, नाशपाती, मौसमी, अनार, सेब, पपीता, आलूबुखारा जैसे फल फायदेमंद होते हैं।
-सलाद, अंकुरित दाल और उबला हुआ खाना अधिक मात्रा में खाएं।http://www.satyodaya.com

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भारत की ये 6 जगहें, कम बजट में घूमने के लिए हैं बेहतरीन…

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घूमना-फिरना किसे नहीं पसंद होता, लेकिन हर बार इस शौक को पूरा करने के चक्कर में बजट मेनटेन करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज हम आपको ऐसी कुछ जगहों के बारे में बताएंगे जो घूमने-फिरने के लिहाज से तो बेहतरीन हैं ही साथ ही आपके बजट में भी। महज 5-7 हजार के बीच आप इन खूबसूरत जगहों को कर सकते हैं एक्सप्लोर। जानिए इनके बारे में।

1-अंडरेट्टा

धौलधार पहाड़ियों पर बसा छोटा सा गांव है अंडरेट्टा, जो खूबसूरती के अलावा खासतौर से अपनी कला के लिए जाना जाता है। इसके अलावा अंडरेट्टा आकर आप नोरा सेंटर फॉर आर्ट, अंडरेट्टा पॉटरी एंड क्रॉफ्ट सोसाइटी, नोरा मड हाउस और सर शोभा सिंह आर्ट गैलरी का भी दीदार कर सकते हैं।  कम बजट के साथ ही सुकून से करना चाहते हैं वेकेशन एन्जॉय तो ये जगह है बेहतरीन।

सन् 1930 में नोरा रिचर्ड्स जो एक आइरिश नाट्य कलाकार थीं, अपने पति की मृत्यु के बाद लाहौर से यहां आकर बस गई। इसके बाद उन्होंने इंडियन मॉडर्न आर्ट के जानकार BC Sanyal और प्रोफेसर Jaidayal के साथ मिलकर यहां पॉटरी का काम शुरू किया। तो अगर आप पॉटरी कला की बारीकियों से सीखना चाहते हैं तो यहां गर्मियों में होने वाले 3 महीने का रेसीडेंशियल कोर्स कर सकते हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ से रोजाना यहां के लिए आपको बसें मिल जाएंगी। मानसून सीज़न में हिमाचल जाना सुरक्षित नहीं होता। इसके अलावा आप कभी भी यहां जाने की प्लानिंग कर सकते हैं।

2-बिनसर

बिनसर, बजट ट्रिप के लिए है एकदम परफेक्ट जगह। यहां का मौसम ज्यादातर खुशगवार होता है जो वेकेशन की मौज-मस्ती को करते हैं दोगुना। उत्तराखंड के कुमाऊं पहाड़ी का ये छोटा सा हिल स्टेशन खासतौर से वाइल्डलाइफ सफारी के लिए मशहूर है तो यहां आकर इसे देखना बिल्कुल भी मिस न करें।

यहां तक पहुंचने का सबसे सस्ता और अच्छा ऑप्शन है बस। हालांकि, यहां के लिए डायरेक्ट बस की सुविधा नहीं है। नैनीताल और अल्मोड़ा से यहां के लिए बसें मिलती हैं। जून से दिसंबर तक कभी भी यहां जाने का प्लान किया जा सकता है।

3-मुक्तेश्वर

एडवेंचर का शौक रखते हैं तो ऋषिकेश नहीं इस बार मुक्तेश्वर का बनाएं प्लान। जहां रॉक क्लाइंबिंग से लेकर रैपलिंग, कैंपिंग, पैराग्लाइडिंग और भी कई ऑप्शन्स मौजूद हैं। दिल्ली से काठगोदाम तक की ट्रेन बुक कराएं और वहां से मुक्तेश्वर तक की बस ले सकते हैं। मार्च से जुलाई और अक्टूबर से दिसंबर तक का महीना यहां जाने के लिए है परफेक्ट।

