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टेक्नोलॉजी

वॉट्सऐप तेजी से कम कर रहा है मोबाइल की बैटरी! जानिए वजह…

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लखनऊ। वनप्लस या शाओमी के स्मार्टफोन यूजर्स को इस वक्त वॉट्सऐप ने परेशान कर दिया है। इन स्मार्टफोन को यूज करने वाले जिन लोगों ने भी मेसेजिंग प्लेटफॉर्म वॉट्सऐप का लेटेस्ट वर्जन अपडेट किया है, उनकी बैटरी जल्दी खत्म हो रही है। कई यूजर्स ने सोशल साइट Reddit, OnePlus फोरम और गूगल प्ले स्टोर पर शिकायत की है कि उनके डिवाइस की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है। हालांकि, अभी तक कंपनी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है कि कैसे लेटेस्ट अपडेट का असर डवाइसेज की बैटरी लाइफ पर पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये मामला सबसे पहले तब सामने आया जब यूजर्स ने वॉट्सऐप का लेटेस्ट वर्जन अपनी डिवाइस में इंस्टॉल किया। वॉट्सऐप वर्जन नंबर 2.19.308 अपडेट हाल ही में यूजर्स के लिए आया है। इस अपडेट से जुड़ा बैटरी बग वनप्लस के सभी स्मार्टफोन्स पर भी असर डाल रहा है और डिवाइसेज की बैटरी तेजी से खत्म हो रही है। इस रेंज में OnePlus 7T सीरीज के डिवाइस भी शामिल हैं, जो ऐंड्रॉयड 9.0 पाई और ऐंड्रॉयड 10 ओएस पर काम कर रहे हैं।

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कहा जा रहा है कि इस लेटेस्ट वर्जन से वॉट्सऐप 40 फीसदी तक ज्यादा डिवाइस की बैटरी यूज कर रहा है। यही नहीं, बैकग्राउंड प्रोसेस लिमिट करने का असर भी बैटरी ड्रेनिंग पर नहीं पड़ा और यह समस्या खत्म नहीं हुई। एक यूजर ने लिखा कि ‘बैटरी यूजेस ओवरव्यू में 2 घंटे में ही 25 प्रतिशत बैटरी इस्तेमाल की गई है, जबकि मैंने यह बात सामने आने के बाद ही बैकग्राउंड ऐक्टिविटी रिस्ट्रिक्ट कर दी थी।’  इस मामले पर अबतक कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। न ही वॉट्सऐप की तरफ से कोई सफाई आई और न ही स्मार्टफोन ब्राड्स की तरफ से कुछ बताया गया। हालांकि, लोगों को उम्मीद है कि वॉट्सऐप की ओर से जल्द ही इस खामी को पैच कर दिया जाएगा और सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसे फिक्स किया जा सकता है।http://www.satyodaya.com

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क्या चीनी साइबर हमले के लिए तैयार है भारत! जानिए कैसा है हमारा साइबर सुरक्षा तंत्र

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लखनऊ। गलवान घाटी में भारतीय सेना पर बर्बर हमले के बाद अब चीनी हैकर भारत पर साइबर हमले की फिराक में हैं। साइबर इंटेलिजेंस फर्म साइफर्मा की चेतावनी के बाद अब कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-IN) ने भी भारत को सतर्क किया है। CERT-IN भारत पर होने वाले साइबर हमलों से निपटने वाली कंपनी है। ऐसी खबरें हैं कि चाइनीज हैकरर्स ने भारत में हैकिंग की हिट लिस्ट तैयार की है। यह हमला रविवार यानी आज से शुरू हो सकता है। साइफर्मा के अनुसार डार्क वेब पर कुछ लोगों को चीनी भाषा मंदारिन कंटोनीस में भारत को सबक सिखाने की बात करते हुए सुना गया है।