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4-अमृतसर

गोल्डेन टेंपल के लिए मशहूर अमृतसर भी बजट में घूमने-फिरने के लिए है बेस्ट। जलियांवाला बाग हो या वाघा बॉर्डर कहीं भी घूमने के लिए आपको किसी तरह के पैसे नहीं खर्च करने पड़ेंगे। अमृतसर का हर एक जायका इतना लाजवाब होता है कि इन्हें देखकर ही मुंह में पानी आ जाएं। सबसे अच्छी बात कि इसके लिए आपको बहुत ज्यादा जेब भी नहीं ढीली करनी पड़ती। दिल्ली से अमृतसर के लिए लगातार बसें चलती हैं जो यहां तक पहुंचने का सस्ता और सुगम माध्यम हैं। वैसे यहां तक पहुंचने के लिए ट्रेनें भी अवेलेबल हैं। अक्टूबर से अप्रैल के बीच यहां जाने का प्लान बनाएं।

5-जयपुर

राजस्थान का जयपुर भी दो से तीन घूमने के लिए है बेस्ट डेस्टिनेशन। राजस्थान हमेशा से ही अपनी अनोखी संस्कृति के लिए मशहूर रहा है जिसे देखने और इसका हिस्सा बनने देश-विदेश से सैलानियों की भीड़ जुटती है। शॉपिंग से लेकर खाने-पीने तक का हर एक शौक यहां आकर कर सकते हैं पूरा। दिल्ली से 5 घंटे की दूरी तय करके आप इस खूबसूरत जगह पहुंच सकते हैं। अक्टबूर से मार्च के बीच यहां जाने का करें प्लान।

मांडू

विंध्याचल पर्वतमाला के बीच बसी है मध्य प्रदेश की नगरी मांडू। प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और वास्तुशिल्प के बेजोड़ संगम की वजह से यह ‘मालवा का स्वर्ग’ कहलाता है। वैसे तो यहां पूरे साल पर्यटकों का तांता लगा रहता है, पर बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच यह और खिल जाता है। मेघालय के मासिनराम व चेरापूंजी और अरुणाचल प्रदेश स्थित जीरो वैली की भी खूब चर्चा होती है पर ऐसे कई इलाके हैं जो खासतौर पर बारिश में अलग रंग में रंग जाते हैं। ऐसा ही क्षेत्र है मध्य प्रदेश का मांडू। मध्य प्रदेश जाने के लिए ट्रेन का ऑप्शन है बेस्ट। अक्टूबर से फरवरी तक का महीना यहां की खूबसूरती को एक्सप्लोर करने के लिए है बेस्ट।http://www.satyodaya.com

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बस सोने से पहले दूध में मिलाकर पी लें ये चीज, बढ़ जाएगा स्‍टेमिना और होगी इन बीमारियों की छुट्टी

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लखनऊ। घी सेहत के लिहाज से काफी अच्छा माना जाता है। यह ना सिर्फ आपके खाने के स्वाद को बढ़ाता है बल्कि वजन भी तेजी से कम करने में सहायक होता है। घी में विटामिन ए, के2, ई, डी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मिनरल्स, पोटैशियम जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो आपके शरीर के लिए बहुत जरूरी हैं।

आयुर्वेद के अनुसार यदि घी को दूध में डाल कर पिया जाए तो यह कई रोगों की छुट्टी कर सकती है। इस मिश्रण का सेवन उन बच्‍चों के लिये काफी अच्‍छा होता है जो काफी दौड़-धूप करते हैं। घी वाला दूध पीने से हड्डियां मजबूत बनती हैं। यही नहीं वे लोग जिन्‍हें कब्‍ज की समस्‍या है उनके लिये यह दूध किसी अमृत से कम नहीं। यहां जानें दूध में घी मिला कर पीने के जबरदस्‍त फायदे-

पेट के लिये फायदेमंद
यदि आपको कब्‍ज की समस्‍या है तो दूध में घी डाल कर जरूर पिएं। इससे ब्‍यूट्रिक एसिड पाया जाता है जो पाचन एंजाइम को बढ़ाता है। यदि आपकी पाचन क्रिया कमजोर है तो आपको रात में सोने से पहले यह दूध जरूर पीना चाहिये।

मेटाबॉलिज्‍म बढ़ाए
दूध और घी का का मिश्रण मेटाबॉलिज्‍म को बेहतर बनाने और आपके शरीर को ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने में मदद कर सकता है। यह शरीर से सभी हानिकारक विषाक्त पदार्थों को निकालकर सिस्टम को डिटॉक्स करता है।

स्‍टेमिना बढाने में मदद करे
यदि आप लगातार अधिक काम के कारण थकान महसूस करते हैं, तो आपको यह दूध पीना चाहिए क्योंकि यह आपको अत्यधिक शारीरिक गतिविधियों को करने के लिए एनर्जी प्रदान करेगा।

जोड़ों का दर्द होता है दूर
अगर आप जोड़ों के दर्द से पीड़ित हैं और इससे जल्द छुटकारा पाना चाहते हैं, तो आपको घी और दूध का एक साथ सेवन करना चाहिए। घी जोड़ों में सूजन को कम करने में मदद करता है और दूसरी ओर दूध हड्डियों को मजबूत करता है। तो, अगली बार जब आप जोड़ों के मुद्दों का सामना कर रहे हैं, तो बस एक गिलास दूध में एक चम्मच घी मिलाएं और इसे कुछ दिनों तक पीएं।

कमजोरी होती है दूर
यदि आप लगातार अधिक काम के कारण थका हुआ महसूस करते हैं, तो आपको इस पेय का सेवन करना चाहिए। यह आपको कठोर शारीरिक गतिविधियों को करने के लिए बहुत सहनशक्ति और शक्ति प्रदान करता है।

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भारत में तेजी से बढ़ रही है Quinoa की डिमांड, जानिए इसे खाने के फायदे

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लखनऊ। क्विनोआ खाने का क्रेज भारत के लोगों में तेजी से बढ़ता जा रहा है। हालांकि यह आसानी से तो नहीं, लेकिन मॉल्स में खुले फूड आउटलेट्स में मिल जाता है। वहीं कुछ ई कॉमर्स वेबसाइट्स भी क्विनोआ बेच रही हैं। इसमें मौजूद एंटी-कैंसर और एंटी-एजिंग गुण भी होते हैं जो कैंसर के साथ बढ़ती उम्र की समस्या को भी कम करते हैं। चलिए आपको बताते हैं क्विनोआ खाने के फायदे और सही तरीका।

अमेरिका में क्विनोआ का इस्तेमाल केक बनाने के लिए किया जाता है लेकिन आप इसकी रोटी बनाकर ब्रेकफास्ट या लंच में ले सकते हैं। इसके अलावा क्विनोआ का उपमा, पोहा भी सेहत के लिए फायदेमंद होता है, जिसे आप नाश्ते में ले सकते हैं। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो क्विनोआ सैलेद का सेवन कर सकते हैं।

शोध के मुताबिक, अन्य अनाज के मुकाबले क्विनोआ तेजी से वजन घटाता है। दरअसल, इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच जाते हैं और आपको वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

हाई फाइबर से भरपूर होने के कारण इसका सेवन ब्लड शुगर और कोलेस्‍ट्रॉल लेवल को भी कंट्रोल में रखता है। इसके अलावा यह बॉडी में ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करके रखता है।

यह एक ऐसा ग्लूटेन फ्री अनाज है, जिसमें 9 तरह के अमिनो एसिड होते हैं। ऐसे में जिन लोगों को अनाज से एलर्जी होती है उनके लिए यह बेस्ट ऑप्शन है। साथ ही अगर आपको पेट या कब्ज की समस्या रहती हैं तो इसका सेवन आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

प्रोटीन से भरपूर होने के कारण इसका सेवन हड्डियों को भी मजबूत बनाता है। इसमें पोटैशियम, मैग्नीशियम और कैल्शियम भी ज्यादा मात्रा में होते हैं, जोकि हड्डियों को स्ट्रांग बनाने में मदद करते हैं।

मैग्‍न‍ीशियम से भरपूर होने के कारण रोजाना क्विनोआ का सेवन आपको हार्ट डिजीज से बचाता है। इसके अलावा यह ब्‍लड प्रैशर को भी कंट्रोल रखता है।

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July 1, 2019, 7:41 am
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