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साइबर इंटेलिजेंस के भारत के प्रमुख मीडिया समूह चीनी हैकरों के निशाने पर है। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, फार्मा कंपनियां, एक टायर कंपनी, बीएसएनएल, जियो, टेलीकाॅम ऑपरेटर्स आदि कंपनियों पर भी साइबर अटैक हो सकता है।

चीनी सेना से जुड़े हैं हैकिंग ग्रुप

साइफर्मा के अनुसार चीनी हैकिंग ग्रुप में प्रमुख रूप से गोथिक पांडा और सटोन पांडा शामिल हैं। यह दोनों हैकिंग समूह सीधी चीनी सेना से जुड़े हुए हैं। यह चीनी के दुश्मन देशों पर जैसे कि भारत, अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान आदि देशों पर साइबर हमले की योजना बनाते रहते हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के सरकारी व निजी क्षेत्रों पर बड़ा साइबर अटैक हुआ है। इस हमले के पीछे भी चीनी हैकर्स पर शक जताया जा रहा है।

कैसे होगा हमला

साइफर्मा के अनुसार चीनी हैकरर्स भारतीय कंपनियों व सरकारी एजेंसियों पर ई-मेल के जरिए निशाना बना सकते हैं। संदेहास्पद ई-मेल आईडी भेजी जा सकती है। सरकार के नाम वाली आईडी से भेजा जा सकता है। ncov2019@gov.in से संदेहास्पद मेल भेजा जा सकता है।

भारत की कैसी है स्थिति

आईटी सेक्टर का दिग्गज होने के बावजूद भारत का साइबर सुरक्षा तंत्र काफी कमजोर है। जानकारों के मुताबिक अब दुनिया के हर देश की सेना के पास साइबर हमलों से निपटने के लिए अलग से साइबर सेना होती है। जानकारों के मुताबिक भारत इस वक्त साइबर हमले के नाजुक दौर से गुजर रहा है। देश में लंबे समय से एक इंटीग्रेटेड साइबर कमांड बनाने की कवायद चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस योजना अमल में नहीं आ सकी है।

कई एजेंसियों व प्राइवेट वेंडरों के हाथ में साइबर सुरक्षा

जानकारों के मुताबिक भारत सरकार साइबर हमलों से निपटने के लिए कई एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। एक इंटीग्रेटेड साइबर कमांड के अभाव में चीनी हैकर्स से निपटना काफी मुश्किल हो सकता है। साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में काम कर रही एजेंसियों में अधिकतर प्राइवेट वेंडर काम करते हैं। इन प्राइवेट वेंडर्स के पास न तो ज्यादा जानकारी होती है और न ही यह उतनी मुस्तैदी से अपने काम को अंजाम दे पाते हैं। ऐसी स्थिति में भारत पर बड.े साइबर हमले की स्थिति में पूरे देश में स्थिति को काबू में करने के लिए किसी सक्षम एजेंसी का अभाव है।

नई साइबर सुरक्षा नीति का इंतजार

इस साल मार्च में हुई 6वीं साइबर सुरक्षा इंडिया समिट-2020 में पीएमओ के राष्ट्रीय सुरक्षा समन्वयक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. राजेश पंत ने कहा था कि भारत जल्द ही नई साइबर सुरक्षा नीति का ऐलान करेगा। बता दें कि भारत में पहली बार मोदी सरकार ने डॉ. गुलशन राय को साइबर सिक्योरिटी चीफ के रूप में नियुक्ति दी थी। डॉ. गुलशन राय के रिटायर होने के बाद भारत सरकार ने देश में काम कर रहीं तमाम साइबर सिक्योरिटी एजेंसियों के बीच तालमेल बिठाने के लिए ले. जनरल (रिटायर्ड) राजेश पंत को नेशनल साइबर सिक्योरिटी कोआॅर्डिनेटर बनाया है।http://www.satyodaya.com

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अब 160 रुपए मासिक शुल्क में ज्यादा चैनलों का आनंद ले सकेंगे केबल टीवी ग्राहक

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नयी दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने भारतीय उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को ट्राई ने केबल और प्रसारण सेवाओं के लिए नई नियामकीय रूपरेखा जारी की। जिसके तहत अब केबल टीवी के ग्राहक अब कम कीमत में अधिक चैनलों का आंनद ले सकेंगे। खास बात यह है कि नियामक ने उपभोक्ताओं द्वारा सभी ‘फ्री टू एयर’ चैनलों के लिए दिए जाने वाले मासिक शुल्क की सीमा 160 रुपये तय कर दी है। ट्राई ने बयान में कहा कि कई टीवी वाले घर यानी जहां एक से अधिक टीवी कनेक्शन एक व्यक्ति के नाम पर हैं, वहां दूसरे और अतिरिक्त टीवी कनेक्शनों के लिए घोषित नेटवर्क क्षमता शुल्क (एनसीएफ) का अधिक 40 प्रतिशत तक लिया जाएगा।

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विभिन्न प्रावधानों की समीक्षा के बाद ट्राई ने 200 चैनलों के लिए अधिकतम एनसीएफ शुल्क (कर रहित) को घटाकर 130 रुपये कर दिया है। इसके अलावा नियामक ने फैसला किया है कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जिन चैनलों को अनिवार्य घोषित किया है, उन्हें एनसीएफ चैनलों की संख्या में नहीं गिना जाएगा। इसके अलावा ट्राई ने वितरण प्लेटफार्म परिचालकों (डीपीओ) को लंबी अवधि यानी छह महीने अथवा अधिक के सब्सक्रिप्शन पर रियायत देने की भी अनुमति दे दी है।http://www.satyodaya.com

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नए साल से पुराने स्मार्टफोन पर व्हाट्सएप नहीं करेगा काम

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लखनऊ। नया साल शुरू होने में कुछ ही घंटे शेष बचे है। लोग खुशियां मना रहे है और नया साल आने का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे में उन लोगो की खुशियों पर ग्रहण लग जाएंगे। जो अभी तक पुराने मोबाइल पर व्हाट्सएप चला रहे थे। फेसबुक के स्वामित्व वाला व्हाट्सएप वैश्विक स्तर पर लाखों पुराने मोबाइल डिवाइसों पर काम नहीं करेगा। कंपनी ने ऐसे फोन के लिए सपोर्ट जारी नही करने का फैसला किया है। फेसबुक ने कहा है कि 31 दिसंबर के बाद से यूजर्स विंडोज फोन पर कभी भी व्हाट्सएप नहीं चला पाएंगे।

कंपनी ने कहा है कि आने वाले नए साल यानि 1 जनवरी से व्हाट्सएप लाखों मोबाइल पर काम करना बंद कर देगा। पुराने डिवाइसों के लिए कंपनी ने सपोर्ट जारी नहीं करने का फैसला किया है।

फेसबुक के एक अधिकारी ने बताया कि आईओएस 8 या उससे अधिक पुराने किसी भी आईफोन पर व्हाट्सएप सपोर्ट नहीं करेगा। इसके साथ ही एंड्रॉयड के 2.3.7 संस्करण वाले या इससे अधिक पुराने डिवाइस पर यह काम नहीं करेगा। सोशल नेटवर्किंग ने कहा कि व्हाट्सएप 31 दिसंबर 2019 के बाद से सभी विंडोज फोन से सपोर्ट वापस ले रहा है। इसी महीने से माइक्रोसॉफ्ट भी अपने विंडोज 10 मोबाइल ओएस से सपोर्ट खत्म कर रहा है।

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बता दें कि मैसेंजर सर्विस प्लेटफॉर्म को अपनी अन्य सर्विस मैसेंजर और इंस्टाग्राम में एकीकृत करने के लक्ष्य के साथ फेसबुक ने व्हाट्सएप को वर्ष 2014 में 19 अरब डॉलर की कीमत में खरीदा था।http://www.satyodaya.com

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July 5, 2020, 9:14 am
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